Cracked Heels: बदलते मौसम, धूल-मिट्टी और शरीर में नमी की कमी के कारण फटी एड़ियों की समस्या तेजी से बढ़ रही है। खासकर महिलाओं को इस परेशानी का ज्यादा सामना करना पड़ता है।
बाजार में मिलने वाली कई क्रीम और लोशन इस्तेमाल करने के बाद भी लोगों को स्थायी राहत नहीं मिलती।
ऐसे में महिलाएं फिर से पुराने घरेलू उपायों की ओर लौट रही हैं। दादी-नानी के समय से चले आ रहे आसान और सस्ते नुस्खे आज भी काफी असरदार साबित हो रहे हैं।
घरेलू उपाय से मिल रही राहत
फटी एड़ियों की समस्या से परेशान कई महिलाओं का कहना है कि महंगी क्रीम और दवाइयों से ज्यादा फायदा नहीं मिला।
इसके बाद उन्होंने घरेलू नुस्खों को अपनाना शुरू किया, जिससे धीरे-धीरे एड़ियों की दरारें कम होने लगीं।
महिलाओं के अनुसार यह उपाय पूरी तरह प्राकृतिक है और इसमें घर में आसानी से मिलने वाली चीजों का इस्तेमाल किया जाता है। यही वजह है कि इसे अपनाने में ज्यादा खर्च भी नहीं आता।
एलोवेरा और विटामिन ई का होता है इस्तेमाल
इस घरेलू नुस्खे में मुख्य रूप से एलोवेरा और विटामिन ई का उपयोग किया जाता है। सबसे पहले एलोवेरा की ताजी पत्ती ली जाती है।
पत्ती को काटने के बाद उसमें मौजूद पीले रंग का कड़वा रस निकाल दिया जाता है, क्योंकि यह त्वचा पर जलन पैदा कर सकता है।
इसके बाद एलोवेरा को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें।
फिर एलोवेरा को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर उसमें विटामिन ई कैप्सूल का तेल मिलाया जाता है।
इससे एक प्राकृतिक मॉइश्चराइजिंग मिश्रण तैयार हो जाता है, जो त्वचा को गहराई से पोषण देने का काम करता है।
इस्तेमाल करने का सही तरीका
इस उपाय को अपनाने से पहले पैरों को अच्छी तरह साफ करना जरूरी होता है। गुनगुने पानी से पैर धोने के बाद उन्हें सूखे कपड़े से पोंछ के सुखा ले।
इसके बाद एलोवेरा और विटामिन ई के मिश्रण को फटी एड़ियों पर हल्के हाथों से लगाएं और कुछ मिनट तक मसाज करें
सुबह इस मिश्रण को लगाने से पूरे दिन पैरों में नमी बनी रहती है। वहीं रात में सोने से पहले इसे दोबारा लगाने से एड़ियां पूरी रात मॉइश्चराइज रहती हैं।
नियमित रूप से इसका इस्तेमाल करने पर कुछ ही दिनों में एड़ियों की दरारें कम होने लगती हैं और त्वचा मुलायम महसूस होने लगती है।
प्राकृतिक उपायों पर बढ़ रहा भरोसा
ग्रामीण और शहरी इलाकों में अब कई महिलाएं फिर से घरेलू उपायों पर भरोसा जता रही हैं।
उनका मानना है कि प्राकृतिक चीजों से किया गया उपचार त्वचा के लिए ज्यादा सुरक्षित होता है और इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता।
एलोवेरा में मौजूद प्राकृतिक गुण त्वचा को ठंडक और नमी प्रदान करते हैं, जबकि विटामिन ई त्वचा की मरम्मत करने में मदद करता है।
यही वजह है कि लोग अब महंगी क्रीम छोड़कर पुराने घरेलू नुस्खों को अपनाने लगे हैं।

