Wednesday, January 21, 2026

घरवापसी: हनीट्रैप जिहाद में फंसकर मुस्लिम बने युवक की मंत्री विश्वास सारंग ने कराई घरवापसी

मध्यप्रदेश के मंत्री की उपस्थिति में हुई घरवापसी

भोपाल में शुभम गोस्वामी नामक युवक, जिसे कभी अमन खान बनाकर मुस्लिम धर्म में ले जाया गया था, मंत्रोच्चारण और वैदिक विधि के साथ पुनः हिंदू धर्म में लौट आया।

यह प्रक्रिया मध्यप्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ. विश्वास सारंग व स्थानीय धर्माचार्यों की उपस्थिति में सम्पन्न हुई और इसके बाद पूरा प्रकरण राज्यभर में चर्चा का विषय बन गया।

मुस्लिम मजहब में किया गया धर्मांतरण

शुभम ने बताया कि उसके मुस्लिम बनने की कहानी साधारण प्रेम प्रसंग नहीं थी बल्कि योजनाबद्ध तरीके से उसे फँसाया गया था।

वह सुमेरा खान नामक लड़की के संपर्क में आया जिसने प्रेम संबंध का लालच देकर उसे धर्म परिवर्तन के लिए मानसिक रूप से प्रभावित किया।

रिवर्स लव जिहाद का आरोप और कथित तरीक़े

शुभम के अनुसार, सुमेरा खान ने उसे विश्वास में लेने के लिए प्रेम का नाटक किया और शादी के वादे के बदले उससे मुस्लिम धर्म अपनाने की मांग की।

आरोप है कि अवधि के भीतर उसे मांस खिलाया गया, उसका नाम बदलकर अमन खान रखा गया और उससे कहा गया कि धर्म बदलने पर ही संबंध आगे बढ़ सकेंगे।

धर्म परिवर्तन के बाद छल का नया मोड़

शुभम का कहना है कि जब वह मुस्लिम बन गया तो सुमेरा खान ने उसे छोड़ दिया और एक अन्य हिंदू युवक को फँसाने लगी। आरोप है कि वह दूसरा युवक भी धर्म परिवर्तन कराने की योजना के तहत निशाने पर था और इस घटनाक्रम ने शुभम के लिए संदेह की स्थिति और स्पष्ट कर दी।

मीडिया में खुलासे और पुलिस की कार्रवाई

शुभम ने मीडिया के सामने पूरी कहानी बयान की, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। शुरुआती पूछताछ में सुमेरा खान की गिरफ्तारी हुई और फिर उससे जुड़े नेटवर्क की परतें खुलती चली गईं। जांच में स्पष्ट हुआ कि यह एक अकेली घटना नहीं थी बल्कि सुनियोजित गतिविधि का हिस्सा था।

गिरोह का संचालन और प्रशिक्षण का खुलासा

पुलिस जांच में उजागर हुआ कि इस मामले के पीछे एक मौलवी द्वारा संचालित बड़ा रैकेट काम कर रहा था। इस रैकेट में 14 लोग शामिल थे और मौलवी ने लगभग आठ मुस्लिम लड़कियों को विशेष प्रशिक्षण दिया था कि कैसे हिंदू युवकों को भावनात्मक, मानसिक और शारीरिक प्रभाव में लाकर धर्म परिवर्तन कराया जाए।

धर्म परिवर्तन के लिए कथित रणनीतियां

जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह से जुड़ी युवतियों को यह सिखाया गया था कि प्रेम जाल बिछाकर, मानसिक रूप से प्रभावित कर, आवश्यकता पड़ने पर यौन संबंध तक बनाकर हिंदू युवकों को मुस्लिम बनाने का अभियान चलाना है। इस आरोप ने प्रकरण को और अधिक गंभीर बना दिया।

राज्य सरकार की सक्रिय उपस्थिति और आगे की स्थिति

पुनः घरवापसी कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग स्वयं मौजूद रहे। उन्होंने शुभम से पूरे गिरोह की गतिविधियों पर विस्तृत जानकारी ली और पुष्टि की कि सभी 14 आरोपी अब जेल में हैं। इस कार्रवाई ने मामले को राज्य स्तर पर संवेदनशील सुरक्षा और सामाजिक चिंताओं से जोड़ दिया।

सामाजिक विमर्श और व्यापक चिंतन की दिशा

इस प्रकरण ने सामाजिक और धार्मिक स्तर पर गहरी चिंता पैदा की है। लोगों के बीच यह प्रश्न उभर रहा है कि इतनी संगठित रूप से संचालित सोच और तैयारी के बीच समाज को किस प्रकार सजग रहना चाहिए।

घरवापसी में देवल स्मृति की अपनाई गई प्रक्रिया

महामंडलेश्वर स्वामी पद्मनाभशरणदेवाचार्य महाराज ने बताया कि युवक की देवल स्मृति के विधि विधान से घरवापसी कराई गई। कोई भी यदि हिन्दू बनकर घरवापसी करना चाहता है तो देवल स्मृति की विधि से हिन्दू बन सकता है।

गौरतलब है कि अखिल भारतीय विद्वत्परिषद् वाराणसी से डॉ. कामेश्वर उपाध्याय द्वारा देवल स्मृति का हिंदी अनुवाद और एकदम सरल विधि विधान 2022 में प्रकाशित करवाया गया था। इसके पहले हिंदी में विधि न होने से लोगों को घरवापसी में समस्या आती थी।

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Mudit
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लेखक 'भारतीय ज्ञान परंपरा' के अध्येता हैं। वे पिछले एक दशक से सार्वजनिक विमर्श पर विश्लेषणात्मक लेखन कर रहे हैं। सांस्कृतिक सन्दर्भ में समाज, राजनीति, विचारधारा, शिक्षा, धर्म और इतिहास के प्रमुख प्रश्नों के रिसर्च बेस्ड प्रस्तुतिकरण और समाधान में वे पारंगत हैं। वे 'द पैम्फलेट' में दो वर्ष कार्य कर चुके हैं। वे विषयों को केवल घटना के स्तर पर नहीं, बल्कि उनके ऐतिहासिक आधार, वैचारिक पृष्ठभूमि और दीर्घकालीन प्रभाव के स्तर पर परखते हैं। इसी कारण उनके राष्ट्रवादी लेख पाठक को नई दृष्टि और वैचारिक स्पष्टता भी देते हैं। इतिहास, धर्म और संस्कृति पर उनकी पकड़ व्यापक है। उनके प्रामाणिक लेख अनेक मौकों पर राष्ट्रीय विमर्श की दिशा में परिवर्तनकारी सिद्ध हुए हैं। उनका शोधपरक लेखन सार्वजनिक संवाद को अधिक तथ्यपरक और अर्थपूर्ण बनाने पर केंद्रित है।
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