मज़हबी ने ‘साहिल’ बनकर हिन्दू युवती को फंसाया: दिल्ली के जामिया नगर क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने मानवता को झकझोर कर रख दिया है।
एक दलित हिंदू युवती ने आरोप लगाया है कि उसे सोशल मीडिया पर झूठी पहचान बनाकर प्रेमजाल में फंसाया गया, फिर उसका अपहरण कर न केवल दुष्कर्म किया गया बल्कि जबरन धर्मांतरण, निकाह और शारीरिक-मानसिक प्रताड़ना का भी शिकार बनाया गया।
पीड़िता की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने मुख्य आरोपित फहीम, उसके माता-पिता, भाई और एक मौलवी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले में दो अन्य आरोपित अभी फरार बताए जा रहे हैं।
इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती, फिर शुरू हुआ साजिश का खेल
पीड़िता के अनुसार, नवंबर 2021 में इंस्टाग्राम पर उसकी मुलाकात ‘साहिल’ नाम के युवक से हुई थी। युवक ने खुद को हिंदू बताकर उससे दोस्ती की और धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ने लगी।
युवती का आरोप है कि मार्च 2022 में युवक ने उसे दिल्ली के बाटला हाउस बुलाया, जहां वह उसे अपने एक दोस्त के फ्लैट पर ले गया।
युवती का कहना है कि वहां उसे नशीला पदार्थ मिलाकर जूस पिलाया गया। होश आने पर उसे पता चला कि उसके साथ दुष्कर्म किया गया है।
आरोप है कि इस दौरान उसका वीडियो भी बना लिया गया और बाद में उसे वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया जाने लगा।
पिस्टल के बल पर मेरठ ले जाकर खुली असली पहचान
कुछ समय बाद आरोपित ने दोबारा युवती को दिल्ली बुलाया। पीड़िता का आरोप है कि इस बार उसे हथियार दिखाकर डराया गया और जबरन मेरठ के सठला गांव ले जाया गया।
वहां पहुंचकर उसे पता चला कि जिसे वह साहिल समझ रही थी, उसका असली नाम फहीम है। युवती ने आरोप लगाया कि गांव पहुंचने के बाद उसके साथ लगातार मारपीट और अत्याचार किए गए।
उसने बताया कि फहीम के परिवार के अन्य सदस्य भी इस पूरे घटनाक्रम में शामिल थे और उसे घर में बंधक बनाकर रखा गया।
मदरसे में ले जाकर कराया गया जबरन निकाह
पीड़िता का आरोप है कि बाद में उसे एक मदरसे में ले जाया गया, जहां मौजूद मौलवी ने उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। युवती का कहना है कि उसकी इच्छा के विरुद्ध फहीम के साथ निकाह कराया गया।
निकाह के बाद उस पर बुर्का पहनने, पांच वक्त की नमाज पढ़ने और धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करने का दबाव बनाया गया।
विरोध करने पर उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उसे जबरन गोमांस खाने के लिए मजबूर किया जाता था।
जबरन शोषण और देह व्यापार में धकेलने के आरोप
पीड़िता ने अपनी शिकायत में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि निकाह के बाद उसकी सास और परिवार के अन्य सदस्यों ने उसे देह व्यापार के लिए मजबूर किया।
उसने आरोप लगाया कि घर पर आने वाले कई लोगों द्वारा उसका शोषण किया गया और विरोध करने पर उसे धमकियां दी जाती थीं।
युवती के अनुसार, उसे लगातार यह कहकर डराया जाता था कि यदि उसने किसी को कुछ बताया तो उसकी और उसके परिवार की जान को खतरा हो सकता है।
बेटी के जन्म के बाद भी नहीं रुका उत्पीड़न
मज़हबी ने ‘साहिल’ बनकर हिन्दू युवती को फंसाया: पीड़िता ने बताया कि अत्याचारों के बीच वह गर्भवती हो गई और मार्च 2023 में उसने एक बेटी को जन्म दिया। इस दौरान भी उसकी स्थिति में कोई सुधार नहीं आया।
आरोप है कि स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों की मदद से उसके दस्तावेजों में भी बदलाव करवाने की कोशिश की गई।
नवंबर 2024 में फहीम उसे लेकर दिल्ली आया, लेकिन बाद में वह एक अन्य मामले में जेल चला गया। इसके बाद पीड़िता किसी तरह अपने मायके पहुंची, लेकिन वहां भी उसे अपेक्षित सहारा नहीं मिला।
आत्महत्या की कोशिश से पहले मिली नई उम्मीद
पीड़िता का कहना है कि लगातार प्रताड़ना और सामाजिक उपेक्षा से परेशान होकर वह अपनी तीन वर्षीय बेटी के साथ आत्महत्या करने का मन बना चुकी थी।
10 मई को वह ट्रेन के सामने कूदकर जान देने जा रही थी, लेकिन एक अजनबी व्यक्ति ने उसे रोक लिया और पुलिस तक पहुंचने की सलाह दी।
इसके बाद उसने जामिया नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस जांच जारी, कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज
मज़हबी ने ‘साहिल’ बनकर हिन्दू युवती को फंसाया: दिल्ली पुलिस के अनुसार, मामले में अपहरण, दुष्कर्म, जबरन धर्मांतरण, आपराधिक धमकी और अन्य गंभीर आरोपों के तहत केस दर्ज किया गया है।
अब तक पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो अन्य आरोपितों की तलाश जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पीड़िता को सुरक्षा और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी जारी है।
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