Tuesday, July 28, 2026

Commonwealth Games 2026: ग्लासगो में भारत का शानदार प्रदर्शन, दो गोल्ड समेत 10 पदक जीतकर देश ने बढ़ाया गौरव

Commonwealth Games 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रतियोगिता के पांचवें दिन तक भारत ने कुल 10 पदक अपने नाम कर लिए हैं।

इनमें 2 स्वर्ण, 5 रजत और 3 कांस्य पदक शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शानदार शुरुआत के दम पर भारत पदक तालिका में शीर्ष देशों में अपनी मजबूत जगह बनाए हुए है।

भारत इस बार अपने 19वें कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा ले रहा है। देश की ओर से 122 खिलाड़ियों का दल 10 अलग-अलग खेलों में भाग ले रहा है।

शुरुआती पांच दिनों में भारतीय खिलाड़ियों ने खासतौर पर वेटलिफ्टिंग, पैरा एथलेटिक्स और ट्रैक एंड फील्ड में शानदार प्रदर्शन किया है।

वहीं मुक्केबाजी समेत अन्य खेलों में भी भारतीय खिलाड़ी आगे बढ़ते हुए पदकों की मजबूत दावेदारी पेश कर रहे हैं।

मीराबाई चानू ने लगातार तीसरी बार जीता स्वर्ण पदक

भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने 26 जुलाई को महिला 48 किलोग्राम वर्ग में जीतकर दिलाया।

उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार तीसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स का स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मीराबाई चानू ने कुल 190 किलोग्राम वजन उठाकर नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया।

उन्होंने स्नैच में 85 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 105 किलोग्राम वजन उठाया। उन्होंने दूसरे स्थान पर रहीं खिलाड़ी को 22 किलोग्राम के बड़े अंतर से हराया।

पदक जीतने के बाद मीराबाई चानू ने कहा कि लगातार तीसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतना उनके लिए बेहद खास और भावुक पल है।

उन्होंने इस जीत का श्रेय अपने परिवार, कोच और देशवासियों के समर्थन को दिया।

शर्मिला धनकर ने पैरा एथलेटिक्स में रचा इतिहास

भारत को दूसरा स्वर्ण पदक 27 जुलाई को शर्मिला धनकर ने महिला शॉट पुट F57 स्पर्धा में दिलाया।

40 वर्षीय शर्मिला ने अपने सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 9.81 मीटर का थ्रो किया और स्वर्ण पदक जीत लिया।

यह उपलब्धि भारत के लिए बेहद खास रही क्योंकि कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पैरा एथलेटिक्स में भारत का यह पहला स्वर्ण पदक है।

लंबे समय बाद इस स्पर्धा में भारत को सबसे बड़ा सम्मान मिला है।

अपनी जीत के बाद शर्मिला धनकर ने यह स्वर्ण पदक अपनी मां को समर्पित किया।

उन्होंने कहा कि वह आगे भी देश के लिए बेहतर प्रदर्शन करने की पूरी कोशिश करती रहेंगी।

वेटलिफ्टिंग में भारतीय खिलाड़ियों ने दिखाया दम

इस बार भी वेटलिफ्टिंग भारत के लिए सबसे सफल खेलों में से एक साबित हो रही है। स्वर्ण पदक के अलावा भारतीय खिलाड़ियों ने चार रजत पदक भी अपने नाम किए हैं।

26 जुलाई को ऋषिकांत सिंह ने पुरुष 60 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता।

इस दौरान उन्होंने स्नैच में 121 किलोग्राम वजन उठाकर नया गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया।

इसी दिन मुथुपांडी राजा ने अपने पहले ही कॉमनवेल्थ गेम्स में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पुरुष 65 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक हासिल किया।

27 जुलाई को ज्ञानेश्वरी यादव ने महिला 53 किलोग्राम वर्ग में अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता।

वहीं वल्लूरी अजय बाबू ने पुरुष 79 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए एक और रजत पदक जीता।

सरवेश अनिल कुशारे ने हाई जंप में बनाया नया रिकॉर्ड

ट्रैक एंड फील्ड में भारत को बड़ी सफलता सरवेश अनिल कुशारे ने दिलाई। उन्होंने पुरुष हाई जंप फाइनल में 2.25 मीटर की ऊंचाई पार कर रजत पदक जीता।

इसके साथ ही सरवेश कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में हाई जंप में रजत पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी बन गए।

इससे पहले बर्मिंघम 2022 में तेजस्विन शंकर ने कांस्य पदक जीता था।

सरवेश स्वर्ण पदक से बेहद करीब थे, लेकिन काउंटबैक नियम के कारण उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जमैका के रोमेन बेकफोर्ड ने जीता।

कांस्य पदकों से भी बढ़ा भारत का गौरव

भारत का पदक खाता 24 जुलाई को खुला था, जब पैरा पावरलिफ्टर झांडू कुमार ने पुरुष हेवीवेट वर्ग में 190 किलोग्राम

वजन उठाकर 130.9 अंक हासिल किए और कांस्य पदक जीता। यह उनके करियर का पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय पदक भी है।

महिला वेटलिफ्टिंग में बिंदियारानी देवी ने कड़े मुकाबले के बाद 58 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया।

वहीं पैरा एथलेटिक्स में तकनीकी समीक्षा के बाद भारत को एक और पदक मिला।

महिला शॉट पुट F57 स्पर्धा के नतीजों की समीक्षा के बाद शिल्पा के. शायला को कांस्य पदक दिया गया।

इसके साथ ही भारत ने इस स्पर्धा में एक साथ स्वर्ण और कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया।

मुक्केबाजी में भी पदकों की उम्मीद

भारतीय मुक्केबाज भी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और आने वाले दिनों में उनसे पदकों की उम्मीद बढ़ गई है।

सचिन सिवाच (60 किलोग्राम), अंकुश पंघाल (80 किलोग्राम) और साक्षी चौधरी (महिला 51 किलोग्राम)

अपने-अपने मुकाबले जीतकर क्वार्टर फाइनल में पहुंच चुके हैं। अगर उनका अच्छा प्रदर्शन जारी रहता है तो भारत के खाते में और पदक जुड़ सकते हैं।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अभी कई अहम मुकाबले बाकी हैं। भारतीय खिलाड़ियों ने जिस तरह शुरुआती पांच दिनों में शानदार प्रदर्शन किया है,

उसे देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में भारत की पदक संख्या और बढ़ेगी।

देश के खिलाड़ी पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतर रहे हैं और करोड़ों भारतीयों को उनसे और बड़ी सफलताओं की उम्मीद है।

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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