Monday, May 25, 2026

CBSE पर गंभीर सवाल! छात्र के नाम से चैक हुई किसी अन्य की कॉपी, छात्र का आरोप!

CBSE की गंभीर लापरवाही? एक क्लास 12 छात्र की दर्दनाक कहानी

CBSE बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षा में एक छात्र ने अपनी फिजिक्स की उत्तर पुस्तिका न मिलने का गंभीर आरोप लगाया है। छात्र वेदांत (@VEDANTSHRIV17) ने पूरे थ्रेड में अपनी समस्या को विस्तार से बताया है।

उन्होंने अपनी अंग्रेजी और कंप्यूटर साइंस की उत्तर पुस्तिकाओं की तुलना फिजिक्स की उत्तर पुस्तिका से की और दावा किया कि फिजिक्स वाली पुस्तिका उनकी नहीं है।

यह थ्रेड OSM (On-Screen Marking) सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है। आइए पूरी कहानी को क्रमवार समझते हैं।

छात्र का परिचय और समस्या

वेदांत ने बताया कि वे CBSE क्लास 12 के छात्र हैं। फिजिक्स में अप्रत्याशित कम अंक आने पर उन्होंने रीइवैल्यूएशन प्रक्रिया के तहत उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी मांगी। जब आज कॉपी मिली तो वे स्तब्ध रह गए।

फिजिक्स की उत्तर पुस्तिका उनकी अपनी नहीं थी। उन्होंने लिखा, “मैं जानता हूं कि यह मेरी हैंडराइटिंग नहीं है और न ही उसमें वे प्रश्न हैं जो मैंने हल किए थे।” परिवार, शिक्षक और सभी ने तुरंत अंतर पहचान लिया।

हैंडराइटिंग में स्पष्ट अंतर

छात्र ने जोर देकर कहा कि फिजिक्स की कॉपी बिल्कुल अलग है। अक्षरों की शैली, अक्षर बनाने का तरीका, स्पेसिंग, झुकाव और वाक्यों का प्रवाह, सब कुछ अलग है। यह छोटा अंतर नहीं, पूरी तरह अलग लेखन है। उन्होंने लिखा, “कोई भी व्यक्ति तुलना करके देख सकता है।”

अन्य उत्तर पुस्तिकाओं से तुलना

वेदांत ने अपनी अंग्रेजी, कंप्यूटर साइंस की उत्तर पुस्तिकाओं और नॉर्मल हैंडराइटिंग नोट्स से फिजिक्स की कॉपी की तुलना की। अंग्रेजी और कंप्यूटर साइंस की कॉपियां एक-दूसरे से पूरी तरह मैच करती हैं और उनकी अपनी हैंडराइटिंग से मेल खाती हैं।

लेकिन फिजिक्स वाली कॉपी किसी और छात्र की लगती है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर वे तीनों उत्तर पुस्तिकाओं की तुलना सार्वजनिक रूप से दिखाने को तैयार हैं।

“मेरी उत्तर पुस्तिका कहां गई? किसकी चेक हुई?”

छात्र ने पूछा – अगर यह सच्चाई है तो मेरे रोल नंबर पर किसकी उत्तर पुस्तिका चेक की गई? मेरी? या किसी और की? यह अब सिर्फ “रीचेकिंग” का मुद्दा नहीं रहा। यह CBSE के OSM सिस्टम में गंभीर उत्तर पुस्तिका एक्सचेंज या टैगिंग एरर हो सकता है।

पूरे साल की मेहनत का सवाल

वेदांत ने अपनी मेहनत का जिक्र किया। उन्होंने लिखा, “मैंने पूरे साल पढ़ाई की। नींद, मानसिक शांति, घूमना-फिरना – सब कुछ त्याग दिया। और अब मुझे यह भी नहीं पता कि मेरी असली फिजिक्स की परीक्षा चेक हुई या नहीं। क्या छात्रों को यह सजा मिलनी चाहिए?”

OSM सिस्टम पर उठते सवाल

CBSE ने OSM को पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए पेश किया था। लेकिन अगर उत्तर पुस्तिकाएं ही मिसमैच हो रही हैं तो छात्र इस प्रक्रिया पर भरोसा कैसे करें? वेदांत ने कहा, “छात्र प्रयोग नहीं हैं।”

हजारों छात्रों की शिकायतें

थ्रेड में बताया गया कि पूरे भारत में हजारों छात्र OSM से जुड़ी समस्याएं उठा रहे हैं – धुंधली स्कैन, अप्रत्याशित अंक, गायब पेज, मूल्यांकन में गड़बड़ी। लेकिन यह मुद्दा इन सबसे भी ज्यादा गंभीर हो सकता है।

CBSE से तत्काल कार्रवाई की मांग

छात्र ने CBSE से तुरंत तीन मांगें रखीं:

  • मूल भौतिक उत्तर पुस्तिका की जांच
  • OSM टैगिंग/स्कैनिंग प्रक्रिया की ऑडिट
  • उत्तर पुस्तिका एक्सचेंज की जांच
    उन्होंने कहा, “यह सीधे मेरे भविष्य को प्रभावित करता है।”

पूरे देश से मदद की अपील

वेदांत ने आखिर में सभी से मदद मांगी – “कृपया इस मुद्दे को बढ़ावा दें ताकि किसी दूसरे छात्र को प्रशासनिक लापरवाही का शिकार न बनना पड़े।” उन्होंने @cbseindia29, @EduMinOfIndia और @dpradhanbjp को टैग किया और हैशटैग्स जैसे #CBSE #CBSEClass12 #OSM #CBSEresults #CBSE2026 #fraud का इस्तेमाल किया।

प्रमाण के रूप में संलग्न उत्तर पुस्तिकाएं

छात्र ने तीन उत्तर पुस्तिकाओं की तस्वीरें थ्रेड में शेयर कीं:

  • फिजिक्स आंसर शीट: OSM द्वारा भेजी गई वह कॉपी जिसे वे अपनी नहीं मानते।
  • अंग्रेजी आंसर शीट: उनकी असली हैंडराइटिंग वाली कॉपी (4 तस्वीरें)।
  • कंप्यूटर साइंस आंसर शीट: आखिरी ट्वीट में शेयर की गई (3 तस्वीरें) – जो अंग्रेजी वाली से मैच करती है।

ये तस्वीरें किसी भी व्यक्ति को तुलना करने की सुविधा देती हैं।

छात्र का संदेश

यह थ्रेड सिर्फ एक छात्र की व्यक्तिगत समस्या नहीं है। यह CBSE के पूरे मूल्यांकन सिस्टम की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल है। वेदांत ने कहा कि छात्रों को इस तरह की लापरवाही का शिकार नहीं बनना चाहिए। OSM का उद्देश्य पारदर्शिता था, लेकिन अगर मूल उत्तर पुस्तिकाएं ही गलत हाथों में जा रही हैं तो पूरा सिस्टम पर संदेह होता है।

यह कहानी अभी भी जारी है। CBSE की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को इस मुद्दे पर नजर रखनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी और को ऐसी परेशानी न हो।

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Mudit
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लेखक भारतीय ज्ञान परंपरा के अध्येता हैं। वे पिछले एक दशक से सार्वजनिक विमर्श पर लेखन कर रहे हैं। समाज, राजनीति, विचारधारा, शिक्षा, धर्म और इतिहास पर रिसर्च बेस्ड विश्लेषण में वे पारंगत हैं। वे 'द पैम्फलेट' में दो वर्ष कार्य कर चुके हैं। उनके शोधपरक लेख अनेक मौकों पर राष्ट्रीय विमर्श की दिशा में परिवर्तनकारी सिद्ध हुए हैं।
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