नौकरी दिलाने के बहाने कश्मीर ले गया मजहबी: बिजनौर से एक सनसनीखेज मामला सामने आा है, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है।
जहां पर 17 वर्षीय हिंदू नाबालिग विशाल को उसके पड़ोस में रहने वाला मुस्लिम युवक वसीम नौकरी दिलाने के बहाने कशमीर ले गया,
जहां उसका धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाया गया है। सोशल मीडिया पर इस मामले से जुड़े वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है।
पुलिस ने आरोपित वसीम और अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही किशोर को सकुशल वापस लाने के लिए एक विशेष टीम कश्मीर रवाना की गई है।
परिवार के मुताबिक, बिजनौर के खानजहांपुर इलाके का रहने वाला विशाल पिछले कुछ समय से रोजगार की तलाश कर रहा था।
इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले मुस्लिम युवक वसीम ने उसे श्रीनगर में एक सैलून में काम दिलाने का भरोसा दिलाया।
आर्थिक तंगी और बेहतर रोजगार की उम्मीद में विशाल उसके साथ चला गया।
शुरुआत में परिवार को लगा कि वह नौकरी करने गया है, लेकिन बाद में जो जानकारी सामने आई, उसने सभी को हैरान कर दिया।
पिता को फोन कर दी धर्म परिवर्तन की जानकारी
परिजनों के अनुसार, 15 मई को अचानक विशाल का फोन उसके पिता के पास आया। इस कॉल में उसने बताया कि उसने धर्म परिवर्तन कर लिया है।
यह सुनते ही परिवार के होश उड़ गए। फोन कटने के कुछ देर बाद परिवार के मोबाइल पर दो वीडियो और एक कथित कबूलनामा भेजा गया।
इन वीडियो में विशाल मुस्लिम लिबास पहने हुए दिखाई दे रहा है। उसके गले में माला डाली गई है और उसका नया नाम “मोहम्मद हमजा” बताया जा रहा है।
दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो कश्मीर की एक जामिया मस्जिद का है, जहां धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी कराई गई।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया।
परिवार ने लगाया मानसिक दबाव का आरोप
विशाल के परिवार का कहना है कि वीडियो में वह बेहद डरा-सहमा नजर आ रहा है। परिजनों का आरोप है कि उस पर मानसिक दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन कराया गया।
परिवार ने पुलिस अधिकारियों को विशाल की हाईस्कूल मार्कशीट सौंपी है, जिससे उसके नाबालिग होने की पुष्टि होती है।
परिवार का कहना है कि नाबालिग होने के कारण वह कानूनी रूप से इतना बड़ा फैसला खुद नहीं ले सकता।
उसके पिता ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को बहला-फुसलाकर और मानसिक रूप से प्रभावित कर यह कदम उठाने पर मजबूर किया गया है।
विशाल के चाचा ने बताया कि उन्हें एक अज्ञात नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले ने कहा, “अब अपने लड़के को भूल जाओ, क्योंकि उसने इस्लाम कबूल कर लिया है।”
इसके बाद उसी नंबर से एक वीडियो भी भेजा गया, जिसमें कथित धर्म परिवर्तन से जुड़ी गतिविधियां दिखाई गईं।
पुलिस अधीक्षक से लगाई न्याय की गुहार
मामले की गंभीरता को देखते हुए परिवार ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की और न्याय की मांग की। इस दौरान भाजपा के पूर्व सांसद भी परिवार के साथ मौजूद रहे।
उन्होंने प्रशासन से किशोर को जल्द सुरक्षित वापस लाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई है, जिसे कश्मीर भेजा गया है।
टीम का मुख्य उद्देश्य विशाल को सकुशल बरामद करना और उसके बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करना है।
मस्जिद प्रबंधन का दावा- अपनी मर्जी से अपनाया धर्म
दूसरी तरफ, कश्मीर स्थित मस्जिद प्रबंधन की ओर से एक कथित घोषणा पत्र भी सामने आया है।
इसमें दावा किया गया है कि विशाल ने बिना किसी दबाव, लालच या प्रलोभन के अपनी इच्छा से इस्लाम स्वीकार किया है।
हालांकि पुलिस फिलहाल दोनों पक्षों के दावों की जांच कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जब तक विशाल को वापस लाकर उसका बयान दर्ज नहीं किया जाता, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
जांच जारी, परिवार को बेटे की वापसी का इंतजार
फिलहाल यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। परिवार अपने बेटे की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है।
पुलिस की विशेष टीम लगातार संपर्क में है और मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में क्या सच सामने आता है।

