NEET की छात्रा से रेप: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से एक मेडिकल छात्रा के अपहरण और दुष्कर्म का मामला सामने आया है।
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसे 15 दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया और इस दौरान उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया गया।
छात्रा NEET की तैयारी कर रही है और शहर में रहकर पढ़ाई कर रही थी। मामले के सामने आने के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है।
पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया है।
कोचिंग से लौटते समय अपहरण का आरोप
पीड़िता के अनुसार, 30 अप्रैल 2026 को वह कोचिंग और लाइब्रेरी से पढ़ाई करके अपने कमरे पर लौट रही थी।
इसी दौरान रास्ते में गाँव के कुछ युवकों ने उसे जबरन रोक लिया और कथित तौर पर उसका अपहरण कर लिया।
छात्रा का आरोप है कि उसे सुनसान स्थान पर ले जाया गया, जहाँ उसे बंधक बनाकर रखा गया।
पीड़िता ने बताया कि शुरुआती दिनों में वह लगातार विरोध करती रही, लेकिन आरोपियों ने उसे धमकाया और उसके परिवार को नुकसान पहुँचाने की बात कही।
छात्रा का कहना है कि डर और दबाव के कारण वह किसी तरह मदद नहीं मांग सकी।
15 दिन तक बंधक बनाकर रखने का आरोप
छात्रा ने अपने बयान में कहा है कि उसे करीब 15 दिनों तक अलग-अलग स्थानों पर रखा गया।
इस दौरान उसे नशीले इंजेक्शन दिए जाते थे ताकि वह विरोध न कर सके।
पीड़िता का आरोप है कि उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया गया और विरोध करने पर मारपीट की जाती थी।
उसने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसके साथ शारीरिक प्रताड़ना की और उसे लगातार धमकाते रहे।
पीड़िता के मुताबिक, उससे कहा गया था कि यदि उसने किसी को घटना के बारे में बताया तो उसके भाई को नुकसान पहुँचाया जाएगा। इसी डर की वजह से वह चुप रही।
प्रयागराज ले जाकर शादी का दबाव
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि 13 मई को उसे प्रयागराज ले जाया गया। वहाँ मोहित नामक युवक से शादी करने का दबाव बनाया गया।
छात्रा का कहना है कि इस दौरान फर्जी दस्तावेज तैयार कर शादी की प्रक्रिया पूरी कराने की कोशिश की गई।
उसके मुताबिक, आरोपियों ने कहा था कि अगर वह शादी के लिए तैयार हो जाती है तो उसके भाई को छोड़ दिया जाएगा।
बाद में जब उसे वापस गाँव लाया गया और उसने देखा कि उसका भाई सुरक्षित है, तब उसने परिवार को पूरी घटना की जानकारी दी।
पहले से चल रहा है छेड़छाड़ का मामला
पीड़िता की माँ का कहना है कि मुख्य आरोपी मोहित श्रीवास और अंकित श्रीवास पहले भी उनकी बेटी को परेशान कर चुके हैं।
इस संबंध में पहले से मामला दर्ज है और वह न्यायालय में विचाराधीन है।
परिवार का आरोप है कि पहले शिकायत करने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, जिसकी वजह से उनका मनोबल बढ़ा और उन्होंने इस घटना को अंजाम दिया।
पुलिस जांच जारी
इस मामले में 7 मई को महोबा शहर कोतवाली में मोहित श्रीवास, अंकित श्रीवास और संतराम समेत अन्य लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पीड़िता का बयान अदालत में दर्ज कराया जा चुका है और उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं पीड़िता के परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग की है।

