Tuesday, September 8, 2026

बद्रीनाथ धाम चढ़ावा विवाद: हाई कोर्ट पहुंचे निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल, BKTC से मांगा जवाब

बद्रीनाथ धाम चढ़ावा विवाद: उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से जुड़े विवाद ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है।

बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल ने अपने निलंबन और उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को उत्तराखंड हाई कोर्ट में चुनौती दी है।

इस मामले पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने मंदिर समिति से जवाब मांगा है और अगली सुनवाई 16 जुलाई 2026 तय की है।

इस घटनाक्रम के बाद मामला प्रशासनिक जांच के साथ-साथ न्यायिक प्रक्रिया में भी पहुंच गया है।

हाई कोर्ट में क्या हुई सुनवाई?

प्रमोद नौटियाल ने हाई कोर्ट में दायर याचिका में निलंबन आदेश और एफआईआर दोनों को निरस्त करने की मांग की है।

शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को जस्टिस आलोक मेहरा की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए BKTC को पूरे घटनाक्रम पर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया।

अदालत ने फिलहाल किसी प्रकार की राहत नहीं दी, लेकिन समिति से विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई को होगी।

निलंबन के बाद संपर्क से बाहर रहे कर्मचारी

मंदिर समिति के अनुसार, प्रमोद नौटियाल को निलंबित करने के बाद जोशीमठ स्थित BKTC कार्यालय से संबद्ध किया गया था।

हालांकि उन्होंने वहां कार्यभार ग्रहण नहीं किया। समिति के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि निलंबन

के बाद से उनसे संपर्क नहीं हो पाया और उनका मोबाइल फोन भी बंद मिला। इस कारण विभागीय प्रक्रिया आगे बढ़ाने में भी कठिनाई आई।

कैसे सामने आया पूरा मामला?

पूरा विवाद 2 जुलाई 2026 को उस समय शुरू हुआ जब बद्रीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की नियमित गणना की जा रही थी।

प्रारंभिक जांच में आरोप लगा कि निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना गणना स्थल से धनराशि हटाई गई।

जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा की गई, जिसमें प्रमोद नौटियाल मोबाइल फोन के नीचे नोटों की गड्डी जैसी दिखाई देने वाली वस्तु ले जाते नजर आए।

यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया।

इसके बाद BKTC ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित की, जिसकी शुरुआती रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया अनियमितता की पुष्टि होने की बात कही गई।

इसी आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और बाद में उनके खिलाफ पुलिस में एफआईआर भी दर्ज कराई गई।

तीन स्तरों पर चल रही है जांच

इस मामले की जांच फिलहाल तीन अलग-अलग एजेंसियां कर रही हैं। पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) आपराधिक पहलुओं की जांच कर रही है।

वहीं BKTC की विभागीय जांच समिति प्रशासनिक जिम्मेदारियों और प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं की पड़ताल कर रही है।

इसके अलावा गढ़वाल मंडल आयुक्त की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय समिति पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कर रही है।

सरकार का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।

प्रमोद नौटियाल ने आरोपों को बताया निराधार

प्रमोद नौटियाल ने अपने जवाब में सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि सीसीटीवी फुटेज में जो वस्तु दिखाई दे रही है, वह नोटों की गड्डी नहीं बल्कि उनकी निजी नोटबुक हो सकती है।

उन्होंने दावा किया कि वे अपने कार्य के दौरान हमेशा नोटबुक साथ रखते हैं और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।

हालांकि समिति का कहना है कि घटना वाले दिन चढ़ावे की गणना की जिम्मेदारी नौटियाल के पास थी।

आरोप है कि उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अन्य कर्मचारियों को गणना शुरू होने की सूचना नहीं दी और प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसका रिकॉर्ड भी साझा नहीं किया।

40 दिनों की CCTV फुटेज होगी खंगाली

जांच एजेंसियां अब केवल 2 जुलाई की घटना तक सीमित नहीं रहेंगी। मंदिर परिसर में लगे 32 सीसीटीवी कैमरों की लगभग 40 दिनों की रिकॉर्डिंग की जांच की जाएगी।

इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं पहले भी चढ़ावे की गणना के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता तो नहीं हुई थी।

इसके साथ ही ड्यूटी चार्ट, उपस्थिति रजिस्टर, चढ़ावा गणना की पूरी प्रक्रिया और इसमें शामिल सभी कर्मचारियों की भूमिका की भी विस्तार से जांच की जाएगी।

कौन हैं प्रमोद नौटियाल?

प्रमोद नौटियाल लंबे समय से बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कई पूर्व अध्यक्षों के निजी सहायक के रूप में कार्य किया है।

हाल के वर्षों में वे समिति के प्रशासनिक कार्यों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे थे।

हालांकि समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया है कि नौटियाल उनके निजी सचिव नहीं बल्कि समिति के नियमित कर्मचारी थे।

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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