Saturday, July 11, 2026

कर्नाटक में 8 बांग्लादेशी घुसपैठिए हिरासत में, अवैध प्रवेश से लेकर रोजगार दिलाने वाले पूरे नेटवर्क की जांच तेज

कर्नाटक में 8 बांग्लादेशी घुसपैठिए हिरासत में: कर्नाटक के मंगलुरु में पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक निर्माणाधीन इमारत से 8 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है।

पुलिस के अनुसार, ये सभी बिना वैध पासपोर्ट, वीजा या अन्य अधिकृत यात्रा दस्तावेजों के भारत में रह रहे थे और पिछले कुछ समय से निर्माण स्थल पर मजदूर के रूप में काम कर रहे थे।

इस कार्रवाई के बाद प्रशासन ने पूरे मामले की जांच तेज कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन लोगों को भारत में प्रवेश कराने, रोजगार दिलाने और फर्जी पहचान उपलब्ध कराने के पीछे कौन-सा नेटवर्क सक्रिय था।

गुप्त सूचना मिलते ही पुलिस ने मारा छापा

कर्नाटक में 8 बांग्लादेशी घुसपैठिए हिरासत में: मंगलुरु पुलिस को पहले से सूचना मिली थी कि सुरथकल थाना क्षेत्र के मुक्का इलाके में स्थित एक निर्माणाधीन भवन में कुछ संदिग्ध विदेशी नागरिक काम कर रहे हैं।

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने अचानक छापेमारी की और मौके पर मौजूद सभी 54 मजदूरों के पहचान पत्र और अन्य दस्तावेजों की जांच की।

जांच के दौरान 8 मजदूर ऐसे पाए गए जिनके पास भारत में रहने या काम करने से जुड़े कोई वैध दस्तावेज नहीं थे। इसके बाद पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।

मुर्शिदाबाद के रास्ते भारत में प्रवेश का दावा

कर्नाटक में 8 बांग्लादेशी घुसपैठिए हिरासत में: प्रारंभिक पूछताछ में हिरासत में लिए गए लोगों ने बताया कि वे करीब तीन महीने पहले पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद क्षेत्र के रास्ते भारत में दाखिल हुए थे।

इसके बाद वे अलग-अलग माध्यमों से कर्नाटक के मंगलुरु पहुंचे और लगभग दो महीने से निर्माण परियोजना में मजदूरी कर रहे थे।

पुलिस अब यह जांच कर रही है कि सीमा पार करने के बाद इन लोगों की यात्रा किसने व्यवस्थित की और उन्हें दक्षिण भारत तक पहुंचाने में किन लोगों की भूमिका रही।

राष्ट्रीय पहचान पत्र और जन्म प्रमाणपत्र से हुई नागरिकता की पुष्टि

कर्नाटक में 8 बांग्लादेशी घुसपैठिए हिरासत में: पूछताछ के दौरान जब पुलिस ने दस्तावेजों की मांग की तो इन लोगों ने अपने देश के राष्ट्रीय पहचान पत्र और जन्म प्रमाणपत्र प्रस्तुत किए। इन दस्तावेजों के आधार पर उनकी बांग्लादेशी नागरिकता की पुष्टि हुई।

इसके बाद पुलिस ने मामले की जानकारी तत्काल बेंगलुरु स्थित विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) को भेज दी। अब कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फर्जी पहचान पत्रों के जरिए मिला था काम

कर्नाटक में 8 बांग्लादेशी घुसपैठिए हिरासत में: जांच में यह भी सामने आया कि इन लोगों के पास दूसरे राज्य के पते वाले कुछ स्थानीय पहचान पत्रों की रंगीन फोटोकॉपी मौजूद थीं। शुरुआती जांच के अनुसार, इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उन्हें निर्माण स्थल पर काम मिला था।

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि ये पहचान पत्र किसने तैयार किए, क्या इनमें किसी संगठित गिरोह की भूमिका है और क्या ऐसे दस्तावेजों का इस्तेमाल अन्य मामलों में भी किया गया है।

2,800 किलोमीटर की यात्रा ने बढ़ाए सुरक्षा से जुड़े सवाल

कर्नाटक में 8 बांग्लादेशी घुसपैठिए हिरासत में: पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सीमा पार करने के बाद यह समूह लगभग 2,800 किलोमीटर की दूरी तय करके मंगलुरु पहुंचा।

इतनी लंबी दूरी तक बिना वैध यात्रा दस्तावेजों के पहुंच जाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी जांच का विषय बन गया है।

अब जांच इस दिशा में भी की जा रही है कि रास्ते में किन-किन लोगों या नेटवर्क ने इनकी मदद की और क्या इस तरह की गतिविधियां पहले भी सामने आ चुकी हैं।

रोजगार दिलाने वालों और मददगारों की होगी पहचान

मंगलुरु पुलिस का कहना है कि केवल अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान करना ही पर्याप्त नहीं है।

जांच का मुख्य उद्देश्य उन व्यक्तियों और एजेंसियों तक पहुंचना है जिन्होंने इन लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया, रहने की व्यवस्था की और कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज उपलब्ध करवाए।

यदि जांच में किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

FRRO को भेजी गई रिपोर्ट

कर्नाटक में 8 बांग्लादेशी घुसपैठिए हिरासत में: पुलिस ने पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) को भेज दी है।

संबंधित एजेंसियां अब सभी कानूनी औपचारिकताओं को पूरा कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद लागू कानूनों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मंगलुरु में 8 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लेने की यह कार्रवाई केवल अवैध रूप से रह रहे लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे मौजूद संभावित फर्जी दस्तावेज नेटवर्क और अवैध प्रवेश से जुड़े पूरे तंत्र की जांच भी शुरू हो चुकी है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन लोगों को सीमा पार कराने, पहचान पत्र उपलब्ध कराने और रोजगार दिलाने में किन लोगों की भूमिका रही। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर इस मामले में और महत्वपूर्ण खुलासे सामने आ सकते हैं।

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