Wednesday, July 29, 2026

लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल को हरी झंडी, हंगामे के बीच ध्वनि मत से हुआ पारित

लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल को हरी झंडी: लोकसभा ने बुधवार को लंबे समय तक चली चर्चा और हंगामे के बीच एंटी पेपर लीक संशोधन बिल को ध्वनि मत से पारित कर दिया।

इस बिल का उद्देश्य प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं में होने वाले पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई करना और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना है।

हालांकि बिल पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान को लेकर भी सदन में काफी हंगामा हुआ। बिल पारित होने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही 30 जुलाई सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी।

बिल को लेकर सरकार का पक्ष

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सदन में बिल पेश करते हुए कहा कि यह कानून देश के लाखों युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि सरकार लगातार परीक्षा व्यवस्था को निष्पक्ष और भरोसेमंद बनाने के लिए काम कर रही है, लेकिन विपक्ष इस गंभीर विषय पर रचनात्मक सुझाव देने के बजाय राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में लगा हुआ है।

उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि योग्य उम्मीदवारों को उनकी मेहनत का पूरा लाभ मिले और किसी भी तरह की धांधली पर सख्त रोक लगे।

उनके अनुसार, पेपर लीक जैसी घटनाएं युवाओं के विश्वास को कमजोर करती हैं, इसलिए ऐसे मामलों पर कड़े कानून की जरूरत थी।

राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया

जितेंद्र सिंह ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सदन में इस्तेमाल की गई भाषा संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं थी।

उनका कहना था कि देश के युवाओं के बारे में अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि भारत के युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और उनके सम्मान के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि संसद में हर सदस्य को मर्यादा और नियमों का पालन करना चाहिए।

21 जुलाई की घटना का भी किया जिक्र

चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री ने 21 जुलाई की एक घटना का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता प्रधानमंत्री आवास के बाहर जाकर बैठे थे और यह उनके व्यवहार के अनुरूप नहीं था।

मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं से गरिमापूर्ण आचरण की अपेक्षा की जाती है और उन्हें ऐसी गतिविधियों से बचना चाहिए, जो राजनीतिक विवाद का कारण बनें।

गोली चलाने के आरोपों पर सरकार का जवाब

सदन में एक अन्य मुद्दे पर जवाब देते हुए जितेंद्र सिंह ने कहा कि जिस घटना का जिक्र किया जा रहा है, उसमें गोली नहीं चलाई गई थी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केवल आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया था।

उन्होंने यह भी बताया कि गोली चलाने का आदेश किसी मंत्री द्वारा नहीं दिया जाता। कानून के अनुसार ऐसा निर्णय मजिस्ट्रेट के अधिकार क्षेत्र में आता है। इसलिए इस मामले में मंत्री पर लगाए जा रहे आरोप तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं।

युवाओं से जुड़े कानून पर बढ़ी बहस

एंटी पेपर लीक संशोधन बिल को लेकर सरकार का कहना है कि इससे परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों पर पहले से ज्यादा सख्त कार्रवाई की जा सकेगी।

वहीं विपक्ष का मानना है कि केवल कानून बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाना भी जरूरी है।

बिल पर हुई बहस के दौरान दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे, लेकिन अंत में ध्वनि मत से इसे मंजूरी मिल गई।

अब इस कानून के लागू होने के बाद सरकार को उम्मीद है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और मेहनत करने वाले छात्रों का भरोसा मजबूत होगा।

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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