अजमेर-पुष्कर में पर्यटन का नया दौर: राजस्थान का अजमेर और पुष्कर लंबे समय से देश-विदेश के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहे हैं।
एक ओर अजमेर शरीफ दरगाह की आध्यात्मिक पहचान है, तो दूसरी ओर पुष्कर अपने विश्व प्रसिद्ध ब्रह्मा मंदिर, झील और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। अब इन दोनों पर्यटन नगरीयों में पर्यटन व्यवसाय को नई ऊंचाई देने की तैयारी शुरू हो गई है।
पर्यटन विभाग जल्द ही होम स्टे, फार्म स्टे और हेरिटेज स्टे के लिए ऑनलाइन लाइसेंस आवेदन सुविधा शुरू करने जा रहा है, जिससे इच्छुक लोगों को घर बैठे आवेदन करने की सुविधा मिल सकेगी।
यह कदम केवल प्रशासनिक प्रक्रिया को आसान बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पर्यटन क्षेत्र में निवेश, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
बदल रही है पर्यटकों की पसंद
पर्यटन की दुनिया तेजी से बदल रही है। अब केवल किसी शहर में जाकर होटल में ठहरना ही पर्यटकों की प्राथमिकता नहीं रह गई है।
आधुनिक पर्यटक स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक जीवनशैली, ग्रामीण परिवेश और ऐतिहासिक विरासत को करीब से महसूस करना चाहते हैं।
यही कारण है कि होम स्टे, फार्म स्टे और हेरिटेज स्टे जैसे विकल्प तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। इन ठहराव व्यवस्थाओं में पर्यटकों को स्थानीय भोजन, लोक संस्कृति, ग्रामीण जीवन और पारंपरिक आतिथ्य का अनुभव मिलता है।
विदेशी पर्यटक विशेष रूप से ऐसे अनुभवों को प्राथमिकता देते हैं क्योंकि इससे उन्हें किसी क्षेत्र की वास्तविक पहचान समझने का अवसर मिलता है।
अजमेर और पुष्कर में भी इसी बदलती मांग का असर साफ दिखाई दे रहा है। वर्तमान में क्षेत्र में लगभग 25 होम स्टे, 10 फार्म स्टे और 20 हेरिटेज स्टे संचालित हो रहे हैं और नए लाइसेंस के लिए लगातार आवेदन प्राप्त हो रहे हैं।
ऑनलाइन लाइसेंस सुविधा से कारोबारियों को होगा बड़ा फायदा
अब तक लाइसेंस प्राप्त करने के लिए विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे और पूरी प्रक्रिया ऑफलाइन होती थी। लेकिन जल्द ही यह व्यवस्था डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित होने जा रही है।
पर्यटन विभाग ने इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल तैयार कर लिया है और वर्तमान में उसकी टेस्टिंग अंतिम चरण में चल रही है।
जैसे ही परीक्षण पूरा होगा, इच्छुक आवेदक अपने घर या कार्यालय से ही ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इससे समय और संसाधनों की बचत होगी तथा आवेदन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सरल बनेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन सुविधा शुरू होने के बाद अधिक संख्या में लोग पर्यटन क्षेत्र में निवेश करने के लिए आगे आएंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
निवेशकों के लिए खुलेंगे नए रास्ते
पर्यटन मंत्रालय ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए होम स्टे और अन्य वैकल्पिक ठहराव सुविधाओं के संचालन से जुड़ी एक बड़ी शर्त समाप्त कर दी है। पहले इन परिसरों में मालिक का निवास अनिवार्य माना जाता था, लेकिन अब यह बाध्यता हटा दी गई है।
नए नियमों के तहत प्रॉपर्टी का संचालन केयरटेकर या प्रबंधक के माध्यम से भी किया जा सकेगा। इस फैसले से उन लोगों को विशेष लाभ मिलेगा जो पर्यटन क्षेत्र में निवेश करना चाहते हैं लेकिन स्वयं उस स्थान पर रहना संभव नहीं है।
इस बदलाव से बड़ी संख्या में खाली पड़ी हवेलियां, फार्म हाउस और पारंपरिक भवन पर्यटन व्यवसाय का हिस्सा बन सकते हैं, जिससे क्षेत्र में आवासीय क्षमता भी बढ़ेगी।
होम स्टे के लिए बढ़ी कमरों की संख्या
अजमेर-पुष्कर में पर्यटन का नया दौर: पर्यटन विभाग ने होम स्टे के मानकों में भी बदलाव किया है। पहले लाइसेंस प्राप्त करने के लिए न्यूनतम पांच कमरों की आवश्यकता होती थी, लेकिन अब यह संख्या बढ़ाकर आठ कर दी गई है।
इसके अलावा प्रत्येक कमरे में अटैच लेट-बाथ, स्वच्छता और आवश्यक बुनियादी सुविधाएं होना अनिवार्य होगा। आवेदन के साथ संपत्ति या लीज दस्तावेज, बिजली-पानी के बिल, भवन का नक्शा, आधार कार्ड और फोटो जैसे दस्तावेज जमा कराने होंगे।
विभाग ने वार्षिक शुल्क भी निर्धारित किया है। गोल्ड श्रेणी के लिए 2000 रुपये और सिल्वर श्रेणी के लिए 1000 रुपये वार्षिक शुल्क रखा गया है। इन मानकों का उद्देश्य पर्यटकों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना है।
1950 से पहले के भवन बनेंगे हेरिटेज स्टे
अजमेर और पुष्कर क्षेत्र में कई ऐसी ऐतिहासिक हवेलियां और पुराने भवन मौजूद हैं जो वर्षों से उपयोग के अभाव में अपनी पहचान खो रहे हैं। पर्यटन विभाग के नियमों के अनुसार वर्ष 1950 से पहले निर्मित भवनों को हेरिटेज स्टे का दर्जा दिया जा सकता है।
हेरिटेज स्टे बनने के बाद इन भवनों का संचालन होटल की तरह किया जा सकेगा। इससे एक ओर ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण होगा, वहीं दूसरी ओर मालिकों को आय का नया स्रोत भी मिलेगा।
पुष्कर और आसपास के क्षेत्रों में कई पुरानी हवेलियों को इसी दिशा में विकसित किया जा रहा है। विदेशी पर्यटकों के बीच हेरिटेज स्टे विशेष रूप से लोकप्रिय हैं क्योंकि यहां उन्हें आधुनिक सुविधाओं के साथ राजस्थानी इतिहास, वास्तुकला और संस्कृति का अनूठा अनुभव मिलता है।
पर्यटन के भविष्य की ओर बड़ा कदम
अजमेर-पुष्कर में पर्यटन का नया दौर: अजमेर और पुष्कर में ऑनलाइन लाइसेंस व्यवस्था की शुरुआत केवल एक प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि पर्यटन उद्योग को आधुनिक और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम है।
बढ़ती पर्यटक संख्या, बदलती यात्राओं की प्रवृत्ति और विरासत संरक्षण की जरूरत को देखते हुए यह पहल क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है।
यदि यह योजना सफल होती है, तो आने वाले वर्षों में अजमेर और पुष्कर न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के केंद्र रहेंगे, बल्कि होम स्टे, फार्म स्टे और हेरिटेज टूरिज्म के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में भी अपनी पहचान बना सकते हैं।
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