Wednesday, June 3, 2026

नेपाल के पीएम खिलाफ विरोध प्रदर्शन, छात्रों ने सड़कों पर उतरकर मांगा इस्तीफा

नेपाल के पीएम खिलाफ विरोध प्रदर्शन: नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह इन दिनों अपने एक बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, राजधानी काठमांडू समेत कई इलाकों में उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

छात्र संगठनों ने सड़कों पर उतरकर प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की और उनके इस्तीफे की मांग उठाई है।

विरोध प्रदर्शनों के कारण नेपाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है।

काठमांडू के मैतीघर मंडला क्षेत्र में बड़ी संख्या में छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री को राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर बयान देते समय अधिक सावधानी बरतनी चाहिए।

छात्रों ने सरकार से इस मामले पर स्पष्ट जवाब देने की भी मांग की है।

बयान के बाद शुरू हुआ विवाद

सूत्रों के मुताबिक, पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब प्रधानमंत्री बालेन शाह ने संसद में भारत-नेपाल सीमा विवाद पर अपनी बात रखी।

उन्होंने कहा कि सीमा विवाद केवल एकतरफा मामला नहीं है और नेपाल की ओर से भी भारतीय क्षेत्र पर अतिक्रमण की घटनाएं हुई हैं।

प्रधानमंत्री के इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक दलों और विभिन्न संगठनों की प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं।

कई लोगों ने इसे विवादित टिप्पणी बताते हुए इसकी आलोचना की।

विरोध करने वालों का कहना है कि सीमा विवाद जैसे संवेदनशील मुद्दे पर इस तरह का बयान राष्ट्रीय हितों को प्रभावित कर सकता है।

विपक्षी दलों ने भी जताई नाराजगी

प्रधानमंत्री के बयान को लेकर विपक्षी दलों ने भी कड़ा रुख अपनाया है।

सूत्रों के मुताबिक, विपक्षी नेताओं का कहना है कि सरकार को सीमा विवाद जैसे मामलों में देश की आधिकारिक नीति के अनुरूप ही बयान देना चाहिए।

विपक्ष का आरोप है कि प्रधानमंत्री की टिप्पणी से जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।

कुछ नेताओं ने सरकार से संसद में इस मुद्दे पर विस्तृत स्पष्टीकरण देने की मांग की है।

वहीं कुछ संगठनों ने प्रधानमंत्री से अपने बयान पर पुनर्विचार करने को कहा है।

तरुण दल ने निकाला विरोध मार्च

नेपाली कांग्रेस से जुड़े युवा संगठन तरुण दल ने भी इस मुद्दे पर विरोध दर्ज कराया है।

सूत्रों के अनुसार संगठन के कार्यकर्ताओं ने काठमांडू में शांतिपूर्ण मार्च निकाला और प्रधानमंत्री के बयान की आलोचना की।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय हित सर्वोपरि हैं।

उनका मानना है कि प्रधानमंत्री का बयान इन मुद्दों के अनुरूप नहीं था।

इसी कारण उन्होंने सरकार से अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

इस्तीफे की मांग हुई तेज

विवाद बढ़ने के साथ ही प्रधानमंत्री बालेन शाह के इस्तीफे की मांग भी तेज होती जा रही है।

छात्र संगठनों और कुछ राजनीतिक समूहों का कहना है कि प्रधानमंत्री को अपने बयान की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

कई प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि वह जनता के सामने सफाई दें या फिर अपने पद से इस्तीफा दें।

हालांकि सरकार की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है,

लेकिन लगातार बढ़ रहे विरोध प्रदर्शनों ने सरकार की चिंता जरूर बढ़ा दी है।

राजनीतिक माहौल हुआ गर्म

नेपाल पहले से ही कई राजनीतिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना कर रहा है।

ऐसे समय में प्रधानमंत्री के बयान को लेकर पैदा हुआ विवाद राजनीतिक माहौल को और गर्म कर रहा है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो यह मुद्दा आने वाले दिनों में और बड़ा रूप ले सकता है।

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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