Wednesday, June 3, 2026

चिराग त्यागी: भाई जैसे दोस्त पर हत्या का आरोप, गोल्ड मेडल जीतकर लौटे चिराग त्यागी की मौत से परिवार टूटा

चिराग त्यागी हत्याकांड

दोस्ती के विश्वास पर उठा गंभीर सवाल

जब भाई जैसा माना जाने वाला दोस्त ही हत्या जैसे आरोपों के घेरे में आ जाए, तो परिवार और समाज के सामने विश्वास का सबसे बड़ा संकट खड़ा हो जाता है। चिराग त्यागी की मौत ने इसी भरोसे को गहरे आघात में बदल दिया है।

परिवार और समाज का नाम देश दुनिया में रोशन करने वाले खिलाड़ी चिराग त्यागी की निर्मम हत्या का आरोप उसके करीबी मित्र यश खटिक पर लगा है। आरोप है कि यश ने अपने भाई के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया।

नेशनल ओपन चैंपियनशिप में गोल्ड जीतकर लौटे थे चिराग

चिराग त्यागी परसों बैंगलोर से नेशनल ओपन चैंपियनशिप में गोल्ड पदक जीतकर दिल्ली के जवाहर लाल स्टेडियम हॉस्टल पहुंचे थे। वह पिछले डेढ़ साल से इसी हॉस्टल में रहकर तैयारी कर रहे थे और अगले महीने जापान जाने वाले थे।

स्टेडियम पहुंचने के बाद चिराग ने अपने परिवार से संपर्क किया था। उन्होंने घरवालों को बताया था कि वह अगले दिन सुबह अपने निवास स्थान बसंतपुर सेतली पहुंचेंगे। परिवार को यह भरोसा था कि बेटा एक बड़ी उपलब्धि लेकर घर लौट रहा है।

सीसीटीवी में सुबह 9:12 बजे स्टेडियम से निकलते दिखे

बीते शनिवार को चिराग त्यागी सुबह 9 बजकर 12 मिनट पर स्टेडियम से निकले थे। यह जानकारी स्टेडियम के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सामने आई। इसके बाद वह अपने घर नहीं पहुंच सके और साईं उपवन हिडन पार्क में उनकी हत्या हो गई।

परिवार को जब सूचना मिली, तो वे एमएमजी सरकारी हॉस्पिटल पहुंचे। बॉडी देखने पर उनके मुंह पर खून, झाग, स्किन गलने और उतरने जैसे निशान दिखाई दिए। कमर के नीचे हिस्से में एक बड़ा घाव भी स्पष्ट रूप से नजर आया।

साईं उपवन के फुटेज में यश के साथ दिखे चिराग

साईं उपवन और उसके आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज में चिराग त्यागी अपने मित्र यश खटिक के साथ दिखाई दिए। फुटेज में यह भी दिखा कि यश ने चिराग को पानी पीने के लिए बोतल दी और चिराग ने वह पानी पिया।

इसके बाद दोनों आगे पीछे चलते हुए नजर आए। फुटेज में यश खटिक चिराग के पीछे चलता दिख रहा था। दूसरे सीसीटीवी फुटेज में यश का भाई साईं उपवन में पास ही पेड़ों के पीछे छिपा हुआ दिखाई दे रहा था।

यश पर था चिराग का गहरा भरोसा

यश खटिक चिराग त्यागी का बेहद करीबी मित्र था। चिराग उस पर इतना भरोसा करते थे कि उनके बैंक लेनदेन तक यश ही संभालता था। परिवार के अनुसार, चिराग की बैंक पासबुक भी परिवार के पास नहीं बल्कि यश के पास रहती थी।

चिराग त्यागी अपने निजी पैसों से यश खटिक को पैरा ओलंपिक्स की तैयारी में मदद कर रहे थे। बताया गया है कि चिराग ने पहले भी यश को 4 से 5 लाख रुपये दिए थे, लेकिन कभी पैसे वापस नहीं मांगे।

जिसे आगे बढ़ाना चाहते थे, उसी पर हत्या का आरोप

चिराग त्यागी यश को आगे बढ़ाना चाहते थे। वह कहा करते थे कि पहले मेरा भी हो जाने दे, फिर तुझे भी अपने साथ खींच लूंगा। यह वाक्य चिराग की मित्रता, सहयोग और बड़े मन को दिखाता है।

दोनों ने मुरादनगर में साथ एथलेटिक्स की तैयारी शुरू की थी। चिराग अपनी परफॉर्मेंस के दम पर लगातार आगे बढ़ते जा रहे थे। उन्हें स्पॉन्सरशिप और एडवर्टाइजमेंट मिलने लगे थे, जिनसे मिले पैसों से वह यश की मदद करते रहे।

फर्जी दस्तावेजों के कारण स्टेडियम से निकाले जाने का दावा

चिराग और यश दोनों जवाहर लाल स्टेडियम में साथ प्रैक्टिस करते थे। परिवार के दावों के अनुसार, यश खटिक को मार्च में फर्जी दस्तावेजों की वजह से स्टेडियम से निकाल दिया गया था। इसके बावजूद चिराग ने उससे दूरी नहीं बनाई।

स्टेडियम से निकाले जाने के बाद भी चिराग त्यागी ने यश की मदद करना जारी रखा। वह उसका मार्गदर्शन करते रहे और उसे प्रोत्साहित करते रहे। यही कारण है कि परिवार इस घटना को विश्वासघात और ईर्ष्या से जुड़ा अपराध बता रहा है।

नशीला पदार्थ पिलाकर हमले का आरोप

आरोप है कि यश खटिक ने योजनाबद्ध तरीके से चिराग को साईं उपवन बुलाया। वहां पानी में नशीला पदार्थ मिलाकर चिराग को पिलाया गया। इसके बाद पीछे से चिराग त्यागी पर हमला किया गया और वारदात को अंजाम दिया गया।

चिराग त्यागी की कद काठी मजबूत थी। उनकी हाइट लगभग 6 फुट 2 इंच थी। परिवार का कहना है कि सामने से हमला होने पर 2 से 3 लोगों के लिए भी उन्हें काबू करना मुश्किल होता, इसलिए पहले नशीला पदार्थ दिया गया।

बैकअप के लिए भाई को साथ लाने का आरोप

परिवार का आरोप है कि यश खटिक अपने भाई को भी बैकअप के तौर पर साथ लेकर आया था। सीसीटीवी फुटेज में यश का भाई नजदीक ही पेड़ों के पीछे छिपा दिखाई दिया। इससे परिवार को वारदात के सुनियोजित होने का संदेह मजबूत हुआ।

हत्या के बाद यश खटिक आसपास ही घूमता रहा, लेकिन परिवारजनों के कॉल रिसीव नहीं कर रहा था। आरोप है कि वह चिराग के कोच गजेंद्र सिंह और ओलंपिक एथलीट सिमरन शर्मा को फोन कर हालात का जायजा ले रहा था।

लोकेशन बदलता रहा यश, पुलिस करती रही ट्रेस

हत्या के बाद यश खटिक लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। सिमरन शर्मा के बार बार फोन करने पर यश का भाई कथित रूप से यही कहता रहा कि दीदी बस अभी आ रहे हैं। इसके बावजूद दोनों तुरंत सामने नहीं आए।

रात 9 बजे यश खटिक ने मदन स्वीट्स पर कुछ खाया और फिर लगातार लोकेशन बदलता रहा। इस दौरान कोतवाली, एसओजी, थाना कविनगर पुलिस और थाना सिहानी गेट पुलिस लगातार उसे ट्रेस करने में जुटी रही।

रमते राम रोड से पकड़ा गया आरोपी

लगातार ट्रेसिंग के बाद अंततः यश खटिक को रमते राम रोड से पकड़ लिया गया। परिवार के अनुसार, पुलिस ने पूरे मामले में सक्रियता दिखाई और अलग अलग टीमों ने मिलकर आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया।

डीआईजी केशव कुमार चौधरी रात 12:30 बजे तक परिवारजनों के साथ रहे और पूरे प्रकरण का संज्ञान लिया। एसीपी उपासना पांडेय, एसएचओ सचिन कुमार और अन्य पुलिसकर्मियों के प्रयास से आरोपी यश खटिक को पकड़ा गया।

परिवार का आरोप, दोस्ती के रिश्ते को कलंकित किया

परिवार का कहना है कि दूसरे फोटो में पीछे खड़ा व्यक्ति वही यश खटिक है, जिसने दोस्ती जैसे पवित्र रिश्ते को कलंकित किया। परिजनों के अनुसार, उसी ने छल से परिवार के इकलौते बेटे चिराग को हमेशा के लिए उनसे छीन लिया।

परिवार का कहना है कि यश खटिक ने केवल चिराग की हत्या नहीं की, बल्कि एक पूरे परिवार को तोड़ दिया। उनके अनुसार, चिराग परिवार का इकलौता चिराग था और उसकी मौत ने माता पिता की पूरी दुनिया उजाड़ दी।

आरोपियों पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई की मांग

परिवार और समाज की ओर से प्रशासन से मांग की जा रही है कि यश खटिक, उसके भाई और इस हत्या में शामिल सभी लोगों पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए। परिजन चाहते हैं कि दोषियों को कानून के तहत सबसे सख्त सजा मिले।

परिवार का कहना है कि ऐसी पीड़ा किसी भी घर को न झेलनी पड़े। यह घटना पूरे समाज को सोचने पर मजबूर करती है कि बच्चे किस पर आंख बंद करके विश्वास कर रहे हैं और वह विश्वास कब उनके लिए खतरा बन सकता है।

गोली मारने और घाव पर एसिड डालने का गंभीर आरोप

परिवार ने आरोप लगाया है कि यश खटिक ने पहले चिराग को नशीला पदार्थ पिलाया, फिर पीछे से गोली मारी। इसके बाद चिराग त्यागी के घाव पर एसिड डाला गया, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि चिराग किसी भी हालत में बच न पाए।

इस घटना को परिवार Cold Blooded Brutal Murder बता रहा है। चिराग त्यागी की मौत ने खेल जगत, परिवार, मित्र मंडली और पूरे समाज को झकझोर दिया है। गोल्ड मेडल जीतकर लौटे खिलाड़ी की इस तरह मौत ने कई सवाल खड़े किए हैं।

अधूरी यात्रा और ओलंपिक का सपना

चिराग त्यागी अगले महीने जापान जाने वाले थे। उनका लक्ष्य आगे बढ़ना, देश का नाम रोशन करना और ओलंपिक तक पहुंचना था। परिवार की पीड़ा इस बात से और गहरी है कि एक उभरते खिलाड़ी की यात्रा अचानक अधूरी रह गई।

परिवार ईश्वर से प्रार्थना कर रहा है कि चिराग की आत्मा को शांति मिले। परिजनों की कामना है कि चिराग पुनः इसी परिवार में जन्म लेकर अपनी अधूरी यात्रा पूरी करें और ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन करें।

समाज के लिए चेतावनी बनी घटना

चिराग त्यागी की हत्या का यह मामला केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज के लिए भी चेतावनी है। यह घटना बताती है कि अंधविश्वास, ईर्ष्या, आर्थिक निर्भरता और निजी संबंधों में छिपे तनाव कितने खतरनाक रूप ले सकते हैं।

परिवार के लिए चिराग केवल बेटा नहीं थे, बल्कि भविष्य, सम्मान और उम्मीद का नाम थे। उनकी मौत ने उस भरोसे को तोड़ दिया, जो दोस्ती और भाईचारे के रिश्तों को मजबूत बनाता है। चिराग की स्मृति अब न्याय की प्रतीक्षा कर रही है।

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Mudit
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लेखक भारतीय ज्ञान परंपरा के अध्येता हैं। वे पिछले एक दशक से सार्वजनिक विमर्श पर लेखन कर रहे हैं। समाज, राजनीति, विचारधारा, शिक्षा, धर्म और इतिहास पर रिसर्च बेस्ड विश्लेषण में वे पारंगत हैं। वे 'द पैम्फलेट' में दो वर्ष कार्य कर चुके हैं। उनके शोधपरक लेख अनेक मौकों पर राष्ट्रीय विमर्श की दिशा में परिवर्तनकारी सिद्ध हुए हैं।
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