Zudio
महंगे शोरूम के बीच टाटा ने खोज निकाला करोड़ों ग्राहकों वाला बाजार
भारत के बड़े शॉपिंग मॉल में जहां नामी फैशन ब्रांड तीन हजार रुपये की जींस और दो हजार रुपये की शर्ट बेच रहे थे, वहीं टाटा समूह ने ऐसे ग्राहकों पर ध्यान केंद्रित किया, जो आधुनिक कपड़े पहनना चाहते थे, लेकिन अधिक खर्च नहीं कर सकते थे।
इसी जरूरत को समझते हुए टाटा समूह की रिटेल कंपनी ट्रेंट ने Zudio को किफायती फैशन के बड़े ब्रांड के रूप में विकसित किया। इसकी रणनीति उन कॉलेज छात्रों, युवाओं और मध्यमवर्गीय परिवारों को आकर्षित करने की थी, जिनके लिए कीमत खरीदारी का महत्वपूर्ण आधार है।
₹199 की टीशर्ट और ₹799 की जींस ने बदल दिया खरीदारी का गणित
Zudio की पहचान ऐसे फैशन स्टोर के रूप में बनी, जहां कम बजट में आधुनिक डिजाइन वाले कपड़े खरीदे जा सकते हैं। लगभग ₹199 की टीशर्ट, ₹299 की चप्पल और ₹799 की जींस जैसी कीमतों ने ग्राहकों के बीच इसकी लोकप्रियता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ब्रांड के प्रचार में ₹999 की अधिकतम कीमत का दावा भी खूब चर्चा में रहा है। हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि Zudio का प्रत्येक कपड़ा, जूता या परफ्यूम अनिवार्य रूप से ₹999 से कम कीमत पर ही उपलब्ध होता है।
कम कीमतों का सबसे बड़ा प्रभाव ग्राहकों की मानसिकता पर दिखाई देता है। जिन युवाओं को पहले महंगे शोरूम में जाने से पहले बजट देखना पड़ता था, उनके सामने अब ऐसे स्टोर का विकल्प था, जहां अपेक्षाकृत कम खर्च में कई वस्तुएं खरीदी जा सकती थीं।
शाहरुख और रणबीर के बजाय सस्ते कपड़ों पर लगाया दांव
फैशन उद्योग में बड़े सितारों को ब्रांड एंबेसडर बनाने और विज्ञापन अभियानों पर भारी रकम खर्च करने की परंपरा रही है। Zudio ने इसके विपरीत महंगे प्रचार के बजाय दुकानों के विस्तार, ग्राहकों तक सीधी पहुंच और प्रतिस्पर्धी कीमतों को अपनी रणनीति का आधार बनाया।
ब्रांड ने शाहरुख खान या रणबीर कपूर जैसे चर्चित अभिनेताओं को अपना प्रमुख प्रचार चेहरा बनाने का रास्ता नहीं अपनाया। हालांकि, विज्ञापन से बचाए गए करोड़ों रुपये सीधे कपड़ों की कीमत घटाने में लगाए गए, इसकी कोई सार्वजनिक प्रमाणित गणना उपलब्ध नहीं है।
हर बार नया फैशन दिखाकर ग्राहकों को दोबारा बुलाने की रणनीति
Zudio की सफलता में लगातार बदलते फैशन संग्रह की महत्वपूर्ण भूमिका है। कंपनी नए डिजाइन जल्दी तैयार करने और उन्हें दुकानों तक पहुंचाने पर जोर देती है, जिससे ग्राहकों को अगली बार आने पर पहले से अलग कपड़े और नए विकल्प देखने को मिलते हैं।
फास्ट फैशन की इस व्यवस्था में ग्राहकों को बार बार दुकान आने की वजह मिलती है। हर सप्ताह पूरा स्टॉक बदलने का दावा प्रमाणित नहीं है, लेकिन नियमित अंतराल पर नए उत्पाद उपलब्ध कराना ब्रांड की स्थापित कारोबारी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इस मॉडल का एक मनोवैज्ञानिक पहलू भी है। जब किसी ग्राहक को पसंदीदा कपड़ा कम कीमत पर दिखाई देता है, तो उसे यह चिंता हो सकती है कि अगली बार आने तक वही डिजाइन या उसका पसंदीदा आकार उपलब्ध नहीं रहेगा।
ऐसी स्थिति में ग्राहक खरीदारी टालने के बजाय तत्काल फैसला कर सकता है। सीमित उपलब्धता और बदलते फैशन का यह प्रभाव खुदरा व्यापार में महत्वपूर्ण माना जाता है, हालांकि Zudio की प्रत्येक बिक्री को इसी मनोवैज्ञानिक कारण से जोड़ना सही नहीं होगा।
कीमत कम रखी, लेकिन शोरूम का अनुभव महंगे ब्रांडों जैसा बनाया
Zudio ने कम कीमत और आकर्षक शोरूम के बीच संतुलन बनाने पर ध्यान दिया है। दुकानों में व्यवस्थित डिस्प्ले, आधुनिक लाइटिंग, एयर कंडीशनिंग और ट्रायल रूम जैसी सुविधाएं ग्राहकों को ऐसा वातावरण देती हैं, जो सामान्य सस्ते कपड़ों की दुकानों से अलग दिखाई देता है।
इस व्यवस्था का कारोबारी महत्व भी है। ग्राहक केवल कपड़े की कीमत नहीं देखता, बल्कि खरीदारी के दौरान मिलने वाले अनुभव को भी महत्व देता है। आकर्षक शोरूम में किफायती उत्पाद मिलने से कम बजट वाले ग्राहकों के लिए भी खरीदारी सुविधाजनक बनती है।
कम मुनाफा और ज्यादा बिक्री के गणित से खड़ा किया बड़ा कारोबार
Zudio के कारोबारी मॉडल में उत्पादों की प्रतिस्पर्धी कीमत, तेज बिक्री, बेहतर आपूर्ति व्यवस्था और बड़े ग्राहक वर्ग तक पहुंच महत्वपूर्ण हैं। कम कीमतों के कारण कंपनी उन ग्राहकों को आकर्षित करती है, जो महंगे ब्रांडों के बजाय बजट के अनुकूल खरीदारी करना पसंद करते हैं।
जहां किसी महंगे ब्रांड की दुकान में प्रतिदिन 50 कपड़े बिकने और Zudio में 1,000 कपड़े बिकने जैसी तुलना की जाती है, वहां इन संख्याओं को प्रमाणित औसत नहीं माना जा सकता। फिर भी अधिक बिक्री मात्रा इस कारोबार का महत्वपूर्ण आर्थिक आधार है।
ब्रांड अपने अधिकांश उत्पाद भारत से प्राप्त करता है और डिजाइन तथा आपूर्ति व्यवस्था पर नियंत्रण रखता है। इससे नए फैशन को बाजार में जल्दी पहुंचाने, लागत संभालने और ग्राहकों की बदलती पसंद के अनुसार कपड़ों का संग्रह तैयार करने में मदद मिलती है।
963 स्टोर तक पहुंचा Zudio, छोटे शहरों में भी बढ़ाया कारोबार
Zudio के विस्तार की रफ्तार उसके कारोबारी मॉडल की सफलता को दर्शाती है। मार्च 2026 तक कंपनी के 963 स्टोर हो चुके थे, जिनमें संयुक्त अरब अमीरात के छह स्टोर भी शामिल थे। यह संख्या देश के फैशन बाजार में उसकी बढ़ती पहुंच दिखाती है। docs.trent-tata.com +1
वित्त वर्ष 2025 से 2026 के दौरान कंपनी ने 212 नए Zudio स्टोर खोले और 14 स्टोर बंद या समेकित किए। इस विस्तार के माध्यम से ब्रांड ने महानगरों के साथ छोटे शहरों और नए बाजारों में भी अपनी उपस्थिति मजबूत की। steelcitynettrade.com +1
मार्च 2025 तक Zudio के 765 स्टोर थे। अगले एक वर्ष में इनकी संख्या बढ़कर 963 हो गई। यह विस्तार बताता है कि कंपनी की रणनीति केवल महानगरों के महंगे शॉपिंग मॉल तक सीमित नहीं रही, बल्कि व्यापक ग्राहक वर्ग तक पहुंचने पर केंद्रित रही।
भारत के मध्यमवर्ग की जरूरत समझकर टाटा ने दिया बड़ा कारोबारी संदेश
Zudio के विस्तार ने भारतीय फैशन उद्योग को महत्वपूर्ण कारोबारी संदेश दिया है। बाजार में सफलता केवल महंगे उत्पाद बेचने या बड़े कलाकारों से विज्ञापन करवाने पर निर्भर नहीं करती। सही कीमत, आकर्षक डिजाइन और सुविधाजनक खरीदारी भी बड़े ब्रांड की पहचान बना सकते हैं।
भारत का विशाल मध्यमवर्ग आधुनिक जीवनशैली अपनाना चाहता है, लेकिन खरीदारी करते समय बजट को नजरअंदाज नहीं कर सकता। Zudio ने इसी आवश्यकता को अपने व्यापार का आधार बनाया और फैशन को अपेक्षाकृत अधिक ग्राहकों की पहुंच में लाने का प्रयास किया।
इस कारोबार से निकलने वाला सबसे महत्वपूर्ण सबक है कि ग्राहकों को कम कीमत में बेहतर अनुभव देने वाला व्यापारी प्रतिस्पर्धी बाजार में मजबूत स्थान बना सकता है। Zudio की बढ़ती मौजूदगी भारतीय खुदरा फैशन कारोबार में इसी रणनीति का उदाहरण बन चुकी है।

