Wednesday, August 19, 2026

Wedding night milk: सुहागरात पर दूध का गिलास क्यों दिया जाता है, जानिए वजह

Wedding night milk: शादी की पहली रात से जुड़ी कई परंपराएं ऐसी हैं, जिन्हें हम बचपन से फिल्मों, टीवी सीरियल्स या परिवार में देखते आए हैं। इन्हीं में से एक है दूल्हा-दुल्हन के कमरे में दूध का गिलास लेकर जाना।

अक्सर फिल्मों में दुल्हन के हाथ में केसर और बादाम वाला दूध नजर आता है। लेकिन सवाल यह है कि आखिर इस दूध में क्या खास होता है और इसे कैसे तैयार किया जाता है?

दरअसल, यह परंपरा सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं है। भारत के कई परिवारों में शादी के बाद दूध देने की रस्म आज भी निभाई जाती है।

हालांकि इसे लेकर अलग-अलग जगहों पर अलग मान्यताएं और तरीके देखने को मिलते हैं।

आमतौर पर गर्म दूध में केसर, बादाम और इलायची जैसी चीजें मिलाई जाती हैं, जिससे दूध का स्वाद और खुशबू दोनों बढ़ जाते हैं।

शादी का दिन भी काफी थकाने वाला होता है। सुबह से तैयारियां, रिश्तेदारों से मिलना, रस्में और घंटों चलने वाले कार्यक्रमों के बाद शरीर को आराम की जरूरत होती है।

ऐसे में हल्का गर्म दूध एक आरामदायक पेय हो सकता है। अगर इसमें बादाम और केसर मिला दिया जाए तो स्वाद के साथ-साथ इसकी पौष्टिकता भी बढ़ जाती है।

सुहागरात के दूध में आखिर क्या मिलाएं?

अगर आप घर पर पारंपरिक केसर-बादाम दूध तैयार करना चाहते हैं, तो इसकी रेसिपी काफी आसान है।

इसके लिए आपको दो गिलास दूध, 5-6 बादाम, 4-5 केसर के धागे, स्वाद के अनुसार चीनी और एक चुटकी इलायची पाउडर की जरूरत होगी।

आप चाहें तो इसमें 1-2 काजू और थोड़ा पिस्ता भी डाल सकते हैं। हालांकि दूध में बहुत सारी चीजें एक साथ डालने की जरूरत नहीं है।

कुछ चुनिंदा सामग्री ही इसके स्वाद को खास बनाने के लिए काफी होती हैं।

पहले बादाम को करें तैयार

सबसे पहले बादाम को तैयार कर लें। अगर आपके पास समय है तो बादाम को कुछ घंटों के लिए पानी में भिगो दें। इसके बाद उनका छिलका निकालकर बारीक काट लें या हल्का दरदरा पीस लें।

भिगोए हुए बादाम दूध में आसानी से मिल जाते हैं और इसका स्वाद भी काफी अच्छा लगता है। अगर समय कम है तो बादाम को सीधे बारीक काटकर भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

बादाम दूध में प्रोटीन, हेल्दी फैट और दूसरे पोषक तत्व जोड़ते हैं। यही वजह है कि बादाम वाला दूध सिर्फ स्वाद में ही रिच नहीं लगता, बल्कि इसे एक पौष्टिक पेय भी माना जाता है।

केसर है इस दूध की असली जान

अब बात करते हैं उस चीज की, जो दूध को खास रंग और खुशबू देती है केसर। इसके लिए 4-5 केसर के धागे पर्याप्त हैं।

केसर को सीधे दूध में डालने के बजाय पहले थोड़े से गर्म दूध में कुछ मिनट के लिए भिगो लें।

इससे उसका रंग और खुशबू अच्छी तरह बाहर आती है। इसके बाद इसे दूध में मिला दें।

ध्यान रखें कि केसर ज्यादा डालने से दूध जरूरी नहीं कि ज्यादा स्वादिष्ट हो जाए। थोड़ी मात्रा ही पर्याप्त होती है और इससे दूध में हल्का सुनहरा रंग और खास खुशबू आ जाती है।

अब शुरू करें दूध बनाने की तैयारी

एक पैन में दो गिलास दूध डालकर धीमी से मध्यम आंच पर गर्म करें। जब दूध अच्छी तरह गर्म हो जाए और उबाल आने लगे, तब इसमें कटे या पिसे हुए बादाम डालें।

इसके बाद केसर वाला दूध इसमें मिला दें और अच्छी तरह चलाएं। अब स्वाद के अनुसार चीनी डालें। आखिर में एक चुटकी इलायची पाउडर डालने से इसकी खुशबू और भी बढ़ जाएगी।

अगर आपको पसंद है तो इसमें थोड़ा पिस्ता और काजू भी डाल सकते हैं। दूध को करीब 2-3 मिनट धीमी आंच पर पकने दें, ताकि सभी चीजों का स्वाद अच्छी तरह इसमें मिल जाए।

इसके बाद गैस बंद कर दें और दूध को कुछ देर के लिए ठंडा होने दें। इसे बहुत गर्म पीने के बजाय हल्का गुनगुना पीना ज्यादा आरामदायक रहता है।

क्या इस दूध का कोई खास फायदा भी है?

केसर-बादाम दूध को खास बनाने वाली बात इसका स्वाद और इसमें मौजूद पोषक तत्व हैं। दूध से प्रोटीन और कैल्शियम मिलता है, जबकि बादाम में प्रोटीन, हेल्दी फैट और कई दूसरे पोषक तत्व पाए जाते हैं।

केसर का इस्तेमाल मुख्य रूप से स्वाद, खुशबू और रंग के लिए कम मात्रा में किया जाता है।

शादी के बाद दूध देने की परंपरा को कई परिवार शुभ शुरुआत और रिश्ते में मिठास से जोड़कर देखते हैं।

भारतीय संस्कृति में दूध का इस्तेमाल कई शुभ अवसरों और धार्मिक रस्मों में भी किया जाता रहा है।

हालांकि यह मानना सही नहीं होगा कि इस दूध का कोई जादुई असर होता है। इसे मुख्य रूप से एक पारंपरिक और स्वादिष्ट पेय के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

दूध में इन चीजों का भी ले सकते हैं स्वाद

अगर आप हर बार एक ही तरह का दूध नहीं पीना चाहते, तो इसमें थोड़ा पिस्ता, काजू या इलायची मिला सकते हैं। कुछ लोगों को दूध में हल्की सौंफ का स्वाद भी पसंद आता है।

आप मिठास भी अपनी पसंद के अनुसार रख सकते हैं। ज्यादा मीठा पसंद नहीं है तो चीनी की मात्रा कम कर दें। वहीं, ड्राई फ्रूट्स की मात्रा भी स्वाद के हिसाब से घटाई या बढ़ाई जा सकती है।

बस ध्यान रखें कि अगर किसी व्यक्ति को दूध से परेशानी होती है या किसी ड्राई फ्रूट से एलर्जी है, तो उस सामग्री का इस्तेमाल न करें।

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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