Wednesday, August 19, 2026

Ranchi Student Protest: झारखंड में छात्रों का आंदोलन दो महीने के लिए स्थगित, CBI जांच की मांग पर अड़े अभ्यर्थी

Ranchi Student Protest: रांची के जेपीएससी स्टेडियम में 25 जुलाई से चल रहा छात्रों का आंदोलन फिलहाल दो महीने के लिए स्थगित कर दिया गया है। आंदोलन कर रहे छात्रों ने झारखंड सरकार को 60 दिनों का समय दिया है।

छात्रों का कहना है कि इस अवधि में अगर परीक्षाओं में अनियमितताओं की CBI जांच शुरू नहीं की गई, तो वे दोबारा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

छात्रों ने साफ किया है कि आंदोलन स्थगित करने का फैसला सरकार की ओर से परीक्षाओं को लेकर की गई कार्रवाई के बाद लिया गया है।

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि उनकी मुख्य मांग अभी पूरी नहीं हुई है। छात्र चाहते हैं कि जिन परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं, उनकी जांच CBI से कराई जाए।

22 परीक्षाएं रद्द करने का फैसला

झारखंड सरकार ने CID की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर 22 परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया है।

इसके अलावा सरकार के आदेश के अनुसार छह परीक्षाओं की प्रक्रिया को फिलहाल रोक दिया गया है। वहीं 17 अन्य परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की जांच की जाएगी।

सरकार की इस कार्रवाई को देखते हुए आंदोलन कर रहे छात्रों ने फिलहाल अपना प्रदर्शन रोकने का फैसला किया है।

हालांकि, छात्रों का कहना है कि केवल परीक्षाएं रद्द करना उनकी मांग का पूरा समाधान नहीं है। वे पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच चाहते हैं।

60 दिन का दिया अल्टीमेटम

छात्रों ने सरकार को 60 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि इस दौरान अगर CBI जांच की प्रक्रिया शुरू नहीं होती है, तो आंदोलन फिर से शुरू किया जाएगा।

छात्रों के मुताबिक, परीक्षाओं में गड़बड़ी से हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है, इसलिए पूरे मामले की पारदर्शी जांच जरूरी है।

छात्रों का यह भी कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में अगर किसी तरह की अनियमितता हुई है, तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

साथ ही ईमानदारी से परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों के हितों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

JSSC CGL रद्द होने के फैसले का विरोध

इसी बीच JSSC CGL परीक्षा रद्द किए जाने के सरकार के फैसले के खिलाफ सफल और नवनियुक्त अभ्यर्थियों ने भी विरोध प्रदर्शन किया।

मंगलवार, 18 अगस्त की रात बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सड़क पर उतरे और प्रोजेक्ट भवन से बिरसा चौक तक विरोध मार्च निकाला।

प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने सरकार से परीक्षा रद्द करने के फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग की।

उनका कहना था कि उन्होंने कई वर्षों तक मेहनत कर परीक्षा की तैयारी की और अपनी योग्यता के आधार पर सफलता हासिल की है।

ऐसे में पूरी परीक्षा और उससे जुड़ी नियुक्तियों को रद्द करने से उन अभ्यर्थियों को परेशानी होगी, जिन्होंने बिना किसी गड़बड़ी के परीक्षा पास की है।

दोषियों पर कार्रवाई की मांग

विरोध मार्च के दौरान अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी नाराजगी जाहिर की।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अगर परीक्षा में किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

अभ्यर्थियों का तर्क है कि कुछ लोगों की कथित गलती की सजा उन सभी उम्मीदवारों को नहीं मिलनी चाहिए, जिन्होंने पूरी मेहनत और ईमानदारी से परीक्षा दी है।

उनका कहना है कि सरकार को इस मामले में ऐसा रास्ता निकालना चाहिए, जिससे दोषियों पर कार्रवाई भी हो और योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय भी न हो।

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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