यूएस के एक्स आर्मी मैन : अमेरिका के श्रेवपोर्ट शहर से सामने आई यह घटना इंसानियत को झकझोर देने वाली है।
19 अप्रैल 2026 की सुबह हुई इस वारदात में 31 वर्षीय पूर्व सैनिक शमार एल्किंस ने आठ मासूम बच्चों की गोली मारकर हत्या कर दी।
यह मामला न सिर्फ अपनी क्रूरता के कारण, बल्कि इसके पारिवारिक संबंधों के चलते भी बेहद संवेदनशील बन गया है।
आठ बच्चों की मौत
रविवार सुबह करीब 6 बजे पुलिस को सूचना मिली कि वेस्ट 79वीं स्ट्रीट के एक घर में गोलीबारी हुई है।
मौके पर पहुँचने पर अधिकारियों ने 1 से 14 साल की उम्र के बच्चों के शव बरामद किए।
कुल 10 लोगों को गोली मारी गई थी, जिनमें आठ बच्चों की मौत हो गई, जबकि दो महिलाएँ गंभीर रूप से घायल हो गईं।
एक किशोर भी इस हमले में घायल हुआ, लेकिन उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
नौ में से केवल एक ही बच्चा जीवित
जांच में सामने आया कि यह घटना केवल एक घर तक सीमित नहीं थी। पुलिस के मुताबिक, क्राइम सीन तीन अलग-अलग घरों और एक अन्य स्थान तक फैला हुआ था।
इससे यह संकेत मिलता है कि हमलावर ने योजनाबद्ध तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया।
एक घर में मौजूद नौ बच्चों में से केवल एक ही बच्चा जीवित बच पाया, जो अभी अस्पताल में भर्ती है।
दोनों महिलाओं का आरोपी से संबंध
मृतकों में से सात बच्चों के आरोपी के अपने होने की बात सामने आई है। इसके अलावा, घायल दोनों महिलाओं का भी आरोपी से संबंध बताया जा रहा है,
हालांकि रिश्ते की स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इस वजह से यह मामला घरेलू हिंसा का एक चरम उदाहरण माना जा रहा है।
वारदात के बाद भागने की कोशिश
हमले को अंजाम देने के बाद शमार एल्किंस मौके से फरार हो गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, उसने पहले हैरिसन स्ट्रीट पर एक महिला को गोली मारी और फिर बच्चों पर हमला किया।
इसके बाद वह एक वाहन छीनकर भागने लगा। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए उसका पीछा किया और अंततः उसे घेर लिया।
पुलिस ने आरोपी को रोकने की कोशिश की, लेकिन उसने आत्मसमर्पण नहीं किया। इसके बाद हुई मुठभेड़ में उसे मार गिराया गया।
इस पूरे ऑपरेशन को लेकर वेन स्मिथ ने कहा कि अपने 46 साल के करियर में उन्होंने इतना भयावह मामला कभी नहीं देखा। उन्होंने पुलिस टीम की तत्परता और साहस की सराहना भी की।
शमार एल्किंस ने 2013 से 2020 तक लुइसियाना आर्मी नेशनल गार्ड में सेवा दी थी और प्राइवेट रैंक के साथ सेना छोड़ी थी।
घटना से पहले उसके सोशल मीडिया पोस्ट्स में निजी तनाव और पारिवारिक विवाद के संकेत मिले थे।
अधिकारियों को शक है कि घरेलू समस्याओं और मानसिक दबाव ने इस घटना को जन्म दिया।

