Wednesday, April 22, 2026

यूके ग्रूमिंग गैंग केस: 15 वर्षीय नाबालिग को पाकिस्तानियों ने ड्रग्स देकर किया रेप

यूके ग्रूमिंग गैंग केस: ब्रिटेन के कैर्नारफॉन क्राउन कोर्ट में इन दिनों एक बेहद गंभीर और झकझोर देने वाले मामले की सुनवाई जारी है।

यह मामला कथित ‘ग्रूमिंग गैंग’ से जुड़ा है, जिस पर नाबालिग लड़कियों को अपने जाल में फंसाकर उनके साथ यौन शोषण करने के आरोप लगे हैं।

इस केस ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बच्चों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है।

मामला कैसे सामने आया

साल 2022 में सामने आए इस मामले में 14 से 16 वर्ष की तीन लड़कियों को निशाना बनाए जाने का आरोप है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपियों ने पहले इन लड़कियों से दोस्ती की, फिर उन्हें नशे का लालच देकर धीरे-धीरे अपने नियंत्रण में लिया।

इसके बाद उनका बार-बार यौन शोषण किया गया।

हाल ही में अदालत में एक 15 वर्षीय पीड़िता का बयान पेश किया गया, जिसमें उसने बताया कि आरोपियों ने उसके साथ इंसानियत से परे व्यवहार किया।

उसने कहा कि उसे एक ‘यौन वस्तु’ की तरह देखा गया, न कि एक नाबालिग लड़की की तरह जिसे सुरक्षा और सहारे की जरूरत थी।

‘वेश्या’ की तरह किया ट्रीट

अभियोजन के मुताबिक, मुख्य आरोपी मुस्तफा इकबाल ने पीड़िता को उस समय अपने जाल में फंसाया जब वह पहले से ही नशे की हालत में थी।

उसे अपने घर बुलाया गया, जहां उसे और ड्रग्स दिए गए और फिर उसके साथ बलात्कार किया गया।

पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि जियाउल्लाह बादशाह नाम के आरोपी ने उसके साथ बेहद अपमानजनक व्यवहार किया और उसे ‘वेश्या’ की तरह ट्रीट किया।

ये आरोप अदालत में सुनवाई के दौरान बेहद गंभीर माहौल पैदा कर रहे हैं।

पीड़िता को फर्जी पासपोर्ट का लालच

इस केस में जसविंदर सिंह नाम के आरोपी पर भी अहम भूमिका निभाने का आरोप है।

अभियोजन पक्ष का कहना है कि उसने पीड़िता को फर्जी पासपोर्ट का लालच दिया और उसे लंदन ले जाकर वहां भी उसका शोषण किया।

इसके अलावा, सारा ग्रे नाम की महिला पर आरोप है कि उसने आरोपियों की मदद की और सबूत मिटाने की कोशिश की।

इस बात ने मामले को और जटिल बना दिया है, क्योंकि इसमें एक महिला की संलिप्तता भी सामने आई है।

आरोपियों का पक्ष

फिलहाल, मुस्तफा इकबाल, मोहम्मद उस्मान अरशद और अन्य आरोपी इन सभी आरोपों से इनकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे निर्दोष हैं और उन्हें झूठा फंसाया जा रहा है।

अदालत में दोनों पक्षों की ओर से दलीलें पेश की जा रही हैं। गवाहों के बयान, पुलिस रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहन जांच और सुनवाई जारी है।

व्यापक असर और चिंता

यह मामला केवल एक अदालत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के सामने एक गंभीर चेतावनी है।

नाबालिग लड़कियों को निशाना बनाकर इस तरह के अपराध यह दर्शाते हैं कि सुरक्षा तंत्र में अभी भी कई खामियां हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों से निपटने के लिए सख्त कानून के साथ-साथ जागरूकता, शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी भी जरूरी है।

अंततः अदालत का फैसला जो भी हो, लेकिन यह मामला यह साफ करता है कि बच्चों की सुरक्षा के मुद्दे पर किसी भी तरह की लापरव

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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