Sheikh Hasina: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना करीब दो साल बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आई हैं। नई दिल्ली से मीडिया के साथ हुई एक वर्चुअल बातचीत में उन्होंने कई अहम मुद्दों पर अपनी राय रखी।
इस दौरान उन्होंने साफ कर दिया कि वह बांग्लादेश वापस लौटने का फैसला कर चुकी हैं। साथ ही उन्होंने देश की मौजूदा सरकार की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए।
शेख हसीना ने कहा कि पिछले दो वर्षों में उन्होंने अपने देश को कई मुश्किलों का सामना करते देखा है।
उनके अनुसार आज का बांग्लादेश वैसा नहीं रह गया है, जैसा उन्होंने और उनके साथियों ने बनाने का सपना देखा था। उन्होंने कहा कि देश की मौजूदा स्थिति उन्हें बेहद दुख पहुंचाती है।
2024 के आंदोलन पर कही बड़ी बात
अपने संबोधन में शेख हसीना ने जुलाई और अगस्त 2024 में हुए घटनाक्रम का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि उस समय जो आंदोलन हुआ, उसे केवल छात्रों का शांतिपूर्ण प्रदर्शन नहीं कहा जा सकता।
उनके अनुसार कुछ संगठित समूहों ने छात्रों की मांगों का इस्तेमाल राजनीतिक मकसद से किया और हालात को हिंसक बना दिया।
उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने शुरुआत से ही बातचीत, कानूनी प्रक्रिया और धैर्य के जरिए समस्या का समाधान निकालने की कोशिश की थी।
लेकिन हालात ऐसे बन गए कि आंदोलन ने अलग दिशा ले ली और देश में अस्थिरता बढ़ गई।
बांग्लादेश लौटने का किया ऐलान
शेख हसीना ने अपने संबोधन में सबसे बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि वह बांग्लादेश वापस लौटेंगी। उन्होंने बताया कि उनकी इच्छा दिसंबर में अपने देश लौटने की है।
उन्होंने कहा कि उन्हें पता है कि वापसी के बाद उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है, उनके खिलाफ मुकदमे चल सकते हैं या उनकी जान को भी खतरा हो सकता है। इसके बावजूद वह अपने फैसले से पीछे नहीं हटेंगी।
उन्होंने कहा कि किसी भी तरह का डर उनके कर्तव्य को नहीं बदल सकता। उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण बांग्लादेश की जनता है और वह हमेशा अपने लोगों के साथ खड़ी रहेंगी।
परिवार की याद में हुईं भावुक
बातचीत के दौरान शेख हसीना अपने परिवार को याद कर भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि वर्ष 1975 में उन्होंने अपने परिवार के कई सदस्यों को खो दिया था।
उस कठिन समय के बाद उन्हें कई साल देश से बाहर भी रहना पड़ा। उन्होंने कहा कि उस दौर में भी उन्होंने सैन्य शासन के खिलाफ संघर्ष जारी रखा था।
उन्होंने कहा कि आज भी उनका अपने देश और वहां के लोगों से रिश्ता पहले जैसा ही मजबूत है। भले ही वह देश से दूर हैं, लेकिन उनका मन हमेशा बांग्लादेश के लोगों के साथ रहा है।
भाषण के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
शेख हसीना के इस बयान के बाद बांग्लादेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है।
उनकी वापसी की घोषणा और मौजूदा सरकार पर लगाए गए आरोपों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों और समर्थकों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
कई जगहों पर विरोध के स्वर भी सुनाई दिए, जबकि उनके समर्थकों ने उनकी वापसी के फैसले का स्वागत किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके इस भाषण के बाद देश का राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो सकता है।
लोगों पर जताया भरोसा
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें बांग्लादेश की जनता पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि जनता का समर्थन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
उनका मानना है कि देश को फिर से सही दिशा में ले जाने के लिए सभी लोगों को मिलकर काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्तिगत लाभ का नहीं, बल्कि देश के भविष्य को बेहतर बनाने का है। इसी सोच के साथ वह वापस लौटना चाहती हैं।
पूरे क्षेत्र पर पड़ सकता है असर
शेख हसीना ने यह भी कहा कि बांग्लादेश का मौजूदा संकट केवल एक देश का मामला नहीं है।
उनका मानना है कि यदि बांग्लादेश में लंबे समय तक राजनीतिक अस्थिरता बनी रहती है, तो इसका असर पूरे दक्षिण एशिया पर पड़ सकता है।
इसलिए उन्होंने सभी पक्षों से लोकतांत्रिक मूल्यों और शांति बनाए रखने की अपील की।

