सऊदी अरब में सोमवार तड़के हुए एक भयावह सड़क हादसे ने भारत, विशेषकर तेलंगाना राज्य में गहरा शोक फैला दिया है।
प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक उमरा के लिए सऊदी अरब पहुंचे लगभग 42 भारतीय यात्रियों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है।
यह दर्दनाक दुर्घटना मक्का से मदीना जा रही एक बस के साथ हुई, जो मुफरिहात इलाके के पास एक डीज़ल टैंकर से जोरदार टक्कर के बाद आग की लपटों में घिर गई।
हादसा इतना भीषण था कि बस का अधिकांश हिस्सा जलकर राख हो गया और कई यात्रियों की पहचान करना भी चुनौती बन गया है।
सऊदी अरब: मक्का से मदीना की यात्रा के दौरान दुर्घटना
बताया जा रहा है कि इस बस में सवार यात्री भारत के अलग-अलग राज्यों से थे, लेकिन उनमें सबसे अधिक संख्या तेलंगाना, खासकर हैदराबाद के लोगों की थी।
ये सभी यात्री उमरा के लिए सऊदी अरब गए थे और मक्का से मदीना की यात्रा के दौरान दुर्घटना का शिकार हो गए।
कई यात्री सफर के दौरान सो रहे थे, जिस वजह से वे समझ भी नहीं पाए कि कुछ ही पलों में उनके साथ क्या होने वाला है। टक्कर इतनी अचानक हुई कि अधिकांश लोगों को बचाव का मौका भी नहीं मिला।
सऊदी प्रशासन ने डीएनए आधारित पहचान
टक्कर के तुरंत बाद बस में आग फैल गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही सऊदी सिविल डिफ़ेंस, स्थानीय पुलिस और मेडिकल टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के साथ-साथ घायलों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया।
कई यात्रियों को गंभीर जलन और गहरी चोटें आईं, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार कई घायलों की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।
घटनास्थल की भयावहता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि राहतकर्मियों को बस के जले हुए ढांचे को काटकर अंदर फंसे लोगों को निकालना पड़ा।
कई शव आग की वजह से बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए, जिससे पहचान करना मुश्किल हो रहा है। सऊदी प्रशासन ने डीएनए आधारित पहचान प्रक्रिया शुरू करने का संकेत दिया है।
रेवंत रेड्डी ने जताया दुख
उधर भारत में भी इस दुर्घटना को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की जा रही है।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने इस हादसे को “बेहद दुखद और हृदयविदारक” बताते हुए मुख्य सचिव और डीजीपी को तुरंत विस्तृत जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं।
राज्य सरकार ने सऊदी अधिकारियों और भारत के विदेश मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा है ताकि मौतों की पुष्टि,
घायलों की सूची और आवश्यक सहायता की प्रक्रियाओं को तेज़ी से आगे बढ़ाया जा सके। सरकार ने पीड़ित परिवारों की मदद के लिए तुरंत एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है।
जयशंकर ने जताया दुख
हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
उन्होंने बताया कि उन्होंने रियाद स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारियों से संपर्क कर बस में सवार भारतीय यात्रियों की पूरी सूची साझा की है।
ओवैसी ने केंद्र सरकार, खासकर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से अपील की है कि मृतकों के पार्थिव शरीर जल्द से जल्द भारत भेजे जाएं और घायलों का सर्वोत्तम उपचार सुनिश्चित किया जाए।
उनका कहना है कि इस हादसे ने न केवल पीड़ितों के परिवारों बल्कि पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है।
जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने भी तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए 24×7 कंट्रोल रूम स्थापित किया है और एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 8002440003 जारी किया है,
जिससे परिजन संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकें। दूतावास के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि वे सऊदी प्रशासन के साथ मिलकर हर पीड़ित को आवश्यक सहायता प्रदान करेंगे।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी हादसे पर गहरा दुख प्रकट करते हुए कहा है कि भारत सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।
उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय दूतावास की टीमें घटनास्थल और अस्पतालों में लगातार मौजूद हैं और हर भारतीय की मदद सुनिश्चित की जा रही है।

