Friday, March 13, 2026

बिहार विधानसभा चुनाव 2025: एक बार फिर बिहार में राहुल गाँधी ने भाजपा को जिताया चुनाव!!

बिहार विधानसभा चुनाव 2025: NDA ने 202 सीट के साथ प्रचंड बहुमत से जीत लिया है। वहीं महागठबंधन 35 पर ही सिमट कर रह गया। कांग्रेस का तो सूपड़ा ही साफ़ हो गया। पार्टी को सिर्फ पांच सीटें मिली।

जहाँ प्रधानमंत्री मोदी और नीतीश कुमार जैसे दिग्गजों का दमदार प्रचार NDA के पक्ष में माहौल बना रहा था, वहीं एक ऐसा फैक्टर भी था जिसने चुपचाप बीजेपी के लिए बड़ा रास्ता बना दिया तो वो थे राहुल गाँधी।

यह सुनने में आपको भले ही अजीब लगे, पर जिस तरह उनकी हर रणनीति महागठबंधन का नुकसान और NDA का फायदा करती दिखी, उससे लग तो ऐसा रहा है कि राहुल गाँधी इस बार चुनाव में BJP के ‘अनजाने स्टार प्रचारक’ साबित हुए। आइये जानते हैं कैसे:

‘वोटर अधिकार यात्रा’ ने बिगाड़ा महागठबंधन का पूरा मोमेंटम

बिहार विधानसभा चुनाव 2025: EC द्वारा मतदाता सूची संशोधन के बाद राहुल गाँधी ने 17 अगस्त को ‘वोटर अधिकार यात्रा’ शुरू की, उम्मीद थी कि जनता सड़कों पर उमड़ेगी, लेकिन नतीजा इसके बिल्कुल उलट निकला।

मुद्दे गायब दिखे, भीड़ नदारद, और मंचों से गुस्से के दावे हकीकत से दूर।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025: यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की मां को गाली देने की घटना ने महागठबंधन के खिलाफ माहौल और खराब कर दिया।

यही नहीं, यात्रा खत्म होते-होते RJD-कांग्रेस के बीच दरारें सबके सामने थीं, और तेजस्वी यादव ने अपनी अलग यात्रा शुरू कर दी।

योजना थी कि सरकार को मुद्दों पर घेरने की, लेकिन राहुल की यात्रा ने पूरा नैरेटिव बिगाड़ दिया।

यात्रा खत्म, राहुल गाँधी मलेशिया रवाना हुए, राहुल की ‘पार्ट टाइम पॉलिटिक्स’ वाला आरोप फिर मजबूत

बिहार विधानसभा चुनाव 2025: यात्रा के तुरंत बाद राहुल गाँधी छुट्टियाँ मनाने मलेशिया चले गए।

बीजेपी ने इस मौके को हाथों-हाथ लपका और यह संदेश सफलतापूर्वक फैलाया कि राहुल चुनावों को गंभीरता से नहीं लेते।

राहुल के विदेश दौरों का मुद्दा पहले भी चर्चा में रहा है, लेकिन इस बार बिहार के चुनावी मौसम में उनकी गैरमौजूदगी ने उनकी विश्वसनीयता को और चोट पहुँचाई।

लोगों के बीच धारणा बनी कि यह यात्रा उनके लिए बस एक ‘असाइनमेंट’ थी—न कि कोई राजनीतिक लड़ाई।

दो महीने बिहार से गायब, बीजेपी ने भर दी पूरी स्पेस

बिहार विधानसभा चुनाव 2025: 1 सितंबर की पदयात्रा के बाद राहुल गाँधी लगभग 58 दिनों तक बिहार में दिखाई ही नहीं दिए, जबकि इस दौरान बीजेपी के बड़े चेहरे लगातार बिहार में सक्रिय थे।

यह अनुपस्थिति कांग्रेस नेताओं को भी हैरान करने वाली थी।

जैसे-जैसे राहुल गायब रहे, वैसे-वैसे बीजेपी नेताओं ने चुनावी माहौल को अपने पक्ष में पूरी तरह मोड़ लिया।

राहुल का यह गायब रहना NDA के लिए किसी ‘गिफ्ट’ से कम नहीं था।

छठ पूजा पर विवादित बयान, चुनाव से ठीक पहले बड़ा नुकसान

बिहार विधानसभा चुनाव 2025: चुनावी वापसी के बाद भी राहुल गाँधी का पहला बड़ा भाषण विवादों से घिर गया।

मुजफ्फरपुर की रैली में छठ पूजा को “नाटक” कहना और पीएम मोदी पर अपशब्द कहना, दोनों ही बयान BJP के लिए ‘गोल्डन चांस’ बन गए।

प्रधानमंत्री मोदी ने तुरंत पलटवार कर इसे छठ मैया का अपमान बताया, और यह मुद्दा बिहार के धार्मिक भावनाओं से सीधे जुड़ गया।

चुनाव के समय धार्मिक भावनाओं पर चोट, इसने महागठबंधन को भारी नुकसान पहुँचाया।

‘H-फाइल्स’ भी फेल, चुनाव से ठीक पहले उल्टा पड़ा दाँव

बिहार विधानसभा चुनाव 2025: वोटिंग से ठीक पहले राहुल गाँधी ने हरियाणा में वोट चोरी का आरोप लगाकर ‘H-फाइल्स’ जारी कीं।

लेकिन इन आरोपों में तथ्यहीनता और सबूतों की कमी ने पूरी कहानी को मज़ाक बना दिया।

मनशा थी कि वोट चोरी का नैरेटिव बिहार में असर करे—पर हुआ उल्टा।

बीजेपी ने इसे तुरंत राहुल की “हार मान लेने की रणनीति” बताकर मजाक उड़ाया, और यह दाँव भी महागठबंधन को कोई फायदा नहीं दे पाया।

राहुल गाँधी, महागठबंधन के नेता या NDA के ‘अनजाने स्टार’?

बिहार विधानसभा चुनाव 2025: बीजेपी और उसके समर्थक मज़ाक में कहते रहे हैं कि राहुल गाँधी BJP के सबसे बड़े प्रचारक हैं, लेकिन बिहार चुनाव 2025 की सच्चाई ने इस मज़ाक को एक हद तक हक़ीक़त में बदल ही दिया।

यात्रा की विफलता, लंबी गैरहाज़िरी, विवादित बयान, और चुनावी रणनीतियों की नाकामी, इन सबने मिलकर NDA को मजबूत किया और महागठबंधन को कमजोर।

चुनाव जीतने से पहले ही माहौल ऐसा था कि मानों राहुल गाँधी अनजाने में ही NDA को चुनावी फायदा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा गए हों।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now
Muskaan Gupta
Muskaan Guptahttps://reportbharathindi.com/
मुस्कान डिजिटल जर्नलिस्ट / कंटेंट क्रिएटर मुस्कान एक डिजिटल जर्नलिस्ट और कंटेंट क्रिएटर हैं, जो न्यूज़ और करंट अफेयर्स की रिपोर्टिंग में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 2 साल का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने राजनीति, सामाजिक मुद्दे, प्रशासन, क्राइम, धर्म, फैक्ट चेक और रिसर्च बेस्ड स्टोरीज़ पर लगातार काम किया है। मुस्कान ने जमीनी रिपोर्टिंग के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए प्रभावशाली कंटेंट तैयार किया है। उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव और अन्य राजनीतिक घटनाक्रमों की कवरेज की है और जनता की राय को प्राथमिकता देते हुए रिपोर्टिंग की है। वर्तमान में वह डिजिटल मीडिया के लिए न्यूज़ स्टोरीज़, वीडियो स्क्रिप्ट्स और विश्लेषणात्मक कंटेंट पर काम कर रही हैं। इसके साथ ही वे इंटरव्यू, फील्ड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया जर्नलिज़्म में भी दक्ष हैं। मुस्कान का फोकस तथ्यात्मक, प्रभावशाली और जनहित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने लाने पर रहता है।
- Advertisement -
- Advertisement -

Latest article