पुणे
महाराष्ट्र के पुणे से सामने आई एक घटना में बी फार्मा की पढ़ाई कर चुकी महिला पर अपने पति की हत्या की सुनियोजित कोशिश का आरोप है। उसका पति एक प्रतिष्ठित कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत था और अच्छी आय अर्जित करता था।
घटना की शुरुआत तब हुई जब महिला ने पहले अपने पति को समझाकर उसके नाम पर दो करोड़ रुपये का बीमा करवाया। इसके बाद उसने ऐसी योजना तैयार की, जिसमें पति की मौत को सामान्य घटना जैसा दिखाने की कोशिश की जा सके।
योजना के अगले चरण में महिला कुछ मिस्त्रियों और मजदूरों को अपने घर लेकर आई। उसने बालकनी में एक बड़ा चबूतरा बनवाने का काम शुरू कराया और मजदूरों से कहा कि यहां गमले रखने के लिए मजबूत और स्थायी स्टैंड तैयार किया जाना है।
खाने में नशे की दवा देकर गद्दे में लपेटा
बी फार्मा की पढ़ाई के कारण महिला को दवाओं की जानकारी थी। आरोप है कि उसने जानकारी का इस्तेमाल करते हुए पति के खाने में नशे की दवा मिला दी। दवा खाने के बाद पति की चेतना कमजोर हुई और वह प्रतिरोध नहीं कर सका।
इसके बाद महिला ने अपने पति को जिंदा ही एक गद्दे में लपेट दिया। फिर उसे पहले से तैयार कराए गए चबूतरे के भीतर रख दिया गया। ऊपर से मिट्टी और गिट्टी भरकर जगह को इस तरह बंद किया गया कि कुछ दिखाई न दे।
काम पूरा कराने के लिए महिला ने दोबारा मिस्त्रियों और मजदूरों को बुलाया। उनसे कहा गया कि चबूतरे के ऊपर मसाला और कंक्रीट डालकर प्लास्टर किया जाए तथा बाद में टाइल्स लगाकर पूरी सतह को सामान्य निर्माण की तरह साफ और व्यवस्थित रूप दिया जाए।
सीमेंट डालते समय मजदूरों को महसूस हुई हलचल
मजदूर जब चबूतरे पर सीमेंट डालने का काम कर रहे थे, तभी उन्हें भीतर से किसी प्रकार की हलचल महसूस हुई। उन्होंने महिला से पूछा कि अंदर क्या है और आवाज जैसी हलचल क्यों हो रही है, लेकिन महिला ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
मजदूरों के सवालों का जवाब देने के बजाय महिला वहां से फरार हो गई। स्थिति संदिग्ध लगने पर मजदूरों ने तत्काल 112 नंबर पर फोन करके पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची, निर्माण की जांच हुई और पूरी घटना सामने आ गई।
यह घटना इसलिए भी चौंकाती है क्योंकि इसमें दवाओं की जानकारी, दो करोड़ रुपये का बीमा, पहले से तैयार निर्माण और सबूत छिपाने जैसी कई परतें दिखती हैं। सवाल है कि एक शिक्षित व्यक्ति इतनी खतरनाक और योजनाबद्ध आपराधिक सोच तक कैसे पहुंच जाता है।

