मज़हबी ने हिंदू युवती को ‘प्रिंस’ बनकर फंसाया: प्रयागराज में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मध्य प्रदेश के रीवा की रहने वाली 20 वर्षीय गोल्डी साकेत की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
आरोप है कि प्रयागराज निवासी साहिल खान ने अपनी पहचान छिपाकर खुद को ‘प्रिंस’ बताकर युवती को प्रेमजाल में फंसाया, उससे शादी की और बाद में उसकी मौत के बाद परिजनों को बिना बताए शव दफना दिया।
अब 35 दिन बाद कब्र से शव निकालकर पोस्टमार्टम कराया गया है, लेकिन मौत की वजह अभी भी रहस्य बनी हुई है।
सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती
जानकारी के मुताबिक, रीवा जिले के तमरी गांव की रहने वाली गोल्डी साकेत हैदराबाद की एक बिस्कुट फैक्ट्री में नौकरी करती थी।
वहीं प्रयागराज के कौंधियारा क्षेत्र का रहने वाला साहिल खान भी हैदराबाद में एक टेलरिंग शॉप पर काम करता था। करीब तीन साल पहले दोनों की मुलाकात इंस्टाग्राम पर हुई थी।
परिजनों का आरोप है कि साहिल ने अपना नाम ‘प्रिंस’ बताकर गोल्डी से दोस्ती की। बातचीत धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई और कुछ समय बाद दोनों ने हैदराबाद के एक मंदिर में शादी कर ली।
असली पहचान सामने आते ही बढ़ा विवाद
गोल्डी की मां बेबी देवी के अनुसार, शादी के बाद उनकी बेटी को पता चला कि प्रिंस का असली नाम साहिल खान है और वह मुस्लिम समुदाय से संबंध रखता है। इस बात को लेकर दोनों के बीच विवाद भी हुआ।
आरोप है कि साहिल ने गोल्डी को समझाकर अपने साथ रखा और बाद में मस्जिद में ले जाकर निकाह कराया। इसके बाद वह नौकरी के सिलसिले में गुजरात के सूरत चला गया और गोल्डी को भी अपने साथ ले गया।
गर्भवती होने के बाद बढ़ी प्रताड़ना
परिजनों का कहना है कि फरवरी 2026 में गोल्डी गर्भवती हुई तो उसके साथ मारपीट और प्रताड़ना शुरू हो गई। परेशान होकर वह अपने मायके रीवा लौट आई और परिवार को पूरी बात बताई।
हालांकि कुछ समय बाद साहिल रीवा पहुंचा और परिवार के सामने माफी मांगकर गोल्डी को दोबारा अपने साथ ले गया।
आरोप है कि इसके बाद उसने युवती का सिम कार्ड तोड़ दिया, जिससे उसका परिवार से संपर्क पूरी तरह खत्म हो गया।
एक महीने तक छिपाई गई मौत की खबर
गोल्डी की मां का आरोप है कि उनकी बेटी की मौत 10 मई 2026 को हो गई थी, लेकिन परिवार को इसकी जानकारी करीब एक महीने बाद 6 जून को दी गई।
जब परिजन प्रयागराज पहुंचे तो उन्हें पता चला कि 11 मई को ही युवती के शव को मुस्लिम रीति-रिवाज से दफना दिया गया था।
परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और निष्पक्ष जांच की मांग की।
35 दिन बाद कब्र से निकाला गया शव
मज़हबी ने हिंदू युवती को ‘प्रिंस’ बनकर फंसाया: मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जांच शुरू की। डीएम के आदेश के बाद 16 जून को कब्र की खुदाई कर गोल्डी का शव बाहर निकाला गया। शव काफी सड़ी-गली अवस्था में था।
इसके बाद दो डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया, लेकिन रिपोर्ट में भी मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सका। पुलिस की मौजूदगी में बाद में युवती का अंतिम संस्कार कराया गया।
साहिल ने क्या कहा?
दूसरी ओर साहिल खान ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उसका दावा है कि 10 मई को गोल्डी की अचानक तबीयत खराब हो गई थी।
पहले उसे एक निजी अस्पताल और फिर एसआरएन अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
साहिल का कहना है कि मौत के बाद 11 मई को धार्मिक परंपराओं के अनुसार उसका अंतिम संस्कार किया गया।
वहीं साहिल की मां का भी दावा है कि गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण युवती की जान गई।
जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई
मज़हबी ने हिंदू युवती को ‘प्रिंस’ बनकर फंसाया: फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के दावों और आरोपों की जांच कर रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वजह स्पष्ट नहीं होने के कारण अब जांच एजेंसियां अन्य साक्ष्यों और परिस्थितियों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल कर रही हैं।

