मालवीय नगर अग्निकांड के बाद दिल्ली में बुलडोजर एक्शन: दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड ने राजधानी में अवैध निर्माण, अग्नि सुरक्षा नियमों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
इस हादसे में 23 लोगों की मौत के बाद दिल्ली सरकार, नगर निगम (MCD), राजस्व विभाग और दिल्ली अग्निशमन सेवा ने संयुक्त रूप से राजधानी भर में व्यापक अभियान शुरू किया है।
इसका उद्देश्य उन इमारतों और प्रतिष्ठानों की पहचान करना है जो बिना मंजूरी, अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र या स्वीकृत भवन नक्शे के संचालित हो रहे हैं।
महज़ 10 दिनों में 237 संपत्तियां सील और 217 अवैध निर्माण ध्वस्त
दिल्ली नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, 4 जून से अब तक 217 अनधिकृत निर्माणों को ध्वस्त किया जा चुका है, जबकि 237 संपत्तियों को सील किया गया है।
निगम ने अवैध निर्माण के मामलों में 330 कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं और सीलिंग के लिए 151 अलग नोटिस भेजे हैं। इसके अलावा 91 विध्वंस आदेश भी पारित किए जा चुके हैं, जिन पर चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई जारी है।
सोमवार (16 जून 2026) को ही एमसीडी ने 14 अवैध निर्माणों को गिराया और 25 प्रतिष्ठानों को सील किया। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज किया जाएगा।
773 जगहों पर निरीक्षण, हर जिले में चल रही जांच
राजस्व विभाग द्वारा 5 जून से 15 जून के बीच दिल्ली के विभिन्न जिलों में 773 संपत्तियों और स्थलों का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान भवन नियमों, भूमि उपयोग, अग्नि सुरक्षा मानकों और अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों की जांच की गई।
15 जून को ही विभिन्न जिलों में 29 स्थानों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने कई जगहों पर अग्निशमन विभाग की अनिवार्य एनओसी (No Objection Certificate) का अभाव, अवरुद्ध आपातकालीन निकास, अवैध अतिरिक्त निर्माण और आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों जैसे गंभीर उल्लंघन पाए।
पश्चिमी दिल्ली में सबसे ज्यादा कार्रवाई
जिलावार आंकड़ों के अनुसार पश्चिमी दिल्ली में सबसे अधिक 165 निरीक्षण किए गए। इसके बाद दक्षिणी दिल्ली में 93, उत्तरी दिल्ली में 89, दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली में 70 और उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 68 निरीक्षण दर्ज किए गए।
दक्षिण दिल्ली प्रशासन ने अभियान के दौरान कई भवनों का निरीक्षण किया और नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर तीन नोटिस जारी किए।
अधिकारियों का कहना है कि दक्षिण दिल्ली में होटल, गेस्ट हाउस, बैंक्वेट हॉल और बहुमंजिला आवासीय परिसरों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
होटल, बैंक्वेट हॉल और निर्माणाधीन इमारतें जांच के दायरे में
Delhi Bulldozer Action After Malviya Nagar Fire: निरीक्षण टीमों ने गेस्ट हाउस, बैंक्वेट हॉल, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, निर्माणाधीन भवनों और ऐसे आवासीय परिसरों का दौरा किया जहां अवैध व्यावसायिक गतिविधियों की शिकायतें मिली थीं।
जांच के दौरान कई प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की कमी, फायर एग्जिट ब्लॉक होने और क्षमता से अधिक लोगों के ठहरने जैसी गंभीर खामियां सामने आईं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी अनियमितताएं किसी भी आपातकालीन स्थिति में बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं।
दिल्ली-2021 मास्टर प्लान के तहत होगी सख्त कार्रवाई
एमसीडी ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली-2021 मास्टर प्लान, एकीकृत भवन उपनियम 2016 और दिल्ली नगर निगम अधिनियम 1957 के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।
नियमों का उल्लंघन करने वाले भवन मालिकों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ सीलिंग, ध्वस्तीकरण और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार यह अभियान केवल शिकायत आधारित नहीं है, बल्कि पूरे शहर में चलाया जा रहा एक व्यापक सर्वेक्षण है जिसका उद्देश्य अवैध निर्माणों की जड़ तक पहुंचना है।
भ्रष्टाचार और सुरक्षा मानकों पर भी उठ रहे सवाल
मालवीय नगर अग्निकांड के बाद दिल्ली में बुलडोजर एक्शन: मालवीय नगर अग्निकांड के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर बिना आवश्यक मंजूरी और सुरक्षा प्रमाणपत्रों के इतने बड़े पैमाने पर निर्माण कैसे संचालित हो रहे थे।
शहरी विकास विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध निर्माण केवल नियमों की अनदेखी का परिणाम नहीं, बल्कि निगरानी तंत्र की कमजोरियों और कथित भ्रष्टाचार का भी संकेत हैं।
यही वजह है कि प्रशासन अब केवल भवन मालिकों पर ही नहीं, बल्कि नियमों के पालन की निगरानी करने वाली एजेंसियों की जवाबदेही तय करने की दिशा में भी कदम उठा सकता है।
कार्रवाई जारी
दिल्ली प्रशासन का कहना है कि आने वाले हफ्तों में निरीक्षण अभियान और तेज होगा। विशेष रूप से उन इलाकों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां घनी आबादी, व्यावसायिक गतिविधियां और बहुमंजिला इमारतें अधिक हैं।
अधिकारियों ने भवन मालिकों को चेतावनी दी है कि वे समय रहते अपने दस्तावेज, अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र और भवन स्वीकृतियां अपडेट कर लें, अन्यथा उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।
मालवीय नगर अग्निकांड ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अवैध निर्माण केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि लोगों की जान के लिए भी गंभीर खतरा हैं।
अब देखने वाली बात यह होगी कि यह अभियान केवल कुछ दिनों की कार्रवाई बनकर रह जाता है या दिल्ली में सुरक्षित और नियमसम्मत शहरी विकास की दिशा में स्थायी बदलाव लाता है।
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