PM Modi को मिला 35वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान: भारत और इंडोनेशिया के रिश्तों में एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तीन देशों की विदेश यात्रा के पहले चरण में इंडोनेशिया पहुंचे, जहां उनका भव्य राजकीय स्वागत किया गया।
इस यात्रा की सबसे बड़ी उपलब्धि रही कि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रधानमंत्री मोदी को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिंतांग आदिपूर्णा’ (Bintang Adipurna) प्रदान किया।
इसके साथ ही दोनों देशों के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, डिजिटल तकनीक और महत्वपूर्ण खनिजों सहित 10 से अधिक रणनीतिक समझौतों पर सहमति बनी, जो आने वाले वर्षों में भारत-इंडोनेशिया संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।
जकार्ता में हुआ प्रधानमंत्री मोदी का शाही स्वागत
PM Modi को मिला 35वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता पहुंचने पर उनका राजकीय सम्मान के साथ भव्य स्वागत किया गया।
राष्ट्रपति भवन ‘इस्ताना मर्डेका’ में आयोजित औपचारिक स्वागत समारोह में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रधानमंत्री मोदी का आत्मीय अंदाज में स्वागत किया।
इस अवसर पर दोनों देशों के राष्ट्रगान बजाए गए, गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया गया और इंडोनेशिया की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाली रंगारंग प्रस्तुतियों ने समारोह को और भी खास बना दिया।
स्वागत समारोह के दौरान बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे भारत और इंडोनेशिया के राष्ट्रीय ध्वज लहराते हुए नजर आए। प्रधानमंत्री मोदी ने उनके पास जाकर मुस्कुराते हुए अभिवादन स्वीकार किया और बच्चों से आत्मीय संवाद भी किया।
यह यादगार पल कैमरों में कैद हो गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और दोनों देशों की मजबूत होती दोस्ती का प्रतीक बन गया।
‘बिंतांग अदिपूर्णा’ से सम्मानित हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण क्षण तब आया जब राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘बिंतांग आदिपूर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ से सम्मानित किया। यह इंडोनेशिया का सर्वोच्च राजकीय सम्मान है, जिसकी स्थापना वर्ष 1959 में हुई थी।
यह सम्मान उन विदेशी राष्ट्राध्यक्षों को दिया जाता है जिन्होंने इंडोनेशिया के साथ रणनीतिक सहयोग, मित्रता और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया हो।
यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत और इंडोनेशिया के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देने तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग को विस्तार देने में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रदान किया गया।
पीएम मोदी बोले- यह सम्मान मेरा नहीं, 140 करोड़ भारतीयों का है
PM Modi को मिला 35वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान: सम्मान प्राप्त करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह पुरस्कार उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं बल्कि भारत के करोड़ों नागरिकों का सम्मान है।
उन्होंने कहा कि यह भारत और इंडोनेशिया के बीच दशकों पुराने विश्वास, मित्रता और साझेदारी का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, इंडोनेशिया की सरकार और वहां की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों देशों के संबंध आने वाले समय में और अधिक मजबूत होंगे।
Astra-BrahMos पर बनी सहमति
PM Modi को मिला 35वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान: इस दौरे की सबसे बड़ी रणनीतिक उपलब्धियों में रक्षा सहयोग शामिल रहा। भारत में विकसित Astra एयर-टू-एयर मिसाइल की क्षमता और आधुनिक तकनीक से प्रभावित होकर इंडोनेशिया ने इसे खरीदने का निर्णय लिया है।
इसके अलावा इंडोनेशिया अपनी सेना के लिए भारत से अतिरिक्त BrahMos सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल बैटरियां भी खरीदेगा।
भारत इन मिसाइलों की तैनाती और संचालन में भी इंडोनेशिया की सहायता करेगा। इससे भारत का रक्षा निर्यात और “मेक इन इंडिया” अभियान दोनों को बड़ी मजबूती मिलेगी।
सबांग पोर्ट से बढ़ेगी भारत की समुद्री ताकत
PM Modi को मिला 35वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान: भारत और इंडोनेशिया ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सबांग पोर्ट के संयुक्त विकास पर भी सहमति बनाई है।
यह बंदरगाह दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्ग मलक्का जलडमरूमध्य के बेहद करीब स्थित है और भारत के ग्रेट निकोबार पोर्ट प्रोजेक्ट से लगभग 100 मील की दूरी पर है।
इस परियोजना के पूरा होने से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री सुरक्षा, व्यापारिक पहुंच और सामरिक मौजूदगी पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी।
EVM तकनीक और चुनाव प्रबंधन में भारत करेगा सहयोग
PM Modi को मिला 35वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान: भारत के लोकतांत्रिक चुनाव मॉडल और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) प्रणाली से प्रभावित होकर इंडोनेशिया ने भारत से तकनीकी सहयोग लेने का निर्णय लिया है।
भारत इंडोनेशिया को उसकी जरूरतों के अनुसार आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग प्रणाली विकसित करने में मदद करेगा।
इसके अलावा दोनों देशों ने चुनाव प्रबंधन, डिजिटल प्रशासन और तकनीकी सहयोग को भी मजबूत बनाने पर सहमति जताई है।
स्टील, निकल और रेयर अर्थ सेक्टर में बढ़ेगा भारतीय निवेश
PM Modi को मिला 35वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान: बैठक के दौरान दोनों देशों ने महत्वपूर्ण खनिजों और औद्योगिक सहयोग को लेकर भी कई फैसले किए। भारत अब इंडोनेशिया में स्टील, निकल और रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट्स बनाने वाली परियोजनाओं में बड़ा निवेश करेगा।
इससे भारत की क्रिटिकल मिनरल सप्लाई चेन मजबूत होगी और इलेक्ट्रिक वाहन, रक्षा उपकरण तथा हाई-टेक उद्योगों के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता बेहतर होगी।
ऊर्जा, व्यापार और समुद्री सुरक्षा पर बनी नई रणनीति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक में ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, खाद्य सुरक्षा, डिजिटल अर्थव्यवस्था और रक्षा सहयोग सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
दोनों देशों ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। बैठक में रक्षा, समुद्री सहयोग, व्यापार और डिजिटल क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के साथ भारत की ‘Act East Policy’ तथा ‘MAHASAGAR Vision’ के तहत साझा प्रयासों को गति देने पर भी सहमति बनी।
राष्ट्रपति भवन में विजिटर बुक पर किए हस्ताक्षर
PM Modi को मिला 35वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान: औपचारिक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति भवन स्थित विजिटर बुक पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर हुए।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जकार्ता में हुए स्वागत का वीडियो साझा करते हुए इंडोनेशिया की जनता और सरकार का आभार भी व्यक्त किया।
पीएम मोदी को मिल चुका है 35 देशों का सर्वोच्च सम्मान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अब तक दुनिया के 35 देशों द्वारा उनके सर्वोच्च नागरिक या राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है।
हाल ही में सेशेल्स ने उन्हें ‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ सम्मान दिया था, जबकि अब इंडोनेशिया ने अपने सर्वोच्च सम्मान ‘बिंतांग आदिपूर्णा’ से सम्मानित कर भारत के प्रति अपनी गहरी मित्रता का संदेश दिया है।
क्यों ऐतिहासिक माना जा रहा है यह दौरा?
PM Modi को मिला 35वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान: प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा केवल एक औपचारिक विदेश यात्रा नहीं बल्कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की बढ़ती रणनीतिक भूमिका का संकेत माना जा रहा है।
रक्षा सहयोग, मिसाइल निर्यात, समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों में निवेश और डिजिटल तकनीक जैसे क्षेत्रों में हुए समझौते आने वाले वर्षों में भारत को आर्थिक और सामरिक दोनों मोर्चों पर मजबूत बनाएंगे।
इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्राप्त करना भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा और प्रधानमंत्री मोदी की अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक स्वीकार्यता का भी बड़ा प्रतीक माना जा रहा है।
ऐसे समय में जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र वैश्विक रणनीति का केंद्र बन चुका है, भारत और इंडोनेशिया की यह साझेदारी पूरे क्षेत्र के लिए नई दिशा तय कर सकती है।
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