महाराष्ट्र के हनुमान मंदिर में बड़ा हादसा: महाराष्ट्र के परभणी जिले के मानवत तालुका स्थित यशवाड़ी गांव में शनिवार (20 जून 2026) को एक दर्दनाक हादसा हो गया।
प्रसिद्ध हनुमान मंदिर परिसर में निर्माणाधीन सभा मंडप (असेंबली हॉल) की छत और मुख्य पिलर अचानक भरभराकर गिर गए।
हादसे के समय मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। देखते ही देखते पूरा परिसर धूल के गुबार और चीख-पुकार से भर गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस हादसे में 5 से ज्यादा श्रद्धालुओं की मौत हो गई है, जबकि 32 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
दर्शन के दौरान अचानक ढहा मंडप
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शनिवार होने के कारण मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। दोपहर करीब 3 बजे बड़ी संख्या में भक्त सभा मंडप के नीचे पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए मौजूद थे।
तभी अचानक तेज कड़कड़ाहट की आवाज के साथ मंडप के पिलर कमजोर पड़ गए और कंक्रीट की भारी छत सीधे श्रद्धालुओं पर आ गिरी। हादसा इतना अचानक हुआ कि लोगों को भागने या खुद को बचाने का मौका तक नहीं मिला।
मलबे में दबे कई श्रद्धालु, मौत का आंकड़ा बढ़ने की आशंका
महाराष्ट्र के हनुमान मंदिर में बड़ा हादसा: हादसे के बाद सामने आई शुरुआती रिपोर्टों में बताया गया कि मलबे के नीचे बड़ी संख्या में श्रद्धालु दब गए। प्रशासन को आशंका है कि अभी भी कई लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं।
मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है क्योंकि कई घायलों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ श्रद्धालुओं के सिर, छाती और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं और कई मरीजों का इलाज गहन निगरानी में चल रहा है।
युद्ध स्तर पर शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं ने बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू कर दिया। लोगों ने अपने हाथों से मलबा हटाकर फंसे हुए श्रद्धालुओं को बाहर निकालने की कोशिश की।
सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन दल और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। क्रेन, पोकलेन मशीन और कंक्रीट कटर की मदद से मलबा हटाने का काम लगातार जारी है।
घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए तैनात की गईं कई एंबुलेंस
महाराष्ट्र के हनुमान मंदिर में बड़ा हादसा: घटना के बाद मौके पर कई एंबुलेंस और मेडिकल टीमें तैनात कर दी गईं। घायल श्रद्धालुओं को तत्काल परभणी जिला सामान्य अस्पताल और आसपास के स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया।
अस्पताल प्रशासन को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
प्रशासन और जनप्रतिनिधि लगातार कर रहे निगरानी
हादसे की सूचना मिलते ही परभणी की गार्जियन मिनिस्टर मेघना बोर्डिकर ने घटना का संज्ञान लिया और जिला कलेक्टर तथा पुलिस अधीक्षक से संपर्क कर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
एनसीपी विधायक राजेश विटेकर सहित कई जनप्रतिनिधि भी प्रशासन के संपर्क में हैं और बचाव कार्य की लगातार निगरानी कर रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद रहकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
आस्था के केंद्र में हादसे ने खड़े किए कई सवाल
हनुमान मंदिर में हुए इस दर्दनाक हादसे ने निर्माणाधीन धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आखिर श्रद्धालुओं से भरे परिसर में निर्माण कार्य के दौरान पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए गए? क्या निर्माण सामग्री या संरचना में कोई तकनीकी खामी थी? इन सवालों के जवाब अब जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे।
रेस्क्यू जारी, पूरे प्रदेश की नजर यशवाड़ी पर
महाराष्ट्र के हनुमान मंदिर में बड़ा हादसा: फिलहाल प्रशासन की पहली प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करना है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
पूरे महाराष्ट्र की नजर अब यशवाड़ी गांव पर टिकी हुई है, जहां हर गुजरते मिनट के साथ नई जानकारियां सामने आ रही हैं और परिजन अपने प्रियजनों की सलामती की दुआ कर रहे हैं।
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