Friday, July 10, 2026

केतन के पिता की राष्ट्रपति से गुहार, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और दोषियों को कठोर सजा देने की मांग

केतन अग्रवाल हत्याकांड

महाराष्ट्र के पुणे में चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड को लेकर मृतक के पिता विशाल अग्रवाल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भावुक ईमेल भेजा है। उन्होंने मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराकर दोषियों को जल्द कठोर सजा दिलाने और न्याय सुनिश्चित करने की अपील की है।

विशाल अग्रवाल ने आठ जुलाई 2026 को राष्ट्रपति भवन के सचिव के आधिकारिक ईमेल पते पर यह पत्र भेजा। पत्र का विषय केतन अग्रवाल के लिए न्याय रखा गया। इसमें उन्होंने परिवार पर टूटे दुख, बेटे की हत्या और न्याय में देरी से बढ़ती पीड़ा विस्तार से बताई।

व्यवसायी नहीं, अपने बेटे के लिए न्याय मांगता एक पिता

राष्ट्रपति को संबोधित पत्र में विशाल अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि वह किसी व्यवसायी अथवा प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में अपनी बात नहीं रख रहे हैं। उन्होंने स्वयं को केवल ऐसा पिता बताया, जिसका बेटा छीन लिया गया और जो अब उसके लिए न्याय मांग रहा है।

उन्होंने लिखा कि केतन की बेरहमी से हत्या किए जाने के बाद उनके परिवार का पूरा जीवन बदल गया। परिवार का प्रत्येक सदस्य प्रतिदिन उसी असहनीय दर्द के साथ जागता है और हर रात सोते समय उसके मन में केवल एक सवाल रहता है कि केतन को न्याय कब मिलेगा।

बेटे के बाद बीस दिनों में पिता को भी खोया

विशाल अग्रवाल ने पत्र में बताया कि बेटे की हत्या से पैदा हुआ दुख अभी संभला भी नहीं था कि केवल बीस दिनों के भीतर उन्होंने अपने पिता को भी खो दिया। इस तरह बेहद कम समय में परिवार ने दो पीढ़ियों के दो प्रिय सदस्यों को खो दिया।

उनके अनुसार, उनके पिता अपने पोते केतन से अत्यधिक प्रेम करते थे और उसकी मौत का सदमा सहन नहीं कर सके। गहरे मानसिक आघात और शोक के कारण उनका रक्तचाप गिर गया और अंततः उनके हृदय ने काम करना बंद कर दिया।

विशाल अग्रवाल ने लिखा कि बीस दिनों के भीतर बेटे और पिता दोनों की मृत्यु ने पूरे परिवार को भीतर तक तोड़ दिया। उनका परिवार बिखर चुका है और इस दोहरे नुकसान से उबर पाना संभव नहीं हो रहा। परिवार अब न्याय को ही अंतिम सहारा मान रहा है।

फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग

पत्र में उन्होंने कहा कि उनका परिवार किसी विशेष सुविधा, रियायत अथवा अलग व्यवहार की मांग नहीं कर रहा है। परिवार केवल चाहता है कि केतन हत्याकांड की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाए, जिससे मामले का शीघ्र निर्णय हो और न्याय मिलने में अनावश्यक देरी न हो।

उन्होंने मांग की कि इस क्रूर अपराध को अंजाम देने वाले दोषियों को कानून के अंतर्गत उपलब्ध सबसे कठोर दंड दिया जाए। विशाल अग्रवाल ने कहा कि न्याय में होने वाली प्रत्येक देरी पीड़ित परिवार की पीड़ा बढ़ाती है और अपराधियों को प्रक्रिया लंबी खींचने का अवसर देती है।

पत्र में क्या कहा है

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केतन के पिता की राष्ट्रपति से गुहार, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई और दोषियों को कठोर सजा देने की मांग 2

आदरणीय महोदया, द्रौपदी मुर्मू महोदया, भारत की राष्ट्रपति। मेरा नाम विशाल अग्रवाल है और मैं केतन अग्रवाल का पिता हूं। मैं यह ईमेल पीड़ा और उम्मीद से भरे हृदय के साथ आपको लिख रहा हूं तथा अपने बेटे के लिए न्याय मांग रहा हूं।

मैं यह पत्र किसी व्यवसायी अथवा प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में नहीं लिख रहा हूं। मैं केवल एक पिता हूं, जिसका बेटा उससे हमेशा के लिए छीन लिया गया। मैं अपने बेटे के लिए इंसाफ चाहता हूं और इसी उम्मीद के साथ आपके सामने अपनी व्यथा रख रहा हूं।

मेरे बेटे केतन की बेरहमी से हत्या कर दी गई। उस दिन के बाद से हमारा जीवन पूरी तरह बदल गया है। हर सुबह हम उसी दर्द के साथ जागते हैं और प्रत्येक रात हमारे मन में वही सवाल रहता है कि आखिर केतन को न्याय कब मिलेगा।

दुख यहीं समाप्त नहीं हुआ। केतन को खोने के केवल बीस दिनों के भीतर मैंने अपने पिता को भी खो दिया। वह अपने पोते से किसी भी चीज से अधिक प्रेम करते थे और केतन की मृत्यु से पैदा हुए सदमे तथा शोक को सहन नहीं कर सके।

उनका रक्तचाप गिर गया और अंततः उनके हृदय ने काम करना बंद कर दिया। केवल बीस दिनों के भीतर मैंने अपने बेटे और अपने पिता दोनों को खो दिया। इन दो मौतों ने हमारे परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया और हमारा जीवन बिखर गया।

महोदया, हम किसी प्रकार के विशेष व्यवहार की मांग नहीं कर रहे हैं। हम केवल इतना चाहते हैं कि इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए और जल्द से जल्द न्याय मिले। जिन लोगों ने यह किया, उन्हें कानून के तहत कठोरतम सजा मिलनी चाहिए।

न्याय में होने वाली देरी हमारे जैसे परिवारों की पीड़ा को और बढ़ाती है। केतन अब वापस नहीं आ सकता, लेकिन दोषियों को यह महसूस नहीं होना चाहिए कि वे ऐसे क्रूर अपराध के परिणामों से बच सकते हैं अथवा कानूनी प्रक्रिया में देरी कर सकते हैं।

दोषियों को कठोर सजा मिलने से केवल हमारे परिवार को कुछ मानसिक शांति नहीं मिलेगी, बल्कि समाज में स्पष्ट संदेश भी जाएगा कि निर्दोष लोगों के जीवन का मूल्य है और ऐसे जघन्य अपराध किसी भी परिस्थिति में स्वीकार अथवा बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।

मैं हाथ जोड़कर आपसे अनुरोध करता हूं कि कृपया इस मामले पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान दें और यह सुनिश्चित करने में सहायता करें कि जल्द से जल्द न्याय मिले। हमारे परिवार ने बहुत कुछ खो दिया है और अब केवल एक ही उम्मीद बची है, इंसाफ।

कृपया मेरे बेटे के मामले को केवल एक और सरकारी फाइल बनकर न रह जाने दें। इस मामले के पीछे एक ऐसा परिवार है, जिसने अपना सब कुछ खो दिया है। मेरा ईमेल पढ़ने के लिए अपना समय देने हेतु आपका हृदय से धन्यवाद।

सादर, विशाल अग्रवाल, केतन अग्रवाल के पिता।

दोषियों को सजा देकर समाज में मिसाल कायम करने की अपील

विशाल अग्रवाल ने कहा कि केतन अब वापस नहीं लौट सकता, लेकिन दोषियों को यह संदेश भी नहीं मिलना चाहिए कि वे कानूनी प्रक्रिया से बच सकते हैं। उनके अनुसार, कठोर दंड से परिवार को कुछ शांति मिलेगी और समाज में अपराध के विरुद्ध मजबूत संदेश जाएगा।

उन्होंने पत्र में जोर दिया कि निर्दोष लोगों की जान का मूल्य है और ऐसे अपराध किसी भी कीमत पर सहन नहीं किए जाने चाहिए। दोषियों को शीघ्र सजा मिलने से यह उदाहरण स्थापित होगा कि जघन्य अपराध करने वाला व्यक्ति कानून की पकड़ से बच नहीं सकता।

राष्ट्रपति से व्यक्तिगत हस्तक्षेप की भावुक अपील

पत्र के अंतिम हिस्से में विशाल अग्रवाल ने राष्ट्रपति से हाथ जोड़कर अनुरोध किया कि वह इस मामले पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान दें। उन्होंने अपील की कि संबंधित संस्थाओं के माध्यम से केतन हत्याकांड में जल्द न्याय सुनिश्चित कराया जाए और सुनवाई को लंबा खिंचने से रोका जाए।

उन्होंने कहा कि उनका परिवार पहले ही बहुत कुछ खो चुका है और अब उसके पास केवल न्याय की उम्मीद बची है। विशाल अग्रवाल ने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि उनके बेटे के मामले को सरकारी व्यवस्था में रखी एक सामान्य फाइल बनकर समाप्त नहीं होने दिया जाए।

न्याय का इंतजार कर रहा बिखरा परिवार

विशाल अग्रवाल ने अपने पत्र के माध्यम से बताया कि इस मुकदमे के पीछे केवल कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि ऐसा परिवार खड़ा है जिसने अपना सब कुछ खो दिया। बेटे और पिता की मौत के बाद परिवार अब शीघ्र न्याय मिलने की प्रतीक्षा कर रहा है।

केतन अग्रवाल हत्याकांड में पिता की इस अपील ने परिवार की मानसिक पीड़ा, न्यायिक देरी को लेकर चिंता और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग को सामने रखा है। परिवार चाहता है कि मामले की सुनवाई तेजी से पूरी हो और अपराधियों को कानून के अनुसार दंड मिले।

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Mudit
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लेखक भारतीय ज्ञान परंपरा के अध्येता हैं। वे पिछले एक दशक से सार्वजनिक विमर्श पर लेखन कर रहे हैं। समाज, राजनीति, विचारधारा, शिक्षा, धर्म और इतिहास पर रिसर्च बेस्ड विश्लेषण में वे पारंगत हैं। वे 'द पैम्फलेट' में दो वर्ष कार्य कर चुके हैं। उनके शोधपरक लेख अनेक मौकों पर राष्ट्रीय विमर्श की दिशा में परिवर्तनकारी सिद्ध हुए हैं।
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