Tuesday, August 11, 2026

अरुणाचल के 27 जगहों के नाम बदले, बौखलाया चीन, भारत ने दिया जवाब

अरुणाचल के 27 जगहों के नाम बदले: अरुणाचल प्रदेश को लेकर भारत और चीन के बीच एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है।

भारत की ओर से राज्य के 27 स्थानों और भौगोलिक क्षेत्रों को भारतीय मानचित्र में उनके आधिकारिक नामों के साथ दर्ज किए जाने पर चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

चीन ने भारत के इस कदम को अवैध और अमान्य बताया है। वहीं भारत ने भी चीन के दावे को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट कर दिया है

अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है और इस वास्तविकता को कोई भी कार्रवाई नहीं बदल सकती।

भारत ने 27 स्थानों को आधिकारिक नामों के साथ दर्ज किया

चीन लंबे समय से अरुणाचल प्रदेश के अलग-अलग इलाकों के नाम अपने हिसाब से जारी करता रहा है।

इसी पृष्ठभूमि में भारत ने पिछले सप्ताह राज्य के 27 स्थानों और भौगोलिक विशेषताओं को आधिकारिक भारतीय मानचित्र में उनके मानक भारतीय नामों के साथ दर्ज किया।

भारत का यह कदम चीन की ओर से अरुणाचल प्रदेश के स्थानों के नाम बदलने की लगातार कोशिशों के बीच सामने आया है।

चीन का नागरिक मामलों का मंत्रालय वर्ष 2017 से अलग-अलग मौकों पर अरुणाचल प्रदेश के कई स्थानों के लिए चीनी नामों की सूची जारी करता रहा है।

बीजिंग इन नामों के जरिए इस क्षेत्र पर अपने दावे को मजबूत करने की कोशिश करता रहा है।

इस साल अप्रैल में भी चीन की तरफ से अरुणाचल प्रदेश के कुछ स्थानों के लिए नए नाम जारी किए गए थे।

भारत ने हर बार चीन की इस प्रक्रिया को खारिज किया है और कहा है कि किसी इलाके का नाम बदल देने भर से उसकी वास्तविक स्थिति नहीं बदल जाती।

भारत ने चीन के दावे को बताया निराधार

अरुणाचल प्रदेश पर भारत का रुख लंबे समय से स्पष्ट रहा है। नई दिल्ली का कहना है कि यह राज्य भारत का अभिन्न हिस्सा है और देश के प्रशासनिक ढांचे का महत्वपूर्ण भाग है।

भारत ने चीन की ओर से अरुणाचल प्रदेश के स्थानों के नाम बदलने को निरर्थक प्रयास बताते हुए कहा है कि इस तरह की गतिविधियों से जमीनी हकीकत पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी चीन की आपत्ति पर भारत का पक्ष दोहराया। उन्होंने साफ कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है।

उनके मुताबिक, किसी भी तरह की कार्रवाई या बयान इस निर्विवाद वास्तविकता को बदल नहीं सकता।

चीन ने भारत के कदम को बताया ‘अवैध’

भारत के 27 स्थानों को आधिकारिक नामों के साथ दर्ज करने के फैसले पर चीन ने सोमवार, 10 अगस्त को प्रतिक्रिया दी।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने भारत के कदम को कथित तौर पर अवैध बताते हुए कहा कि चीन अरुणाचल प्रदेश को मान्यता नहीं देता।

चीन अरुणाचल प्रदेश के लिए ‘जांगनान’ नाम का इस्तेमाल करता है और तिब्बत को ‘शीजांग’ कहता है। बीजिंग का दावा है कि जांगनान चीन के क्षेत्र का हिस्सा है।

हालांकि भारत लगातार चीन के इस दावे को बेबुनियाद बताता रहा है और अरुणाचल प्रदेश पर अपने अधिकार को स्पष्ट करता आया है।

ग्लोबल टाइम्स ने भी भारत पर साधा निशाना

भारत के फैसले के बाद चीन के सरकारी मीडिया ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने भी इस मुद्दे को उठाया। रिपोर्ट में दावा किया गया कि चीन लंबे समय से इस क्षेत्र को अपने नक्शे में शामिल करता रहा है।

साथ ही, भारत के हालिया कदम को चीन की ओर से दोनों देशों के संबंधों में सुधार के प्रयासों के बीच उठाया गया एकतरफा कदम बताया गया।

चीनी मीडिया ने आशंका जताई कि इस तरह की गतिविधियों से भारत और चीन के बीच सीमा से जुड़े तनाव में फिर बढ़ोतरी हो सकती है।

हालांकि, भारत का रुख साफ है कि अपने क्षेत्र और प्रशासनिक सीमाओं से जुड़े फैसलों पर वह किसी बाहरी दावे से प्रभावित नहीं होगा।

अरुणाचल प्रदेश को लेकर भारत और चीन के बीच लंबे समय से मतभेद रहे हैं। चीन की ओर से समय-समय पर स्थानों के नाम बदलने की कार्रवाई और भारत की ओर से उसे खारिज किए जाने से यह विवाद अक्सर सुर्खियों में आता रहा है।

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Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
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