हल्दिया पेट्रोकेमिकल प्लांट में लगी आग: पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले के हल्दिया स्थित पेट्रोकेमिकल प्लांट में मंगलवार (30 जून 2026) तड़के भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, हादसे में 10 से ज्यादा लोग झुलस गए हैं। सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
इनमें दो महिलाओं की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद प्रशासन, दमकल विभाग और राहत एजेंसियों ने तत्काल मोर्चा संभाल लिया।
नेफ्था गैस पाइपलाइन में रिसाव से भड़की आग
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आग सुबह करीब चार बजे नेफ्था गैस पाइपलाइन में हुए रिसाव के कारण लगी।
बताया जा रहा है कि गैस लीक होने के कुछ ही देर बाद प्लांट के एक हिस्से में आग भड़क उठी और देखते ही देखते उसने विकराल रूप धारण कर लिया।
प्लांट में मौजूद ज्वलनशील पदार्थों के कारण आग तेजी से फैलती चली गई, जिससे कर्मचारियों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कैसे फैली आग
घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार, सबसे पहले प्लांट की ओर से काले धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया।
इसके बाद तेज लपटें निकलने लगीं और कुछ ही मिनटों में आग ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया।
आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास स्थित कुछ मकानों और दुकानों तक इसका असर पहुंच गया।
सुरक्षा के मद्देनजर स्थानीय लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
दमकल की नौ गाड़ियां आग बुझाने में जुटीं
हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की नौ गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया।
आग की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त फायर ब्रिगेड टीमों को भी बुलाया गया।
राहत और बचाव दल लगातार प्लांट परिसर में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और आग पर पूरी तरह काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं।
35 लोग झुलसे, दो महिलाओं की हालत गंभीर
इस हादसे में झुलसे 35 लोगों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक अधिकांश लोग आग और गर्म गैस की चपेट में आने से घायल हुए हैं।
दो महिलाओं की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है। प्रशासन ने अस्पतालों को सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
रेलवे सेवाएं भी हुईं प्रभावित
भीषण आग का असर परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ा। सुरक्षा कारणों से हल्दिया-पानस्कुरा रेलवे रूट पर ट्रेनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, तब तक प्रभावित मार्ग पर सेवाएं सावधानी के साथ संचालित की जाएंगी।
जांच के आदेश, राहत कार्य जारी
घटना के बाद जिला प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। तकनीकी विशेषज्ञ यह पता लगाने में जुटे हैं कि पाइपलाइन में रिसाव कैसे हुआ और क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और प्रभावित क्षेत्र के आसपास अनावश्यक भीड़ न लगाएं।
फिलहाल दमकल कर्मियों और बचाव दल का अभियान लगातार जारी है तथा स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

