Wednesday, July 8, 2026

शेरनी के पंजों में फंसा पशुपालक, सिर पर हाथ फेरकर बचाई जान, 30 मिनट चला संघर्ष

शेरनी

गायों को चारा खिलाने गया था कालूभाई

गुजरात के पालिताणा तहसील के गराजिया गांव में एक पशुपालक शेरनी के हमले का शिकार हो गया। कालूभाई परमार अपने घर के पास गायों को चारा खिलाने गए थे, तभी अचानक शेरनी ने उन पर हमला कर दिया और उन्हें जबड़ों में जकड़ लिया।

शेरनी के हमले के बाद कालूभाई परमार जमीन पर गिर पड़े। उसने उनके बाएं हाथ को जबड़ों में कसकर दबोच लिया और पैरों को पंजों से दबाकर बैठ गई। करीब 30 मिनट तक कालूभाई जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते रहे।

सूझबूझ से बची जान

हमले के दौरान कालूभाई को लगा कि अब बचने की कोई उम्मीद नहीं है। इसी बीच उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और धीरे धीरे अपना हाथ शेरनी के सिर पर फेरना शुरू किया। कुछ देर बाद शेरनी शांत हो गई और उन्हें छोड़कर चली गई।

कालूभाई के अनुसार, शेरनी ने उनके बाएं हाथ को जबड़ों में दबोच रखा था। इसके बाद वह उनके पैरों को पंजों से दबाकर बैठ गई। तभी जैसे भगवान ने रास्ता दिखाया और उन्होंने उसके सिर पर प्यार से हाथ फेरना शुरू कर दिया।

घायल हालत में अस्पताल पहुंचाए गए

शेरनी के जाने के बाद आसपास के लोगों को घटना की जानकारी मिली। घायल कालूभाई को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। उनके सिर और शरीर पर चोटें आईं, लेकिन गंभीर संघर्ष के बाद उनकी जान बच गई।

कालूभाई ने बताया कि उन्हें लगता है भगवान और बुजुर्गों के आशीर्वाद से ही उनकी जान बच सकी। 30 मिनट तक चले इस भयावह संघर्ष में शांत दिमाग और सूझबूझ ने उन्हें मौत के मुंह से वापस लौटा दिया।

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Mudit
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लेखक भारतीय ज्ञान परंपरा के अध्येता हैं। वे पिछले एक दशक से सार्वजनिक विमर्श पर लेखन कर रहे हैं। समाज, राजनीति, विचारधारा, शिक्षा, धर्म और इतिहास पर रिसर्च बेस्ड विश्लेषण में वे पारंगत हैं। वे 'द पैम्फलेट' में दो वर्ष कार्य कर चुके हैं। उनके शोधपरक लेख अनेक मौकों पर राष्ट्रीय विमर्श की दिशा में परिवर्तनकारी सिद्ध हुए हैं।
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