Monday, August 31, 2026

ग्रेटर नोएडा स्लीपर बस गैंगरेप: नाबालिग से चलती बस में दरिंदगी, ड्राइवर-कंडक्टर गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा स्लीपर बस गैंगरेप: ग्रेटर नोएडा से दिल्ली जा रही एक चलती स्लीपर बस में 16 साल की नाबालिग लड़की के साथ कथित गैंगरेप का सनसनीखेज मामला सामने आया है।

इस घटना ने 2012 के निर्भया कांड की भयावह यादें ताजा कर दी हैं। पुलिस ने मामले में बस ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को गिरफ्तार कर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की। पीड़िता उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की रहने वाली और कक्षा 11 की छात्रा है। बताया जा रहा है कि पढ़ाई को लेकर परिवार में हुए विवाद के बाद वह बिना बताए घर से निकल गई थी।

वह नोएडा के सेक्टर-63 में रहने वाले अपने रिश्तेदार के पास जा रही थी। खराब मौसम और तेज बारिश के चलते वह रास्ते में भटक गई।

तेज बारिश और अंधेरे में बस में बैठी नाबालिग

ग्रेटर नोएडा स्लीपर बस गैंगरेप:पुलिस अधिकारियों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि 4 अगस्त की रात तेज बारिश और अंधेरे के बीच नाबालिग गलती से ग्रेटर नोएडा के परी चौक पर उतर गई।

जब उसे पता चला कि वह गलत जगह पहुंच गई है, तो उसने मदद के लिए सामने से आ रही एक निजी स्लीपर बस को रुकने का इशारा किया।

बस ड्राइवर और कंडक्टर ने कथित तौर पर उसे भरोसा दिलाया कि बस नोएडा सेक्टर-63 जा रही है। उनके इस झांसे में आकर लड़की खाली बस में सवार हो गई।

मरम्मत के बाद खाली बस लेकर दिल्ली जा रहे थे आरोपी

पुलिस जांच में सामने आया कि यह बस हाल ही में सूरजपुर की एक वर्कशॉप में मरम्मत के लिए गई थी।

मरम्मत के बाद ड्राइवर और कंडक्टर बस को वापस उत्तरी दिल्ली के तिमारपुर स्थित पार्किंग यार्ड ले जा रहे थे। बस में उस समय कोई अन्य यात्री मौजूद नहीं था।

बस के चलते ही कंडक्टर ने कथित तौर पर नाबालिग के साथ अश्लील हरकतें शुरू कर दीं।

इसके बाद दोनों आरोपियों ने करीब 47 किलोमीटर के सफर के दौरान उसके साथ कथित तौर पर यौन हिंसा की।

पीड़िता ने विरोध किया तो दोनों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। स्लीपर बस के पर्दे पूरी तरह बंद होने के कारण अंदर चल रही घटना बाहर से दिखाई नहीं दे रही थी।

कश्मीरी गेट के पास नाबालिग को छोड़कर फरार

पुलिस के मुताबिक, आरोपी बस को अलग-अलग सीमा क्षेत्रों और हाईवे से होते हुए दिल्ली लेकर पहुंचे।

देर रात उन्होंने पीड़िता को कश्मीरी गेट इंटर स्टेट बस टर्मिनल के पास रिंग रोड पर छोड़ दिया और फरार हो गए।

इसके बाद पीड़िता किसी तरह कश्मीरी गेट पुलिस स्टेशन पहुंची और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी।

47 किलोमीटर के रूट की CCTV फुटेज खंगाली

ग्रेटर नोएडा स्लीपर बस गैंगरेप: शिकायत मिलते ही दिल्ली पुलिस के नॉर्थ जिले की टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने बस के करीब 47 किलोमीटर लंबे रूट पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली।

CCTV फुटेज और अन्य सुरागों की मदद से पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान की और कुछ ही घंटों के भीतर उन्हें तिमारपुर स्थित बस पार्किंग से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने स्लीपर बस को भी कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया।

फॉरेंसिक टीम को बस से पीड़िता के बाल समेत कुछ अहम भौतिक सबूत मिलने की बात सामने आई है। दोनों आरोपियों के पोटेंसी टेस्ट भी कराए गए हैं।

BNS और POCSO के तहत मामला दर्ज

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की संबंधित धाराओं के तहत गैंगरेप, अपहरण और मारपीट समेत गंभीर आरोपों में मामला दर्ज किया गया है।

इसके अलावा नाबालिग होने के कारण उनके खिलाफ POCSO एक्ट की धाराएं भी लगाई गई हैं।

मेडिकल जांच और पीड़िता के बयान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बाल कल्याण समिति ने उसे उसके परिवार को सौंप दिया।

पुलिस ने उसके परिवार को दिल्ली बुलाया था। वहीं, अदालत ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

स्लीपर बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना के बाद रात में चलने वाली निजी स्लीपर बसों की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

सार्वजनिक परिवहन वाहनों में ड्राइवर और कंडक्टर का सत्यापन, GPS ट्रैकिंग और आपातकालीन पैनिक बटन जैसी सुरक्षा व्यवस्थाओं पर जोर दिया जाता है।

साथ ही, स्लीपर बसों में लगे भारी और अपारदर्शी पर्दों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि पूरी तरह बंद पर्दे बस के अंदर के हिस्से को बाहरी निगरानी से दूर कर सकते हैं।

विपक्षी नेताओं और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने घटना की निंदा करते हुए अंतरराज्यीय मार्गों और सीमा क्षेत्रों में रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाने और सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने की मांग की है।

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट शुरुआती पुलिस जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। मामले में कानूनी कार्यवाही जारी है और अदालत में दोष सिद्ध होने तक सभी आरोपियों को निर्दोष माना जाता है।

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Karnika Pandey
Karnika Pandeyhttps://reportbharathindi.com/
“This is Karnika Pandey, a Senior Journalist with over 3 years of experience in the media industry. She covers politics, lifestyle, entertainment, and compelling life stories with clarity and depth. Known for sharp analysis and impactful storytelling, she brings credibility, balance, and a strong editorial voice to every piece she writes.”
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