Emergency Alert System: आज के डिजिटल युग में आपदा प्रबंधन को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हुए भारत सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है।
यदि अगले 1-2 दिनों में आपके मोबाइल फोन पर अचानक तेज बीप के साथ कोई संदेश आता है, तो शांत रहें।
यह दूरसंचार विभाग (DoT) और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) द्वारा किया जा रहा एक इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम का राष्ट्रव्यापी परीक्षण है।
इसका उद्देश्य भविष्य में आने वाली किसी भी प्राकृतिक आपदा या आपातकालीन स्थिति के लिए देश की तैयारियों को पुख्ता करना है।
क्या है सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम?
अब तक सरकार आपदाओं की जानकारी सचेत सिस्टम के माध्यम से SMS द्वारा भेजती थी। लेकिन SMS नेटवर्क की भीड़भाड़ के कारण देरी से पहुंच सकते थे।
इसी समस्या को सुलझाने के लिए C-DOT द्वारा स्वदेशी रूप से सेल ब्रॉडकास्ट टेक्नोलॉजी विकसित की गई है।
यह तकनीक SMS से काफी अलग और उन्नत है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए मोबाइल में सिग्नल का मजबूत होना अनिवार्य नहीं है।
यह सीधे मोबाइल टॉवर के जरिए एक निश्चित इलाके के सभी फोन पर एक साथ पहुंचती है। यह बिजली गिरने, सुनामी या गैस रिसाव जैसी स्थितियों में, जहां हर सेकंड कीमती होता है, जीवन रक्षक साबित होगी।
2 मई 2026: राष्ट्रव्यापी परीक्षण और उसका उद्देश्य
केंद्रीय मंत्री अमित शाह और ज्योतिरादित्य सिंधिया 2 मई को इस मोबाइल-बेस्ड डिजास्टर अलर्ट सिस्टम की औपचारिक शुरुआत करेंगे।
इस दौरान दिल्ली-NCR समेत सभी राज्यों की राजधानियों में परीक्षण संदेश भेजे जाएंगे। आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन के अनुसार, इस ड्रील का मुख्य उद्देश्य सिस्टम की कार्यक्षमता का मूल्यांकन करना है।
सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि क्या संदेश समयबद्ध तरीके से और बिना किसी बाधा के सभी तक पहुंच रहे हैं।
परीक्षण के दौरान यह भी देखा जाएगा कि किन क्षेत्रों में नेटवर्क सुधार की आवश्यकता है।
परीक्षण के दौरान आपको क्या अनुभव होगा?
Emergency Alert System: जब आपके फोन पर यह टेस्टिंग अलर्ट आएगा, तो एक तेज आवाज (बीप) सुनाई देगी और फोन वाइब्रेट होगा।
स्क्रीन पर हिंदी, अंग्रेजी या आपकी क्षेत्रीय भाषा में एक पॉप-अप मैसेज दिखाई देगा, जिसमें स्पष्ट रूप से लिखा होगा कि यह सिर्फ एक टेस्ट मैसेज है।
यह मैसेज आपको एक से अधिक बार भी मिल सकता है। ऐसी स्थिति में आपको घबराने या चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।
यह किसी वास्तविक खतरे का संकेत नहीं है, बल्कि सरकार की सुरक्षा तैयारियों का एक हिस्सा है।
अलर्ट मिलने पर क्या करें?
जैसे ही आपके फोन पर यह अलर्ट फ्लैश हो, आप इसे ध्यान से पढ़ें। चूंकि यह एक ट्रायल है, इसलिए आपको किसी भी तरह की कार्रवाई (जैसे घर से बाहर निकलना या कॉल करना) करने की आवश्यकता नहीं है।
मैसेज को पढ़ने के बाद आप बस OK बटन दबाकर फोन को शांत कर सकते हैं या उसे अनदेखा कर सकते हैं।
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस ड्रील में सहयोग करें और इसे लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह न फैलाएं।
अपने फोन पर कैसे ऑन करें ये सेटिंग्स?
यह परीक्षण अलर्ट उन्हीं फोन पर आएगा जिनमें इसके लिए जरूरी सेटिंग्स ऑन हैं। हालांकि, वास्तविक आपदा के समय यह अलर्ट बिना सेटिंग के भी पहुंचेगा, लेकिन परीक्षण का हिस्सा बनने के लिए आप इन स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं।
अपने फोन की Settings में जाएं।
Safety and Emergency विकल्प पर टैप करें।
वहां Wireless Emergency Alerts के विकल्प को चुनें।
इसके भीतर मौजूद Test Alerts के बटन को ऑन (On) कर दें।
भविष्य की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम
Emergency Alert System: यह नया सिस्टम कई भारतीय भाषाओं में काम करने में सक्षम है, जिससे देश का हर नागरिक अपनी भाषा में चेतावनी को समझ सकेगा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्रणाली के माध्यम से अब तक विभिन्न चरणों में अरबों अलर्ट संदेश सफलतापूर्वक भेजे जा चुके हैं।
चक्रवात, बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान यह तकनीक लाखों लोगों की जान बचाने में मील का पत्थर साबित होगी।
याद रखें, आपके फोन पर बजने वाली वह आवाज आपकी सुरक्षा की गारंटी है।
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