छिंदवाड़ा
छिंदवाड़ा में सामने आया झकझोर देने वाला मामला
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में आत्महत्या का बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। चौरई थाना क्षेत्र की 32 वर्षीय प्रीति वर्मा ने अपनी पीड़ा किसी कागज, दीवार या डायरी में नहीं, बल्कि हाथों और पैरों पर मेहंदी से लिखकर दर्ज की।
जहरीला पदार्थ खाने के बाद प्रीति को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान रविवार को उसकी मौत हो गई। पुलिस अब उसके शरीर पर लिखे संदेशों को महत्वपूर्ण साक्ष्य मानकर जांच कर रही है और कानूनी कार्रवाई की तैयारी में जुटी है।
वर्ष 2013 में हुई थी प्रीति की शादी
पुलिस के अनुसार, प्रीति की शादी वर्ष 2013 में चन्हियाखुर्द गांव निवासी लखन वर्मा से हुई थी। उसके हाथों और पैरों पर लिखे शब्द उसकी मानसिक पीड़ा और पारिवारिक तनाव की गंभीरता बताते हैं। संदेशों में उसने कई लोगों पर प्रताड़ना के आरोप लगाए।
प्रीति ने मेहंदी से लिखा कि कभी जीवन में जेल से बाहर नहीं आना चाहिए। उसने मां और बहन की गालियां देने का आरोप लगाया। संदेश में यह भी लिखा कि जेठ और जेठानी किसी को उसे छूने तक नहीं देते थे।
पांच लोगों को शरीर नहीं छूने देने की बात लिखी
महिला ने अपने संदेश में लिखा कि परिवार की एक महिला ने उसे बहुत बातें सुनाई थीं और इससे जुड़ी रिकॉर्डिंग उसके फोन में मौजूद हैं। उसने पांच लोगों का उल्लेख करते हुए साफ लिखा कि उन लोगों को उसका शरीर छूने नहीं दिया जाए।
जांच अधिकारियों का मानना है कि प्रीति को आशंका रही होगी कि कागज या किसी अन्य स्थान पर लिखा सुसाइड नोट नष्ट किया जा सकता है। इसी कारण उसने अपने हाथों और पैरों पर मेहंदी से संदेश लिखकर अपनी बात सुरक्षित रखने का प्रयास किया।
गंभीर हालत के कारण दर्ज नहीं हो सका बयान
चौरई थाना प्रभारी मोहन मर्सकोले के अनुसार, अस्पताल पहुंचने के बाद महिला की हालत बेहद गंभीर थी। इसी वजह से उसका मृत्यु पूर्व बयान दर्ज नहीं किया जा सका। पुलिस ने हाथों और पैरों पर लिखे संदेशों की फोटो और वीडियोग्राफी कराकर साक्ष्य सुरक्षित कर लिए हैं।
पुलिस इन संदेशों की सामग्री और लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। सुरक्षित किए गए फोटो और वीडियो के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। मामले से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका और घटनाक्रम की परिस्थितियों का भी परीक्षण किया जा रहा है।
मोबाइल और कॉल रिकॉर्ड की भी होगी जांच
जांच के दौरान मृतका के मायके पक्ष के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस प्रीति के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, संदेशों, रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही है, ताकि आत्महत्या के वास्तविक कारणों और आरोपों की सत्यता सामने आ सके।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रीति किन परिस्थितियों से गुजर रही थी और उसे जहरीला पदार्थ खाने का कदम क्यों उठाना पड़ा। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

