बंगाल
अशोकनगर तेल क्षेत्र से देश का तेल संकट होगा दूर
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत को राहत भरी खबर मिली है। पश्चिम बंगाल के अशोकनगर तेल क्षेत्र से जल्द कच्चे तेल का उत्पादन शुरू हो सकता है।
कोलकाता के पास स्थित इस क्षेत्र में वर्षों से ड्रिलिंग के काम पर रोक थी। अब केंद्र सरकार इस परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।
ममता राज ने कीं अड़चनें
पश्चिम बंगाल के अशोकनगर इलाके में कोलकाता से करीब अड़तालीस किलोमीटर की दूरी पर तेल के भंडार हैं। यह क्षेत्र उत्तरी चौबीस परगना जिले में आता है।
पिछली सरकार के कार्यकाल में स्थानीय विवादों के कारण यहां ड्रिलिंग का काम रोक दिया गया था। इससे तेल उत्पादन की योजना में काफी विलंब हुआ।
अशोकनगर की तेल संपदा
साल दो हजार अठारह में तेल और प्राकृतिक गैस निगम को यह क्षेत्र मिला था। इस क्षेत्र में दो सौ चालीस मिलियन बैरल से भी अधिक तेल का भंडार है। यह पूर्वी भारत का पहला तेल और गैस उत्पादक क्षेत्र है। इसके विकास से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में काफी सुधार आएगा।
भट्टाचार्य की केंद्र में पुरजोर कोशिश
बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की। इस बैठक में अशोकनगर तेल क्षेत्र में तत्काल उत्पादन शुरू करने पर जोर दिया गया। भट्टाचार्य ने बंगाल की आर्थिक मजबूती के लिए विभिन्न योजनाओं पर भी चर्चा की।
ईंधन संकट से मुक्ति
देश में वर्तमान में ईंधन की आपूर्ति को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय राजनीति में तनाव के कारण तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। अशोकनगर से तेल का उत्पादन शुरू होने से इस संकट में काफी कमी आ सकती है। यह परियोजना राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
राज्य सरकार की सहायता आवश्यक
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्य के विकास के लिए पूरी सहायता देने की बात कही है। वह समझती हैं कि बंगाल की आर्थिक पुनरुद्धार तभी संभव है जब केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम करें। कई वर्षों से बंगाल के उद्योग धंधों में गिरावट आ रही है।
भाजपा की विकास योजना
केंद्र सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बंगाल को सुनहरा बनाने का संकल्प लिया है। भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार औद्योगिकीकरण पर विशेष जोर दे रही है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पिछले दिनों दिल्ली में विभिन्न केंद्रीय नेताओं से मुलाकात कर चुके हैं।
केंद्र-राज्य समन्वय की दिशा
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री अमित शाह ने बंगाल की समस्याओं पर ध्यान देने का आश्वासन दिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की ओर से विभिन्न विभाग बंगाल के विकास में सहयोग करने के लिए तैयार हैं। अशोकनगर तेल परियोजना को इसी समन्वय का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।
भविष्य की संभावनाएं
राज्य के अधिकारियों का मानना है कि अब किसी भी तरह की बाधा नहीं आएगी। पिछली सरकार के दौरान जो विलंब हुआ था वह अब दूर हो सकता है। तेल उत्पादन से बंगाल के राजस्व में वृद्धि होगी। इससे रोजगार सृजन के नए अवसर भी पैदा होंगे।

