Ankit Sharma Murder Case: करीब छह साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद Delhi Riot Case के सबसे चर्चित मामलों में से एक, IB Officer Ankit Sharma Murder Case में आखिरकार अदालत का अंतिम फैसला सामने आ गया है।
दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन, नाजिम, काशिम, अनस और जावेद को उम्रकैद (Life Imprisonment) की सजा सुनाई है। अदालत ने इस अपराध को बेहद गंभीर, सुनियोजित और क्रूर बताते हुए दोषियों को किसी प्रकार की राहत देने से इनकार कर दिया।
इस फैसले के बाद एक बार फिर Delhi Riots 2020, Ankit Sharma Case, Tahir Hussain Verdict और Karkardooma Court जैसे कीवर्ड सोशल मीडिया और गूगल सर्च में तेजी से ट्रेंड करने लगे हैं।
कैसे हुई थी IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या?
Tahir Hussain AAP यह मामला फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की हिंसा से जुड़ा है। 23 फरवरी 2020 को Citizenship Amendment Act (CAA) को लेकर विरोध और समर्थन कर रहे दो समूह आमने-सामने आ गए।
देखते ही देखते यह विवाद हिंसक दंगों में बदल गया, जिसने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया।
25 फरवरी 2020 को इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में कार्यरत युवा अधिकारी अंकित शर्मा अपने घर से बाहर निकले थे। इसके बाद वह वापस नहीं लौटे।
परिवार ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन अगले दिन उनका शव चांदबाग पुलिया के पास खजूरी खास नाले से बरामद हुआ। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया।
पिता की शिकायत पर दर्ज हुआ केस
Tahir Hussain Delhi अंकित शर्मा के पिता रविंदर कुमार ने दयालपुर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि तत्कालीन AAP पार्षद ताहिर हुसैन और उसके साथियों ने उनके बेटे की हत्या की।
शिकायत में कहा गया कि घटना के दौरान ताहिर हुसैन के कार्यालय और संबंधित इमारत में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
आरोप यह भी लगाया गया कि अंकित शर्मा की हत्या के बाद उनके शव को नाले में फेंक दिया गया, ताकि मामले से जुड़े सबूतों को नष्ट किया जा सके और अपराध के निशान मिटाए जा सकें।
मामले की जांच के दौरान कई गवाहों, फॉरेंसिक साक्ष्यों और अन्य सबूतों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
13 जुलाई को दोषी करार
Tahir Hussain Delhi riots करीब छह वर्षों तक चली सुनवाई के बाद कड़कड़डूमा कोर्ट ने 13 जुलाई 2026 को ताहिर हुसैन, नाजिम, काशिम, अनस और जावेद को हत्या, अपहरण, दंगा और सांप्रदायिक वैमनस्य को बढ़ावा देने समेत कई गंभीर कानूनी आरोपों में दोषी ठहराया गया था।
इसके बाद सजा पर सुनवाई हुई, जिसमें दिल्ली पुलिस ने अदालत से दोषियों के लिए मृत्युदंड (Death Penalty) की मांग की थी। हालांकि अदालत ने सभी पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।
इसके साथ ही ताहिर हुसैन पर 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। वहीं, इस मामले में कुल 11 आरोपियों में से 6 को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया।
जांच में क्या-क्या सामने आया?
Ankit Sharma Murder Case: अभियोजन पक्ष के अनुसार, जांच के दौरान यह सामने आया कि हिंसा के दौरान ताहिर हुसैन की इमारत का इस्तेमाल कथित तौर पर दंगाइयों के एक ठिकाने के रूप में किया गया। पुलिस ने दावा किया कि वहां से पत्थर, पेट्रोल बम और अन्य सामान बरामद किए गए थे।
अभियोजन का आरोप था कि इसी साजिश के तहत अंकित शर्मा को निशाना बनाया गया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयान और जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों को अपराध का जिम्मेदार माना।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बढ़ाई थी सनसनी
Ankit Sharma Murder Case: मामले की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरे देश को झकझोर दिया था। रिपोर्ट के अनुसार, अंकित शर्मा के शरीर पर कई गंभीर चोटें और धारदार हथियार से किए गए अनेक घाव पाए गए थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद शव को नाले में फेंका गया था।
इसी घटना ने IB Officer Murder Case को दिल्ली दंगों के सबसे संवेदनशील मामलों में शामिल कर दिया।
दिल्ली दंगों में कितनी हुई थी तबाही?
Ankit Sharma Murder Case: फरवरी 2020 में हुए उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों में व्यापक स्तर पर जान-माल का नुकसान हुआ था। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इन दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी और 250 से अधिक लोग घायल हुए थे। बड़ी संख्या में घरों, दुकानों और अन्य संपत्तियों को भी आग के हवाले कर दिया गया था।
यह हिंसा देश की राजधानी में हुई सबसे गंभीर सांप्रदायिक घटनाओं में गिनी जाती है और इससे जुड़े कई मामलों की सुनवाई अलग-अलग अदालतों में वर्षों तक चलती रही।
आम आदमी पार्टी ने क्या कार्रवाई की थी?
Ankit Sharma Murder Case: मामले में नाम सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने ताहिर हुसैन को पार्टी से निलंबित कर दिया था।
बाद में जांच आगे बढ़ने के साथ अदालत ने मार्च 2023 में उनके सहित 11 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए और मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई।
फैसले के बाद फिर चर्चा में आया । 2020 Delhi Riots Case
Ankit Sharma Murder Case: कड़कड़डूमा कोर्ट के इस फैसले के बाद एक बार फिर Delhi Riots Verdict, Ankit Sharma Murder Case, Tahir Hussain Life Imprisonment, Delhi Court Verdict और Northeast Delhi Violence जैसे विषय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का प्रमुख विषय बन गए हैं।
यह फैसला उन मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिनमें अदालत ने लंबे समय तक चली सुनवाई, फॉरेंसिक साक्ष्यों, गवाहों और अभियोजन के तर्कों पर विचार करने के बाद दोषियों को सजा सुनाई है।
IB अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड केवल एक हत्या का मामला नहीं था, बल्कि यह 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की सबसे चर्चित और संवेदनशील घटनाओं में शामिल रहा।
छह वर्षों तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाकर इस बहुचर्चित मामले में कानूनी अध्याय को एक महत्वपूर्ण मुकाम तक पहुंचाया।
हालांकि, यह फैसला भविष्य में ऊपरी अदालतों में चुनौती का विषय भी बन सकता है, लेकिन फिलहाल कड़कड़डूमा कोर्ट का यह निर्णय Delhi Riot Case के इतिहास में एक अहम न्यायिक फैसला माना जा रहा है।
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