Monday, January 26, 2026

योगी सरकार का रिपोर्ट कार्ड: नौ साल बेमिसाल

योगी सरकार

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के नौ वर्षों में शासन की पहचान विकास, कानून व्यवस्था, धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों और कल्याणकारी योजनाओं के बड़े विस्तार से बनी। प्रशासन ने राज्यभर में परियोजनाओं को तेज गति दी और कई क्षेत्रों में नए ढांचे, नए संस्थान और नई नीतियां लागू कीं।

यह रिपोर्ट कार्ड हिंदुत्व, किसान, सबका साथ सबका विकास, कोरोना प्रबंधन, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर, गरीब कल्याण, रोजगार, अर्थव्यवस्था, सुशासन, डबल इंजन योजनाओं और शिक्षा से जुड़ी प्रमुख पहलों और उपलब्धियों को एक साथ रखता है, जिनका प्रभाव राज्य के शहरों और गांवों तक दिखाया गया।

हिंदुत्व: अयोध्या में राम मंदिर और वैदिक नगरी का विकास

अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण कराया गया और अयोध्या को वैदिक नगरी के रूप में विकसित करने के कार्य आगे बढ़ाए गए। दीपोत्सव को प्रतिवर्ष दिव्य स्वरूप में आयोजित किया गया और हर वर्ष दीपोत्सव में नया विश्व कीर्तिमान दर्ज करने का दावा रिपोर्ट कार्ड में जोड़ा गया।

अयोध्या में रामलीला का भव्य आयोजन किया गया और धार्मिक पर्यटन को निरंतर विस्तार दिया गया। इलाहाबाद और फैजाबाद का नाम बदलकर पुनः प्रयागराज और अयोध्याजी किया गया। धार्मिक स्थलों के आसपास मांस मदिरा की बिक्री पर प्रतिबंध का प्रावधान लागू किया गया।

हिंदुत्व: प्रयागराज कुंभ, कांवड़ और सांस्कृतिक निर्देश

प्रयागराज में दिव्य और भव्य कुंभ का सफल आयोजन कराया गया और प्रयागराज 2019 कुंभ को यूनेस्को के साथ ही दुनिया द्वारा सराहे जाने का उल्लेख किया गया। कांवड़ियों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कराई गई और इसे धार्मिक आयोजनों के समर्थन के रूप में रखा गया।

प्रदेश के सभी थानों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाने का आदेश दिया गया। सदियों से बंद पड़े अक्षयवट और सरस्वती कूप को श्रद्धालुओं के लिए खोला गया। काशी विश्वनाथ धाम का भव्य विकास कराया गया और इसे बड़े धार्मिक परियोजना मॉडल में शामिल किया गया।

हिंदुत्व: मथुरा बरसाना, रामायण सर्किट और महाभारत सर्किट

मथुरा में भव्य कृष्ण जन्मोत्सव और बरसाना में भव्य रंगोत्सव का आयोजन कराया गया। रामायण सर्किट के तहत चित्रकूट और श्रंगवेरपुर का विकास कराया गया। महाभारत सर्किट के अंतर्गत महाभारत से जुड़े स्थलों के विकास को भी रिपोर्ट कार्ड में प्रमुख उपलब्धि के रूप में दर्ज किया गया।

ग्लोबल इन्साइक्लोपीडिया ऑफ रामायण पर आधारित राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के सेमिनार आयोजित किए गए। कैलाश मानसरोवर भवन का निर्माण कराया गया और कैलाश मानसरोवर जाने वाले यात्रियों की अनुदान राशि पचास हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये की गई।

हिंदुत्व: गोवंश संरक्षण, संरक्षण केंद्र और कार्पस फंड

प्रदेश के सभी जनपदों में दो दो गोवंश संरक्षण केंद्रों की स्थापना की गई। बेसहारा गोवंशों के लिए कार्पस फंड की व्यवस्था की गई। निराश्रित गोवंशों के लिए आश्रय स्थल बनाए गए और प्रशासनिक स्तर पर गोवंश संरक्षण को स्थायी नीति ढांचे का हिस्सा बनाया गया।

गोवंशों के पालकों को प्रति गौवंश प्रति माह नौ सौ रुपये की सहायता का प्रावधान लागू किया गया। धार्मिक और ग्रामीण जीवन से जुड़े इस निर्णय को पशु कल्याण, सुरक्षा और व्यवस्था के साथ जोड़कर प्रस्तुत किया गया, जिससे सड़कों पर गोवंश समस्या के समाधान का दावा रखा गया।

किसान: कर्ज माफी, खरीद और भुगतान

छियासी लाख किसानों का छत्तीस हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया गया। सरकार द्वारा चार सौ पैंतीस लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न की खरीद की गई और किसानों को उन्यासी हजार करोड़ रुपये का भुगतान करने का दावा रिपोर्ट कार्ड में दर्ज है।

पैंतालीस दशमलव पांच लाख से अधिक गन्ना किसानों को एक दशमलव पैंतीस लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया। कोरोना कालखंड में भी तीन सौ अठहत्तर लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न की खरीद कर निरंतर खरीद व्यवस्था बनाए रखने का विवरण दिया गया।

किसान: फसल ऋण, सिंचाई और एमएसपी

तीन दशमलव पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक का फसल ऋण वितरण किया गया। तीन दशमलव सतहत्तर लाख हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त सिंचाई क्षमता में वृद्धि का दावा किया गया। एमएसपी पर रिकॉर्ड खरीद करने वाला प्रदेश होने का उल्लेख रिपोर्ट कार्ड में प्रमुख बिंदु के रूप में शामिल है।

उत्तर प्रदेश किसान समृद्ध आयोग का गठन किया गया और एक दशमलव अस्सी करोड़ से अधिक किसानों में क्रेडिट कार्ड बांटे गए। बीस नए कृषि विज्ञान केंद्रों की स्थापना की गई और कृषि तकनीक, प्रशिक्षण और विस्तार सेवाओं को संस्थागत रूप से मजबूत करने का दावा रखा गया।

किसान: मंडी सुधार, शुल्क नीति और मछली पालन

पैंतालीस कृषि उत्पाद मंडी शुल्क से मुक्त की गईं और मंडी शुल्क में एक प्रतिशत की कमी की गई। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत पांच सौ करोड़ का बजट बनाया गया। भारत सरकार द्वारा कृषि कर्मण पुरस्कार के रूप में दो करोड़ रुपये से पुरस्कृत करने का उल्लेख भी शामिल है।

मछली पालन के लिए ठेका की अवधि तीन वर्ष से बढ़ाकर दस वर्ष कर दी गई। इस बदलाव को निवेश और दीर्घकालिक आजीविका अवसर बढ़ाने वाला निर्णय माना गया, जिससे मत्स्य उत्पादन, तालाब आधारित अर्थव्यवस्था और ग्रामीण रोजगार के विस्तार का दावा रिपोर्ट कार्ड में जोड़ा गया।

सबका साथ सबका विकास: जल, आवास और बिजली

हर घर नल से जल योजना के तहत तीस हजार ग्राम पंचायतों में शुद्ध पेयजल की योजना लागू की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बयालीस लाख से अधिक घरों का निर्माण कराया गया। मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत एक लाख आठ हजार चार सौ पचानवे आवासों का निर्माण कराया गया।

बिजली की पहुंच को हर गांव हर घर तक ले जाने का दावा किया गया और बिजली का दाम आधा करने का उल्लेख जोड़ा गया। एक लाख इक्कीस हजार से अधिक गांवों को निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने की बात रिपोर्ट कार्ड में दर्ज की गई।

कोरोना प्रबंधन: जांच, टीकाकरण और उपचार

निःशुल्क कोविड जांच, निःशुल्क टीकाकरण और निःशुल्क उपचार की व्यवस्था लागू की गई। नौ करोड़ से ज्यादा लोगों को टीका लगाने वाला देश का पहला राज्य होने का दावा रिपोर्ट कार्ड में शामिल है। प्रतिदिन दो लाख पचहत्तर हजार कोविड परीक्षण करने वाला पहला राज्य होने का भी उल्लेख दिया गया।

कोविड जांच के लिए दो सौ चौंतीस प्रयोगशालाएं स्थापित की गईं। एक दशमलव आठ लाख कोविड बेड्स की उपलब्धता का विवरण दिया गया। पांच सौ पचपन ऑक्सीजन संयंत्र स्वीकृत होने और तीन सौ बानवे के कार्यशील होने का आंकड़ा रिपोर्ट कार्ड में जोड़ा गया।

स्वास्थ्य: मेडिकल कॉलेज, एम्स और विशेष संस्थान

उनसठ जिलों में से प्रत्येक में कम से कम एक क्रियाशील मेडिकल कॉलेज का दावा रिपोर्ट कार्ड में दर्ज है। पैंतीस नए मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराया गया। पीपीपी मॉडल पर सोलह जिलों में मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए। गोरखपुर व रायबरेली में एम्स के संचालन का उल्लेख भी शामिल है।

पूर्वांचल में इंसेफेलाइटिस की गंभीर बीमारी में पंचानबे प्रतिशत कमी का दावा किया गया। इंसेफेलाइटिस से मुकाबला करने के लिए अड़तीस से अधिक अस्पतालों में अलग वार्ड बनाए गए। छह नए सुपर स्पेशियलिटी मेडिकल ब्लॉक की स्थापना का विवरण भी दिया गया।

स्वास्थ्य: चिकित्सा विश्वविद्यालय और आयुष ढांचा

अटल बिहारी चिकित्सा विश्वविद्यालय का निर्माण कराया गया। गोरखपुर में गुरु गोरक्षनाथ आयुष चिकित्सा विश्वविद्यालय का निर्माण कराया गया। इन संस्थानों को चिकित्सा शिक्षा, शोध, उपचार क्षमता और क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से जोड़कर प्रस्तुत किया गया, ताकि भविष्य में डॉक्टरों और विशेषज्ञ सेवाओं की उपलब्धता बढ़े।

वाराणसी में दो विश्वस्तरीय कैंसर हॉस्पिटल का उल्लेख रिपोर्ट कार्ड में शामिल है। स्वास्थ्य ढांचे को बड़े निवेश और संस्थागत विकास से जोड़कर यह बताया गया कि प्रदेश के भीतर गंभीर रोगों के उपचार के लिए बड़े केंद्र तैयार किए गए हैं।

इंफ्रास्ट्रक्चर: स्मार्ट सिटी, अमृत योजना और चीनी मिलें

दिल्ली से वाराणसी वाया अयोध्या बुलेट ट्रेन प्रस्तावित होने का उल्लेख रिपोर्ट कार्ड में है। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, आगरा, सहारनपुर, बरेली, झांसी, मुरादाबाद और अलीगढ़ में बीस हजार करोड़ रुपये की स्मार्ट सिटी योजना के क्रियान्वयन का विवरण दिया गया।

अमृत योजना के तहत प्रदेश के साठ शहरों में पेयजल, सीवरेज व नगरीय यातायात के कार्य कराए जाने का उल्लेख है। इक्कीस से अधिक बंद पड़ी चीनी मिलों को चालू करवाया गया और उनकी पेराई क्षमता वृद्धि का काम कराया गया।

इंफ्रास्ट्रक्चर: एयरपोर्ट, कॉरिडोर, फिल्म सिटी और उद्योग

पांच इंटरनेशनल एयरपोर्ट वाला देश का पहला राज्य होने का दावा रिपोर्ट कार्ड में शामिल है। एशिया का सबसे बड़ा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर का उल्लेख दिया गया। डिफेंस कॉरिडोर, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और फिल्म सिटी की परियोजनाएं दर्ज की गईं तथा एशिया के सबसे बड़े एथेनॉल प्लांट का भी उल्लेख किया गया।

अमेठी में एके दो सौ तीन राइफल निर्माण की फैक्ट्री का उल्लेख शामिल है। यूपी में दस नए एयरपोर्ट संचालित होने और तेरह अन्य एयरपोर्ट व सात हवाई पट्टियों के विकास का विवरण रिपोर्ट कार्ड में जोड़ा गया।

इंफ्रास्ट्रक्चर: एक्सप्रेसवे, मेट्रो, रोपवे और भवन

बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे का उल्लेख रिपोर्ट कार्ड में किया गया। दिल्ली मेरठ चौदह लेन एक्सप्रेसवे और दिल्ली मेरठ आरआरटीएस परियोजना का भी विवरण दिया गया। वाराणसी में रोप वे परियोजना को शहरी परिवहन में नया कदम बताया गया।

कानपुर मेट्रो, लखनऊ मेट्रो, गोरखपुर मेट्रो, आगरा मेट्रो, झांसी मेट्रो, गाजियाबाद मेट्रो, नोएडा मेट्रो और मेरठ मेट्रो का उल्लेख रिपोर्ट कार्ड में शामिल है। लखनऊ में अत्याधुनिक प्रत्यक्ष कर भवन और अत्याधुनिक पुलिस मुख्यालय का भी उल्लेख दिया गया।

इंफ्रास्ट्रक्चर: बस टर्मिनल, सड़कें और लंबित परियोजनाएं

मथुरा में अत्याधुनिक बस टर्मिनल का उल्लेख किया गया। छियालीस वर्षों से लंबित बाणसागर परियोजना पूर्ण होने का दावा रिपोर्ट कार्ड में शामिल है। तेरह हजार किलोमीटर से अधिक नई सड़कों के निर्माण का विवरण दिया गया, जिससे कनेक्टिविटी, आवागमन और व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि का दावा रखा गया।

प्रदेश में बड़े स्तर की कनेक्टिविटी परियोजनाओं को राज्य की आर्थिक गति से जोड़कर प्रस्तुत किया गया। एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, मेट्रो, सड़क और औद्योगिक कॉरिडोर को एक साथ राज्य के विकास इंजन के रूप में रखा गया, ताकि निवेश और रोजगार दोनों बढ़ें।

गरीब कल्याण: पेंशन, विवाह सहायता और छात्राओं की मदद

हर वरिष्ठ नागरिक, विधवा, दिव्यांग और बेसहारा महिला को पेंशन के लक्ष्य का उल्लेख रिपोर्ट कार्ड में दर्ज है। अब तक नब्बे लाख वृद्धों, दिव्यांगों, विधवाओं और निराश्रित महिलाओं को पांच सौ रुपये मासिक पेंशन देने का दावा किया गया।

शादी अनुदान योजना के तहत एक दशमलव बावन लाख गरीब कन्याओं का विवाह कराया गया और अनुदान राशि इक्यावन हजार रुपये की गई। सात लाख से अधिक गरीब कन्याओं की पढ़ाई के लिए कन्या सुमंगला योजना का उल्लेख किया गया।

गरीब कल्याण: पटरी दुकानदारों को राहत

कोरोना कालखंड में आठ दशमलव अस्सी लाख पटरी दुकानदारों को एक हजार रुपये का पोषण भत्ता देने का दावा रिपोर्ट कार्ड में शामिल है। इस सहायता को संकट अवधि में छोटे व्यापारियों की दैनिक जरूरतों से जोड़कर प्रस्तुत किया गया और इसे शहरी गरीब कल्याण की श्रेणी में रखा गया।

सामाजिक सुरक्षा, विवाह सहायता, शिक्षा समर्थन और आपदा राहत को एक साथ राज्य की कल्याणकारी नीति के मुख्य स्तंभ के रूप में रखा गया। इन योजनाओं को लक्ष्य आधारित लाभ वितरण के साथ जोड़ा गया, ताकि पात्रता वर्ग तक सहायता पहुंचाई जा सके।

रोजगार: एमएसएमई, सरकारी भर्ती और मनरेगा

बयासी लाख एमएसएमई को दो हजार एक सौ साठ करोड़ रुपये का ऋण मिलने का दावा किया गया, जिससे लगभग दो करोड़ लोगों को रोजगार मिलने का उल्लेख रिपोर्ट कार्ड में है। चार दशमलव पांच लाख सरकारी पदों पर बेदाग भर्ती का दावा शामिल किया गया।

कोरोना कालखंड में दूसरे राज्यों से आए चालीस लाख से अधिक श्रमिकों को रोजगार से जोड़ने का उल्लेख है। मनरेगा में एक दशमलव पांच करोड़ श्रमिकों को एक सौ एक करोड़ से अधिक मानव दिवस का रोजगार दिए जाने का दावा रिपोर्ट कार्ड में दर्ज किया गया।

उत्तर प्रदेश बना उत्तम प्रदेश: अर्थव्यवस्था, निवेश और उद्योग

भारत की जीडीपी में सर्वाधिक योगदान करने वाला दूसरा राज्य होने का उल्लेख रिपोर्ट कार्ड में किया गया। प्रदेश की अर्थव्यवस्था दस दशमलव नब्बे लाख करोड़ से बढ़कर इक्कीस दशमलव तिहत्तर लाख करोड़ रुपये होने का दावा दर्ज है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में चौदहवें स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचने का भी उल्लेख है।

उत्तर प्रदेश में एक दशमलव अठासी लाख करोड़ से अधिक का औद्योगिक निवेश होने का उल्लेख किया गया। इन्वेस्ट समिट में चार दशमलव अड़सठ लाख करोड़ के एमओयू पर हस्ताक्षर का दावा किया गया। कोरोना कालखंड में छप्पन हजार करोड़ का विदेशी निवेश प्रस्ताव प्राप्त होने का भी विवरण दिया गया।

उत्तर प्रदेश बना उत्तम प्रदेश: तकनीक, आय और ऊर्जा

यूपी में सैमसंग का सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित होने का उल्लेख किया गया। नोएडा में पहले डेटा सेंटर के निर्माण का दावा दर्ज है। यूपी में प्रति व्यक्ति आय दोगुनी होने का उल्लेख किया गया और दूध उत्पादन में उत्तर प्रदेश के देश में पहले स्थान पर होने की बात रिपोर्ट कार्ड में जोड़ी गई।

यूपी को इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में बताया गया और इसरो का आरएसी एस एकेडमिक सेंटर बनने का उल्लेख शामिल है। दो हजार तीस तक तेईस दशमलव पांच गीगावाट का सोलर हब प्रस्तावित होने का विवरण रिपोर्ट कार्ड में रखा गया।

सुशासन: संपत्ति जब्ती, अपराध नियंत्रण और प्रशासनिक सुधार

गुंडे माफियाओं की दो हजार करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त किए जाने का दावा रिपोर्ट कार्ड में प्रमुखता से शामिल है। दो हजार तेरह के बाद यूपी में क्राइम रेट सबसे कम होने का उल्लेख किया गया। प्रदेश में ई टेंडरिंग की व्यवस्था शुरू किए जाने की बात भी दर्ज की गई।

स्वामित्व योजना और वारासत अभियान के तहत जमीन से जुड़े आठ लाख से अधिक मामलों के निस्तारण का दावा किया गया। सभी एक हजार पांच सौ पैंतीस थानों पर महिला हेल्प डेस्क स्थापित किए जाने का उल्लेख है। प्रदेश में दो सौ तेरह नए थानों की स्थापना का भी विवरण दिया गया।

सुशासन: कानून, दंगाइयों पर कार्रवाई और धर्मांतरण रोक

दंगाइयों के खिलाफ कानून का उल्लेख रिपोर्ट कार्ड में शामिल है। लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण के खिलाफ कानून को भी सुशासन के हिस्से के रूप में रखा गया। पुलिस ढांचे, नए थानों, महिला हेल्प डेस्क और कानूनों को एक साथ अपराध नियंत्रण नीति के तहत प्रस्तुत किया गया।

शासन व्यवस्था को सख्ती और त्वरित कार्रवाई से जोड़कर बताया गया। संपत्ति जब्ती, भूमि संबंधी निस्तारण और डिजिटल प्रक्रिया को प्रशासनिक दक्षता के संकेतक के रूप में रखा गया, ताकि कानून व्यवस्था और सरकारी सेवाओं की गति बढ़ाई जा सके।

डबल इंजन का दम: बैंकिंग, बीमा और पेंशन

पीएम जनधन योजना के तहत सात दशमलव तिरेपन करोड़ खाते खोले जाने का उल्लेख रिपोर्ट कार्ड में है। स्टैंडअप इंडिया योजना के तहत चौदह हजार आठ सौ बहत्तर खाते स्वीकृत होने का विवरण दिया गया। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत पांच हजार दो सौ चौदह दावों पर एक सौ चार करोड़ का भुगतान दर्ज किया गया।

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत छत्तीस हजार सात सौ तेईस दावों पर सात सौ चौंतीस करोड़ भुगतान का उल्लेख है। इक्यावन दशमलव चालीस लाख लोगों को अटल पेंशन योजना का लाभ मिलने का भी विवरण रिपोर्ट कार्ड में शामिल है।

डबल इंजन का दम: मुद्रा, उज्ज्वला, शौचालय और आयुष्मान

मुद्रा योजना के तहत दो दशमलव नब्बे करोड़ लोगों को एक दशमलव पचास लाख करोड़ रुपये से अधिक का ऋण दिए जाने का दावा किया गया। यूपी के एक दशमलव पांच करोड़ से अधिक परिवारों को मुफ्त उज्ज्वला गैस कनेक्शन मिलने का उल्लेख है। दो दशमलव इकसठ करोड़ से अधिक शौचालय निर्माण का भी विवरण दिया गया।

आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत एक दशमलव दो करोड़ परिवारों को पांच लाख का स्वास्थ्य बीमा मिलने का उल्लेख किया गया। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से पच्चीस लाख से अधिक माताएं लाभान्वित होने की बात दर्ज है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत दो दशमलव इकतालीस करोड़ किसानों के खातों में तीस हजार करोड़ रुपये भेजे जाने का दावा किया गया।

शिक्षा: अभ्युदय, विश्वविद्यालय और संस्थान विस्तार

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत प्रतियोगी अभ्यर्थियों को परीक्षा तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग सुविधा दी गई। तीन नए राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना का उल्लेख रिपोर्ट कार्ड में शामिल है। एक सौ चौरानवे राजकीय माध्यमिक विद्यालय और इक्यावन राजकीय महाविद्यालय की स्थापना का विवरण दिया गया।

अट्ठाईस इंजीनियरिंग कॉलेज, छब्बीस पॉलीटेक्निक कॉलेज और उन्यासी आईटीआई की स्थापना का उल्लेख किया गया। दो सौ चौरासी इंटर कॉलेज की स्थापना और सात सौ इकहत्तर कस्तूरबा विद्यालयों की स्थापना का भी विवरण रिपोर्ट कार्ड में रखा गया।

शिक्षा: स्कूल कायाकल्प, सामग्री वितरण और छात्रवृत्ति

एक दशमलव पैंतीस लाख से अधिक सरकारी स्कूलों का कायाकल्प किए जाने का दावा दर्ज है। प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को निःशुल्क ड्रेस, जूते मोजे, स्कूल बैग और पुस्तकों का वितरण किया गया। बालिकाओं के लिए स्नातक तक निःशुल्क शिक्षा का प्रावधान लागू होने का उल्लेख रिपोर्ट कार्ड में है।

1.78 करोड़ से अधिक छात्र छात्राओं को तेरह हजार छह सौ करोड़ रुपये से अधिक की दशमोत्तर छात्रवृत्ति दिए जाने का दावा शामिल किया गया। शिक्षा सुधार को संस्थान विस्तार, स्कूल सुधार और आर्थिक सहायता के संयुक्त मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया।

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Mudit
Mudit
लेखक 'भारतीय ज्ञान परंपरा' के अध्येता हैं। वे पिछले एक दशक से सार्वजनिक विमर्श पर विश्लेषणात्मक लेखन कर रहे हैं। सांस्कृतिक सन्दर्भ में समाज, राजनीति, विचारधारा, शिक्षा, धर्म और इतिहास के प्रमुख प्रश्नों के रिसर्च बेस्ड प्रस्तुतिकरण और समाधान में वे पारंगत हैं। वे 'द पैम्फलेट' में दो वर्ष कार्य कर चुके हैं। वे विषयों को केवल घटना के स्तर पर नहीं, बल्कि उनके ऐतिहासिक आधार, वैचारिक पृष्ठभूमि और दीर्घकालीन प्रभाव के स्तर पर परखते हैं। इसी कारण उनके राष्ट्रवादी लेख पाठक को नई दृष्टि और वैचारिक स्पष्टता भी देते हैं। इतिहास, धर्म और संस्कृति पर उनकी पकड़ व्यापक है। उनके प्रामाणिक लेख अनेक मौकों पर राष्ट्रीय विमर्श की दिशा में परिवर्तनकारी सिद्ध हुए हैं। उनका शोधपरक लेखन सार्वजनिक संवाद को अधिक तथ्यपरक और अर्थपूर्ण बनाने पर केंद्रित है।
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