Friday, July 17, 2026

UP Govansh Sahbhagita Yojana 2026: हर गाय पर ₹1,500 महीना दे रही योगी सरकार, जानें आवेदन की पूरी प्रक्रिया

UP Govansh Sahbhagita Yojana 2026: उत्तर प्रदेश में बेसहारा और छुट्टा गोवंश लंबे समय से किसानों के लिए बड़ी समस्या रहे हैं। खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचाने से लेकर सड़क दुर्घटनाओं तक, इस समस्या का असर गांवों और शहरों दोनों पर दिखाई देता था।

इसी चुनौती का समाधान निकालने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री निराश्रित/बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना शुरू की।

इस योजना के तहत सरकार निराश्रित गोवंश को इच्छुक किसानों, पशुपालकों और पात्र परिवारों को सौंपती है तथा उनके पालन-पोषण के लिए प्रति गोवंश ₹1,500 प्रतिमाह (₹50 प्रतिदिन) की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में भेजती है।

यदि कोई व्यक्ति अधिकतम 4 गोवंश पालता है, तो उसे हर महीने ₹6,000 तक की सहायता मिल सकती है। इसके साथ ही दूध और गोबर से अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर भी मिलता है।

मुख्यमंत्री निराश्रित/बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना क्या है?

UP Govansh Sahbhagita Yojana 2026: मुख्यमंत्री निराश्रित/बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण पशुपालन एवं किसान हितैषी योजना है। इसकी शुरुआत वर्ष 2019 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा की गई थी।

योजना का उद्देश्य केवल बेसहारा गोवंश का संरक्षण करना नहीं, बल्कि किसानों और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाना तथा प्रदेश में छुट्टा पशुओं की समस्या को कम करना भी है।

इस योजना के अंतर्गत सरकारी गो-आश्रय स्थलों (गौशालाओं) में रखे गए निराश्रित गोवंश इच्छुक किसानों और पशुपालकों को सौंपे जाते हैं।

सरकार उनके रखरखाव के लिए हर महीने आर्थिक सहायता प्रदान करती है, जिससे पशुपालकों पर आर्थिक बोझ कम होता है।

योजना शुरू करने की आवश्यकता क्यों पड़ी?

UP Govansh Sahbhagita Yojana 2026: उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे गोवंश थे जिनका कोई मालिक नहीं था। ये पशु अक्सर खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचाते थे,

जिससे किसानों को भारी आर्थिक हानि होती थी। इसके अलावा सड़कों पर घूमने वाले पशुओं के कारण दुर्घटनाओं की घटनाएं भी बढ़ रही थीं।

इन समस्याओं को देखते हुए राज्य सरकार ने ऐसी व्यवस्था बनाई जिसमें बेसहारा गोवंश को जिम्मेदार पशुपालकों के संरक्षण में दिया जाए।

इससे एक ओर गोवंश को सुरक्षित आश्रय मिला, वहीं दूसरी ओर किसानों को आर्थिक सहायता और अतिरिक्त रोजगार का अवसर भी प्राप्त हुआ।

योजना का उद्देश्य

UP Govansh Sahbhagita Yojana 2026: इस योजना के कई महत्वपूर्ण उद्देश्य हैं, जिनमें प्रमुख हैं—

प्रदेश में बेसहारा एवं निराश्रित गोवंश का संरक्षण करना।
छुट्टा पशुओं से फसलों को होने वाले नुकसान को कम करना।
किसानों एवं पशुपालकों की आय में वृद्धि करना।
गरीब एवं कुपोषित परिवारों को दुधारू गाय उपलब्ध कराकर पोषण स्तर सुधारना।
गोबर एवं जैविक खेती को बढ़ावा देना।
ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन आधारित रोजगार को प्रोत्साहित करना।

योजना की मुख्य विशेषताएं

UP Govansh Sahbhagita Yojana 2026: मुख्यमंत्री निराश्रित/बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना कई विशेषताओं के कारण किसानों के लिए लाभदायक मानी जाती है।

प्रति गोवंश ₹1,500 प्रतिमाह की आर्थिक सहायता।
सहायता राशि DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।
एक व्यक्ति या परिवार अधिकतम 4 गोवंश रख सकता है।
चार गोवंश पर ₹6,000 प्रतिमाह तक की सरकारी सहायता।
सरकारी गो-आश्रय स्थल से गोवंश उपलब्ध कराया जाता है।
प्रत्येक गोवंश की Ear Tagging और पहचान सुनिश्चित की जाती है।
पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

योजना के प्रमुख लाभ

UP Govansh Sahbhagita Yojana 2026: यह योजना केवल सरकारी सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कई प्रकार के आर्थिक और सामाजिक लाभ भी प्राप्त होते हैं।

सबसे बड़ा लाभ यह है कि पशुपालक को प्रत्येक गोवंश पर ₹1,500 प्रतिमाह की सहायता मिलती है। यदि गाय दुधारू है तो दूध बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित की जा सकती है।

गोबर से जैविक खाद बनाकर खेती की लागत कम की जा सकती है और अतिरिक्त कमाई भी संभव है। कुपोषित बच्चों वाले गरीब परिवारों को दुधारू गाय मिलने से उन्हें पौष्टिक दूध उपलब्ध होता है।

वहीं दूसरी ओर बेसहारा पशुओं के कारण होने वाले फसल नुकसान और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आती है।

कौन उठा सकता है योजना का लाभ?

UP Govansh Sahbhagita Yojana 2026: इस योजना का लाभ उत्तर प्रदेश के ऐसे नागरिकों को दिया जाता है जो गोवंश का सही तरीके से पालन-पोषण करने में सक्षम हों।

प्राथमिकता निम्न वर्गों को दी जाती है—

छोटे एवं सीमांत किसान
पशुपालक
पोषण मिशन के अंतर्गत चिन्हित कुपोषित परिवार
दुग्ध समितियों से जुड़े सदस्य
प्रशिक्षित पशुमित्र
इच्छुक ग्रामीण परिवार

पात्रता (Eligibility)

UP Govansh Sahbhagita Yojana 2026: योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदकों को निर्धारित निम्नलिखित पात्रता शर्तों को पूरा करना आवश्यक होगा—

उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।
पशु रखने के लिए पर्याप्त शेड या सुरक्षित स्थान होना चाहिए।
गोवंश की उचित देखभाल करने की क्षमता होनी चाहिए।
आधार से लिंक बैंक खाता होना आवश्यक है।
गोपालन का अनुभव होने पर प्राथमिकता मिल सकती है।
एक व्यक्ति को अधिकतम चार गोवंश ही दिए जाएंगे।
योजना के अंतर्गत दिए गए गोवंश को बेचना या खुला छोड़ना प्रतिबंधित है।

आवश्यक दस्तावेज

UP Govansh Sahbhagita Yojana 2026: आवेदन करते समय सामान्यतः निम्न दस्तावेजों की आवश्यकता होती है—

आधार कार्ड
उत्तर प्रदेश का निवास प्रमाण पत्र
आधार से लिंक बैंक पासबुक
पासपोर्ट साइज फोटो
मोबाइल नंबर
पशु रखने के स्थान का विवरण या शपथ पत्र
आवश्यकता अनुसार भूमि या शेड संबंधी दस्तावेज

आवेदन कैसे करें?

वर्तमान में इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया मुख्य रूप से ऑफलाइन है।

सबसे पहले इच्छुक व्यक्ति अपने नजदीकी सरकारी पशु चिकित्सालय, खंड विकास कार्यालय (BDO Office) या मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (CMVO) कार्यालय से संपर्क करता है। वहां से आवेदन पत्र प्राप्त कर आवश्यक जानकारी भरनी होती है।

इसके बाद आधार कार्ड, बैंक पासबुक, निवास प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज आवेदन पत्र के साथ जमा किए जाते हैं।

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आवेदन के बाद क्या होता है?

UP Govansh Sahbhagita Yojana 2026: आवेदन जमा होने के बाद पशुपालन विभाग के अधिकारी आवेदक के घर का निरीक्षण करते हैं।

इसमें देखा जाता है कि पशु रखने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध है या नहीं तथा आवेदक गोवंश की उचित देखभाल कर सकेगा या नहीं।

सत्यापन पूरा होने के बाद पात्र आवेदक को जिले की सरकारी गौशाला से गोवंश सौंपा जाता है। सुपुर्दगी से पहले प्रत्येक पशु की Ear Tagging की जाती है और उसका रिकॉर्ड तैयार किया जाता है।

सहायता राशि कैसे मिलती है?

गोवंश सुपुर्द होने के बाद सरकार प्रत्येक गोवंश पर ₹1,500 प्रतिमाह की सहायता सीधे लाभार्थी के आधार से लिंक बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजती है।

यदि किसी लाभार्थी के पास चार गोवंश हैं तो उसे हर महीने ₹6,000 तक की आर्थिक सहायता प्राप्त हो सकती है।

गोवंश पालने के दौरान किन नियमों का पालन करना होगा?

योजना के अंतर्गत दिए गए गोवंश को किसी भी परिस्थिति में बेचा नहीं जा सकता और न ही उन्हें खुला छोड़ा जा सकता है।

यदि पशु बीमार हो जाए तो तुरंत पशु चिकित्सा अधिकारी को सूचना देना आवश्यक है। उपचार की व्यवस्था जिला पशुपालन विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जाती है। प्रत्येक गोवंश की पहचान बनाए रखने के लिए कान में टैग (Ear Tag) लगा होना अनिवार्य है।

योजना से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

विवरणजानकारी
योजना का नाममुख्यमंत्री निराश्रित/बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना
शुरुआतवर्ष 2019
राज्यउत्तर प्रदेश
लाभार्थीकिसान, पशुपालक, इच्छुक नागरिक एवं पात्र परिवार
सहायता राशि₹1,500 प्रति गोवंश प्रतिमाह
अधिकतम सीमा4 गोवंश प्रति व्यक्ति/परिवार
भुगतान का माध्यमDBT (Direct Benefit Transfer)
आवेदन प्रक्रियाऑफलाइन
संबंधित विभागउत्तर प्रदेश पशुपालन विभाग

हेल्पलाइन और संपर्क

UP Govansh Sahbhagita Yojana 2026: यदि योजना से संबंधित किसी प्रकार की जानकारी या सहायता चाहिए तो लाभार्थी उत्तर प्रदेश पशुपालन विभाग से संपर्क कर सकते हैं।

पशुपालन विभाग हेल्पलाइन0522-2740482
टोल फ्री नंबर1800-180-5141

मुख्यमंत्री निराश्रित/बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक ऐसी पहल है, जो एक साथ कई समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करती है।

इससे बेसहारा गोवंश को सुरक्षित संरक्षण मिलता है, किसानों की आय बढ़ती है, गरीब परिवारों को पोषण सहायता मिलती है और प्रदेश में छुट्टा पशुओं से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिलती है।

यदि आपके पास गोवंश पालन के लिए पर्याप्त स्थान और आवश्यक संसाधन हैं, तो यह योजना आर्थिक सहायता के साथ-साथ स्थायी आय का एक अच्छा माध्यम बन सकती है।

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