Monday, July 6, 2026

Tik-tok Banned You tube Allowed: ऑस्‍ट्रेलिया में बच्चों पर सोशल मीडिया बैन के बीच यूट्यूब को मिली विशेष छूट: पक्षपात के आरोपों से घिरी संचार मंत्री

Tik-tok Banned You tube Allowed: ऑस्ट्रेलिया में हाल ही में लागू हुए एक नए कानून ने डिजिटल जगत में हलचल मचा दी है। इस कानून के तहत 16 साल से कम उम्र के बच्चों को TikTok, Facebook, Instagram और Snapchat जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के इस्तेमाल से रोक दिया गया है। परंतु इसी के बीच एक नाम ऐसा भी है, जिसे इस प्रतिबंध से छूट दी गई — और वह है YouTube।

यूट्यूब को मिली यह खास छूट अब विवाद का कारण बन गई है। आरोप हैं कि ऑस्ट्रेलिया की संचार मंत्री मिशेल रोलैंड ने व्यक्तिगत रूप से YouTube के CEO नील मोहन को यह आश्वासन दिया था कि नया कानून यूट्यूब पर लागू नहीं होगा। ब्‍लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, मिशेल रोलैंड ने 9 दिसंबर 2024 को नील मोहन को एक आधिकारिक पत्र में यह गारंटी दी थी, जिसमें यूट्यूब को प्रतिबंध से मुक्त रखा गया।

बाकी कंपनियां क्यों हुईं नाराज़?

Tik-tok Banned You tube Allowed: इस फैसले के बाद Meta (Facebook और Instagram की मूल कंपनी), TikTok और Snapchat जैसी कंपनियों ने अपनी कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि YouTube और उनके प्लेटफॉर्म्स के बीच बच्चों की पहुंच और उपयोग के मामले में कोई खास अंतर नहीं है। TikTok की पैरंट कंपनी ByteDance ने इस निर्णय की तुलना एकतरफा सौदे से की, जैसे कि सॉफ्ट ड्रिंक्स पर बैन लगाकर सिर्फ Coca-Cola को अनुमति दे दी जाए।

TikTok ने सीधे तौर पर इस छूट को ‘अन्यायपूर्ण’ बताया है। उनका कहना है कि यूट्यूब भी छोटे बच्चों के बीच उतना ही लोकप्रिय है और उसका भी एल्गोरिदम और कंटेंट शॉर्ट वीडियो फॉर्मेट को प्रमोट करता है। ऐसे में यूट्यूब को छूट देना बाकी कंपनियों के लिए बाज़ार में असंतुलन पैदा करता है।

Tik-tok Banned You tube Allowed: यूट्यूब को हुआ बड़ा फायदा

प्रतिबंध के बाद यूट्यूब बच्चों के बीच एकमात्र सक्रिय सोशल मीडिया विकल्प बन गया है, जिससे उसे सीधे तौर पर फायदा पहुंचा है। नतीजतन, बच्चों का स्क्रीन टाइम अब और अधिक यूट्यूब पर केंद्रित हो गया है। इससे न केवल यूट्यूब की व्यूअरशिप बढ़ी है, बल्कि विज्ञापन से होने वाली कमाई भी अन्य प्लेटफॉर्म्स की तुलना में बढ़ गई है।

सवाल उठ रहे हैं…

Tik-tok Banned You tube Allowed: इस पूरे घटनाक्रम ने यह बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सरकार को किसी एक विशेष कंपनी को लाभ पहुंचाने का अधिकार है? क्या यह नीति-निर्माण में पारदर्शिता के अभाव को दर्शाता है? और अगर ऐसा हुआ है, तो इसका असर प्रतिस्पर्धा पर कितना व्यापक होगा?इस मामले ने न केवल ऑस्ट्रेलियाई सरकार की नीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि यह भी दिखाया है कि डिजिटल दुनिया में निष्पक्षता बनाए रखना कितना आवश्यक है। आने वाले समय में यह मामला और भी गर्मा सकता है और संभव है कि इसकी जांच की मांग भी उठे।

Tik-tok Banned You tube Allowed: निष्कर्ष

Tik-tok Banned You tube Allowed: सोशल मीडिया पर बच्चों की सुरक्षा बेहद आवश्यक है, परंतु इस सुरक्षा की आड़ में अगर किसी एक कंपनी को अनुचित लाभ दिया जाए तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के विरुद्ध जाता है। यूट्यूब को मिली छूट और बाकी कंपनियों की नाराजगी के बीच, यह मामला केवल ऑस्ट्रेलिया तक सीमित नहीं रहेगा — यह वैश्विक स्तर पर डिजिटल नीति और निष्पक्षता की नई बहस की शुरुआत कर सकता है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now
Karnika Pandey
Karnika Pandeyhttps://reportbharathindi.com/
“This is Karnika Pandey, a Senior Journalist with over 3 years of experience in the media industry. She covers politics, lifestyle, entertainment, and compelling life stories with clarity and depth. Known for sharp analysis and impactful storytelling, she brings credibility, balance, and a strong editorial voice to every piece she writes.”
- Advertisement -
- Advertisement -

Latest article