Friday, March 13, 2026

पैरों में सूजन? न करें अनदेखी, हो सकता है अंदरूनी बीमारी का गंभीर संकेत

पैरों में सूजन: दिनभर की थकान के बाद पैरों में हल्की सूजन होना आम बात मानी जाती है।

ज़्यादातर लोग इसे ज्यादा चलने, खड़े रहने या देर तक बैठे रहने का नतीजा समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।

कई बार आराम करने से सूजन अपने-आप उतर भी जाती है।

लेकिन जब यही सूजन बार-बार होने लगे, बिना किसी स्पष्ट वजह के आने लगे या फिर पैर सूजकर पत्थर जैसे सख्त महसूस हों, तो यह साधारण थकान नहीं बल्कि शरीर के भीतर चल रही किसी गंभीर समस्या की चेतावनी हो सकती है।

पैरों और टांगों में सूजन क्या होती है?

पैरों में सूजन: मेडिकल भाषा में पैरों या टांगों में होने वाली सूजन को एडिमा (Edema) कहा जाता है। यह स्थिति तब बनती है जब शरीर के निचले हिस्सों में जरूरत से ज्यादा तरल पदार्थ जमा होने लगता है।

शुरुआत में यह सूजन हल्की हो सकती है और आराम से कम भी हो जाती है, लेकिन अगर यह लंबे समय तक बनी रहे, रोज-रोज दिखाई दे या दर्द और सख्ती के साथ हो, तो इसे बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए।

जब पैर सूजकर पत्थर जैसे सख्त लगने लगें

पैरों में सूजन: अगर पैरों की सूजन इतनी बढ़ जाए कि दबाने पर गड्ढा न बने, त्वचा कड़ी महसूस हो, दर्द, लालिमा या गर्माहट दिखाई दे, तो यह संकेत हो सकता है कि समस्या सामान्य नहीं है।

ऐसे लक्षण पेरिफेरल एडिमा, दिल, किडनी, लीवर की बीमारी या खून के थक्के जैसी गंभीर स्थितियों की ओर इशारा करते हैं, जिनका समय रहते इलाज बेहद जरूरी है।

पैरों में सूजन के आम कारण

1. लाइफस्टाइल से जुड़ी आदतें

पैरों में सूजन: लंबे समय तक खड़े या बैठे रहना, टाइट जूते या मोजे पहनना, ज्यादा नमक वाला खाना और शारीरिक गतिविधि की कमी।

इन सब वजहों से पैरों में खून का प्रवाह धीमा पड़ जाता है और पानी जमा होने लगता है।

2. गर्भावस्था

पैरों में सूजन: प्रेगनेंसी के दौरान पैरों में सूजन आम बात है, लेकिन अगर इसके साथ तेज सिरदर्द, हाई ब्लड प्रेशर या आंखों के सामने झिलमिलाहट हो, तो यह प्री-एक्लेमप्सिया जैसी खतरनाक स्थिति हो सकती है।

3. चोट या मोच

पैरों में सूजन: पैर में मोच, हड्डी टूटने या मांसपेशियों में खिंचाव के कारण सूजन आती है। आमतौर पर इसमें दर्द होता है और सिर्फ एक ही पैर प्रभावित होता है।

सूजे हुए पैरों के पीछे छिपी गंभीर बीमारियां

1. दिल से जुड़ी बीमारी (Heart Failure)

जब दिल ठीक से खून पंप नहीं कर पाता, तो तरल पदार्थ पैरों में जमा होने लगता है। दोनों पैरों में सूजन, शाम के समय सूजन बढ़ना और सांस फूलना इसके आम लक्षण हैं।

2. किडनी की समस्या

किडनी का काम शरीर से अतिरिक्त पानी बाहर निकालना होता है। अगर किडनी सही से काम न करे, तो पैरों, टखनों और चेहरे पर सूजन दिखाई देने लगती है।

3. लीवर की बीमारी

पैरों में सूजन: लीवर सिरोसिस जैसी बीमारियों में पैरों, टांगों और पेट में पानी भर सकता है। ऐसे मामलों में पैर सूजकर बेहद सख्त महसूस हो सकते हैं।

4. डीप वेन थ्रोम्बोसिस (DVT)

यह एक जानलेवा स्थिति है। आमतौर पर एक ही पैर में अचानक सूजन, दर्द, लालिमा और गर्माहट महसूस होती है। अगर खून का थक्का फेफड़ों तक पहुंच जाए, तो जान को खतरा हो सकता है।

5. वैरिकोज वेन्स

पैरों की नसें कमजोर होने से वे उभर आती हैं। पैरों में भारीपन और लंबे समय तक रहने वाली सूजन इसकी पहचान है।

6. लिम्फेडेमा

पैरों में सूजन: जब शरीर की लसीका प्रणाली ठीक से काम नहीं करती, तो सूजन लगातार बनी रहती है। पैर भारी और सख्त लगते हैं और आराम करने से भी सूजन कम नहीं होती।

कब तुरंत डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?

पैरों में सूजन: अगर पैरों की सूजन अचानक बढ़ जाए, दर्द के साथ हो, लालिमा या गर्माहट महसूस हो, सांस लेने में तकलीफ हो या सूजन कई दिनों तक कम न हो, तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

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Muskaan Gupta
Muskaan Guptahttps://reportbharathindi.com/
मुस्कान डिजिटल जर्नलिस्ट / कंटेंट क्रिएटर मुस्कान एक डिजिटल जर्नलिस्ट और कंटेंट क्रिएटर हैं, जो न्यूज़ और करंट अफेयर्स की रिपोर्टिंग में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 2 साल का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने राजनीति, सामाजिक मुद्दे, प्रशासन, क्राइम, धर्म, फैक्ट चेक और रिसर्च बेस्ड स्टोरीज़ पर लगातार काम किया है। मुस्कान ने जमीनी रिपोर्टिंग के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए प्रभावशाली कंटेंट तैयार किया है। उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव और अन्य राजनीतिक घटनाक्रमों की कवरेज की है और जनता की राय को प्राथमिकता देते हुए रिपोर्टिंग की है। वर्तमान में वह डिजिटल मीडिया के लिए न्यूज़ स्टोरीज़, वीडियो स्क्रिप्ट्स और विश्लेषणात्मक कंटेंट पर काम कर रही हैं। इसके साथ ही वे इंटरव्यू, फील्ड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया जर्नलिज़्म में भी दक्ष हैं। मुस्कान का फोकस तथ्यात्मक, प्रभावशाली और जनहित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने लाने पर रहता है।
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