Friday, August 14, 2026

RG कर रेप केस: पूर्व TMC विधायक गिरफ्तार, सबूतों से छेड़छाड़ का लगा आरोप

RG कर रेप केस: पश्चिम बंगाल के चर्चित आरजी कर अस्पताल रेप-मर्डर मामले में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक निर्मल घोष को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के मुताबिक, उन्हें ओडिशा के संबलपुर से पकड़ा गया। निर्मल घोष की गिरफ्तारी उस नए मामले में हुई है,

जो 2024 में हुई पीजी ट्रेनी डॉक्टर की मौत के बाद उसके अंतिम संस्कार से जुड़ी अनियमितताओं और सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों की जांच के लिए दर्ज किया गया है।

पुलिस ने निर्मल घोष के खिलाफ गिरफ्तारी से दो दिन पहले ही FIR दर्ज की थी।

इस नए मामले में उनके अलावा पानीहाटी नगरपालिका के काउंसलर सोमनाथ डे और पीड़िता के परिवार के पड़ोसी संजीव मुखर्जी को भी आरोपी बनाया गया है।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में इन लोगों की क्या भूमिका थी और क्या किसी तरह के सबूतों को प्रभावित करने या मिटाने की कोशिश की गई थी।

9 अगस्त 2024 का मामला

आरजी कर अस्पताल में 9 अगस्त 2024 को 31 वर्षीय पीजी ट्रेनी डॉक्टर का शव सेमिनार रूम में मिला था। शुरुआती जांच के बाद उसके साथ रेप और हत्या की बात सामने आई।

इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में डॉक्टरों और आम लोगों ने विरोध प्रदर्शन किए थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच अलग स्तर पर आगे बढ़ी और बाद में एक आरोपी को अदालत ने दोषी भी ठहराया।

हालांकि, अब सामने आया अंतिम संस्कार से जुड़ा मामला मूल रेप-मर्डर जांच से अलग है।

पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि घटना के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने और वहां अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

अंतिम संस्कार को लेकर उठे कई सवाल

पुलिस के अनुसार, पीड़िता का शव पानीहाटी स्थित एक श्मशान घाट ले जाया गया था। वहां पहले से दो अन्य शव अंतिम संस्कार की प्रतीक्षा में थे।

आरोप है कि उन शवों को पीछे रखते हुए पीड़िता का अंतिम संस्कार जल्दबाजी में करा दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया को लेकर अब पुलिस दस्तावेजों और वहां मौजूद लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

सबसे बड़ा सवाल अंतिम संस्कार की सहमति से जुड़े दस्तावेजों को लेकर उठ रहा है।

जांच में यह बात सामने आने का दावा किया गया है कि कुछ दस्तावेजों पर पीड़िता के माता-पिता या परिवार के किसी करीबी सदस्य के बजाय पड़ोसियों के हस्ताक्षर थे।

इसी वजह से पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दस्तावेज किस परिस्थिति में तैयार किए गए और उन्हें किसने प्रमाणित किया।

अंतिम संस्कार की फीस पर भी सवाल

इस मामले में बीजेपी नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने भी सवाल उठाए थे।

उन्होंने अंतिम संस्कार की फीस माफ किए जाने और जरूरी दस्तावेजों पर परिवार के सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं होने का मुद्दा उठाया था।

इसके बाद मामले की दोबारा जांच के निर्देश दिए गए।

आरजी कर मामले की दूसरी बरसी के मौके पर 9 अगस्त को इस मुद्दे ने फिर जोर पकड़ा।

इसके बाद बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट को मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए और पुलिस ने नया केस दर्ज कर जांच शुरू की।

पुलिस खंगाल रही पूरी कड़ी

अब जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में किसकी क्या भूमिका थी।

पुलिस दस्तावेजों, संबंधित लोगों के बयानों और उस समय की परिस्थितियों को खंगाल रही है। निर्मल घोष की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में आगे और पूछताछ होने की संभावना है।

इस पूरे घटनाक्रम ने आरजी कर मामले से जुड़े उन सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है, जो पीड़िता की मौत के बाद उसके अंतिम संस्कार को लेकर उठे थे।

हालांकि, पुलिस की जांच अभी जारी है और आरोपों से जुड़े अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now
Madhuri
Madhurihttps://reportbharathindi.com/
पत्रकारिता में 6 वर्षों का अनुभव है। पिछले 3 वर्षों से Report Bharat से जुड़ी हुई हैं। इससे पहले Raftaar Media में कंटेंट राइटर और वॉइस ओवर आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। Daily Hunt के साथ रिपोर्टर रहीं और ETV Bharat में एक वर्ष तक कंटेंट एडिटर के तौर पर काम किया। लाइफस्टाइल, इंटरनेशनल और एंटरटेनमेंट न्यूज पर मजबूत पकड़ है।
- Advertisement -
- Advertisement -

Latest article