Monday, June 22, 2026

रणवीर सिंह बने भारत के सबसे महंगे अभिनेता, धुरंधर से 325 करोड़ रुपये की कमाई

रणवीर सिंह

अभिनेता रणवीर सिंह को लेकर फिल्म उद्योग में बड़ा दावा सामने आया है। धुरंधर फिल्म श्रृंखला की सफलता के बाद उनकी कमाई 325 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस आंकड़े के साथ उन्हें भारत का सबसे महंगा अभिनेता माना जा रहा है।

धुरंधर के दोनों भागों से बड़ी कमाई का दावा

धुरंधर के दोनों भागों में रणवीर सिंह ने भारतीय जासूस की भूमिका निभाई है। इस फिल्म श्रृंखला का निर्देशन आदित्य धर ने किया। दावा है कि दोनों फिल्मों की वैश्विक कमाई 3100 करोड़ रुपये के ग्रॉस कलेक्शन तक पहुंची।

रणवीर सिंह ने इस फिल्म के लिए परंपरागत तय फीस लेने के बजाय मुनाफे में हिस्सेदारी का रास्ता चुना था। यही फैसला उनके लिए सबसे बड़ा आर्थिक लाभ लेकर आया। फिल्म की कमाई बढ़ने के साथ उनका हिस्सा भी असाधारण रूप से बढ़ गया।

नियमित फीस छोड़कर मुनाफे में हिस्सेदारी चुनी

ट्रेड अनुमानों के अनुसार, रणवीर सिंह ने धुरंधर के लिए अपनी नियमित फीस नहीं ली। फिल्म का बजट बढ़ने पर उन्होंने स्वयं भी इस प्रोजेक्ट में पैसा लगाया। बाद में फिल्म की आय से उन्हें बड़ा हिस्सा मिलने का दावा किया गया।

उनकी कमाई में थिएट्रिकल कलेक्शन के साथ डिजिटल, सैटेलाइट और म्यूजिक राइट्स से मिली राशि का हिस्सा भी शामिल बताया गया है। इन्हीं स्रोतों से जुड़कर कुल कमाई 325 करोड़ रुपये तक पहुंचने की बात सामने आई है।

3100 करोड़ रुपये तक पहुंची फ्रेंचाइजी की कमाई

धुरंधर के दोनों भागों ने दुनियाभर में 3100 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया बताया जा रहा है। भारत में ही इन फिल्मों का नेट कलेक्शन 1900 करोड़ रुपये से अधिक रहने का दावा किया गया है।

फिल्म के मुनाफे में सबसे बड़ा हिस्सा जियो स्टूडियोज को मिला माना जा रहा है। इसके बाद आदित्य धर के बी62 स्टूडियोज का हिस्सा बताया गया। कलाकारों में रणवीर सिंह की हिस्सेदारी सबसे अधिक बताई गई है।

हालांकि, इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि अभी अभिनेता या निर्माताओं की ओर से नहीं की गई है। इसलिए 325 करोड़ रुपये की कमाई और 3100 करोड़ रुपये के कलेक्शन को अभी उद्योग से जुड़े दावों के रूप में देखा जा रहा है।

शाह रुख, रजनीकांत और अल्लू अर्जुन से आगे निकले रणवीर

रणवीर सिंह से पहले भारत में सबसे ज्यादा कमाई करने वाले अभिनेताओं में रजनीकांत का नाम सबसे आगे माना जाता था। उन्होंने 2024 में आई फिल्म जेलर से 250 करोड़ रुपये से अधिक कमाई की थी।

हिंदी फिल्म उद्योग में यह रिकॉर्ड शाह रुख खान के नाम माना जाता था। उन्होंने 2023 में पठान और जवान जैसी फिल्मों से करीब 200 करोड़ रुपये प्रति फिल्म कमाए थे। दोनों फिल्मों की सफलता ने उनकी बाजार कीमत बढ़ाई थी।

अल्लू अर्जुन ने पुष्पा 2 के लिए 200 करोड़ रुपये से अधिक फीस ली थी। प्रभास ने कल्कि 2898 एडी के लिए भी 200 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि हासिल की थी। अब रणवीर सिंह 325 करोड़ रुपये के दावे के साथ आगे बताए जा रहे हैं।

भारतीय सिनेमा में स्टार फीस का बदलता दौर

भारतीय सिनेमा में सितारों की फीस पिछले कुछ दशकों में तेजी से बढ़ी है। 90 के दशक में चिरंजीवी, कमल हासन और श्रीदेवी उन शुरुआती सितारों में गिने गए, जिन्होंने एक फिल्म के लिए 1 करोड़ रुपये फीस लेना शुरू किया था।

उस दौर के बाद शाह रुख खान, सलमान खान और आमिर खान ने हिंदी सिनेमा में सितारों की फीस का स्तर काफी ऊपर पहुंचाया। बड़े बैनर, व्यापक रिलीज और विदेशी बाजारों ने उनकी कमाई को नई ऊंचाई दी।

पिछले कुछ वर्षों में दक्षिण भारतीय सिनेमा के सितारों ने भी इस दौड़ में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। यश, अल्लू अर्जुन, प्रभास और रजनीकांत जैसे नामों ने 200 करोड़ रुपये तक की फीस या कमाई का स्तर छुआ।

अब धुरंधर की सफलता के बाद रणवीर सिंह का नाम इस सूची में सबसे ऊपर रखा जा रहा है। 1 करोड़ रुपये से शुरू हुए फीस युग से 325 करोड़ रुपये की कमाई तक पहुंचना भारतीय फिल्म कारोबार में बड़े बदलाव का संकेत है।

धुरंधर ने रणवीर के करियर को नया मोड़ दिया

धुरंधर में भारतीय जासूस की भूमिका ने रणवीर सिंह को एक बड़े एक्शन और थ्रिलर चेहरे के रूप में स्थापित किया। दोनों भागों की सफलता ने यह भी दिखाया कि लंबी फ्रेंचाइजी में स्टार की हिस्सेदारी भारी आर्थिक लाभ दे सकती है।

फिल्म की कमाई से जुड़ा यह मॉडल अब बड़े सितारों के लिए नया रास्ता बन सकता है। तय फीस के बजाय मुनाफे में हिस्सेदारी लेने का फैसला जोखिम भरा रहता है, लेकिन बड़ी सफलता मिलने पर यही तरीका कमाई को कई गुना बढ़ा देता है।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now
Mudit
Mudit
लेखक भारतीय ज्ञान परंपरा के अध्येता हैं। वे पिछले एक दशक से सार्वजनिक विमर्श पर लेखन कर रहे हैं। समाज, राजनीति, विचारधारा, शिक्षा, धर्म और इतिहास पर रिसर्च बेस्ड विश्लेषण में वे पारंगत हैं। वे 'द पैम्फलेट' में दो वर्ष कार्य कर चुके हैं। उनके शोधपरक लेख अनेक मौकों पर राष्ट्रीय विमर्श की दिशा में परिवर्तनकारी सिद्ध हुए हैं।
- Advertisement -
- Advertisement -

Latest article