रणबीर कपूर बायोग्राफी: भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ नाम ऐसे होते हैं जिनके साथ सिर्फ एक अभिनेता का करियर नहीं, बल्कि एक पूरा दौर और एक विरासत जुड़ी होती है।
रणबीर कपूर उसी ‘फर्स्ट फैमिली ऑफ बॉलीवुड’ यानी कपूर खानदान की चौथी पीढ़ी के वो वारिस हैं, जिनके कंधों पर 100 साल पुराने सुनहरे इतिहास का बोझ था।
लेकिन रणबीर की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि उन्होंने खुद को कभी इस विरासत के भारी-भरकम साये में दबने नहीं दिया।
एक ऐसे दौर में जहाँ स्टार किड्स अक्सर अपने खानदान की नकल करते नज़र आते हैं, रणबीर ने अपनी एक अलग पहचान गढ़ी एक ऐसी पहचान जो किसी फॉर्मूले पर नहीं,
बल्कि ‘इमोशनल रिस्क’ और ज़बरदस्त अभिनय पर टिकी है।
जहाँ उनके पूर्वज अपनी खास स्टाइल और लार्जर-देन-लाइफ इमेज के लिए जाने जाते थे, वहीं रणबीर ने पर्दे पर अपनी कमियों और ‘वल्नरेबिलिटी’ (भावुकता) को दिखाने का साहस किया।
उन्होंने दिखाया कि एक हीरो सिर्फ वो नहीं जो दुश्मनों को धूल चटा दे, बल्कि वो भी है जो अपनी पहचान की तलाश में भटकता है और प्यार में टूटकर बिखर जाता है।
उनकी आँखों में वो गहराई है जो बिना बोले ही हज़ारों कहानियाँ कह जाती है।
चाहे वो ‘वेक अप सिड’ का वो लापरवाह लड़का हो जो ज़िंदगी के मायने ढूँढ रहा है, ‘रॉकस्टार’ का वो जुनूनी प्रेमी जिसका संगीत उसके दर्द से निकलता है,
या ‘एनिमल’ का वो खूंखार और जटिल बेटा जो वफादारी की सारी हदें पार कर देता है रणबीर ने हर किरदार को सिर्फ निभाया नहीं,
बल्कि उसे जिया है। उन्होंने चॉकलेटी बॉय की इमेज से निकलकर खुद को एक ‘एक्टर्स एक्टर’ के रूप में स्थापित किया है।
आज वो आधुनिक हिंदी सिनेमा का वो चमकता सितारा हैं, जो मल्टीप्लेक्स में बैठी ‘क्लास’ ऑडियंस और सिंगल स्क्रीन पर सीटी बजाने वाली ‘मास’ जनता, दोनों के दिलों पर एक साथ राज करते हैं।
रणबीर कपूर सिर्फ एक स्टार नहीं, बल्कि अभिनय की वो पाठशाला बन चुके हैं जहाँ विरासत और प्रतिभा का एक दुर्लभ संगम देखने को मिलता है।
व्यक्तिगत जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पूरा नाम | रणबीर कपूर |
| निकनेम | डब्बू, गंग्लू |
| जन्म | 28 सितंबर 1982 |
| जन्मस्थान | मुंबई, महाराष्ट्र |
| उम्र (2025 तक) | लगभग 43 वर्ष |
| कद | लगभग 6 फीट |
| वजन | लगभग 78 किलो |
| स्कूल | बॉम्बे स्कॉटिश स्कूल, मुंबई |
| कॉलेज | एच. आर. कॉलेज, मुंबई |
| आगे की पढ़ाई | स्कूल ऑफ विजुअल आर्ट्स और ली स्ट्रासबर्ग थिएटर इंस्टिट्यूट, न्यूयॉर्क |
| पेशा | अभिनेता, निर्माता, बिजनेसमैन |
| पहली फिल्म | सांवरिया (2007) |
| पिता | ऋषि कपूर |
| माता | नीतू सिंह |
| पत्नी | आलिया भट्ट (शादी 2022) |
| बेटी | राहा कपूर |
| बहन | रिद्धिमा कपूर साहनी |
| अनुमानित नेटवर्थ | लगभग ₹345 करोड़ |
| राष्ट्रीयता | भारतीय |
| सिटिज़नशिप | भारतीय |
| धर्म | हिन्दू धर्म |
शाही विरासत और जड़ें
रणबीर की कहानी पेशावर की उन गलियों से शुरू होती है जहाँ उनके परदादा पृथ्वीराज कपूर ने वकालत छोड़ अभिनय का सपना देखा था।
यह एक 100 साल पुराना साम्राज्य है जिसे दादा राज कपूर (द ग्रेटेस्ट शोमैन) ने पूरी दुनिया में मशहूर किया।
दिलचस्प बात यह है कि रणबीर का नाम ‘रणबीर राज’ उनके दादा के नाम पर ही रखा गया है।
कपूर खानदान में एक पुरानी परंपरा थी कि यहाँ के लड़के पढ़ाई-लिखाई में थोड़े कच्चे होते थे और सीधे फिल्मों में कूद जाते थे,
लेकिन रणबीर ने इस सिलसिले को तोड़ा। वो अपने खानदान के पहले ऐसे पुरुष बने जिन्होंने कॉलेज की पढ़ाई पूरी की और बाकायदा न्यूयॉर्क जाकर एक्टिंग और फिल्म मेकिंग की बारीकियां सीखीं।
आज जब उन्होंने आलिया भट्ट से शादी की है, तो उन्होंने बॉलीवुड के दो सबसे शक्तिशाली ‘क्रिएटिव’ घरानों को एक कर दिया है।
अब उनकी बेटी राहा के साथ इस खानदान की पांचवीं पीढ़ी की शुरुआत हो चुकी है।
पढ़ाई और संघर्ष
रणबीर की शुरुआती पढ़ाई मुंबई के ‘बॉम्बे स्कॉटिश स्कूल’ में हुई। वो बताते हैं कि वो कोई किताबी कीड़ा नहीं थे; 10वीं में उनके 54% आए थे,
जिस पर उनके घर में जश्न मना था क्योंकि कपूर खानदान के हिसाब से यह एक बड़ा ‘रिकॉर्ड’ था!
इसके बाद वो न्यूयॉर्क गए और ‘ली स्ट्रैसबर्ग थिएटर एंड फिल्म इंस्टीट्यूट’ से मेथड एक्टिंग सीखी।
भारत लौटने के बाद उन्होंने सीधे कैमरे के सामने आने के बजाय पर्दे के पीछे काम करना चुना।
उन्होंने संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘ब्लैक’ में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया। सेट पर उनके साथ कोई ‘स्टार किड’ जैसा बर्ताव नहीं होता था।
वो फर्श साफ करने से लेकर प्रॉप्स संभालने तक का सारा काम करते थे ताकि फिल्म मेकिंग की बारीकियां ज़मीनी स्तर पर समझ सकें।
करियर का सफरनामा: एक कलाकार की ज़िद और जुनून
रणबीर कपूर का फिल्मी सफर किसी रोलर-कोस्टर सवारी से कम नहीं रहा। उन्होंने कभी सुरक्षित रास्ता नहीं चुना, बल्कि हर बार खुद को एक नई चुनौती के सामने खड़ा किया।
- शुरुआती कदम: ‘सावरिया’ की असफलता और ‘सिद्धार्थ’ का जन्म
साल 2007 में जब रणबीर ने ‘सावरिया’ से कदम रखा, तो उम्मीदें आसमान पर थीं। फिल्म भले ही फ्लॉप रही, लेकिन रणबीर की स्क्रीन प्रेजेंस ने सबको चौंका दिया।
इसके तुरंत बाद उन्होंने ‘वेक अप सिड’ जैसी फिल्म चुनी। उस वक्त इंडस्ट्री में लोग इसे ‘रिस्की’ मान रहे थे क्योंकि इसमें कोई मार-धाड़ या नाच-गाना नहीं था।
रणबीर ने ‘सिड’ के किरदार से हर उस नौजवान की कहानी कह दी जो अपनी लाइफ में थोड़ा ‘लॉस्ट’ महसूस करता है। यहीं से बॉलीवुड में ‘कमिंग ऑफ एज’ (युवाओं के बदलाव की कहानी) जॉनर की असली शुरुआत हुई।
जब रणबीर बन गए ‘नेशनल आइकन’ (2011-2013)
यह रणबीर कपूर के करियर का वो दौर था जब उन्होंने साबित कर दिया कि वो सिर्फ ‘अच्छे एक्टर’ नहीं, बल्कि ‘सुपरस्टार’ हैं।
रॉकस्टार (2011): जॉर्डन बनने के लिए रणबीर ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया था।
उन्होंने न केवल गिटार सीखा, बल्कि ऑस्कर विजेता ए.आर. रहमान के साथ घंटों बैठकर संगीत की रूह को समझा। फिल्म के क्लाइमैक्स में जब वो गाते हैं, तो उनकी आँखों का दर्द असली लगता है।
बर्फी! (2012): एक ऐसा किरदार जिसे न सुनाई देता है, न जो बोल सकता है। रणबीर ने चार्ली चैपलिन के अंदाज़ में फिज़िकल कॉमेडी का सहारा लिया और बिना एक शब्द कहे दर्शकों को हंसाया भी और रुलाया भी।
यह फिल्म उनके दादा राज कपूर साहब को एक खूबसूरत श्रद्धांजलि थी।
ये जवानी है दीवानी (2013): ‘बनी’ का किरदार निभाकर रणबीर ने हर लड़के को घुमक्कड़ी और आज़ादी के सपने दिखाए।
यह फिल्म उनके करियर की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर बनी और उन्हें ‘नंबर 1’ की रेस में सबसे आगे खड़ा कर दिया।
असफलता का दौर
हर बड़े कलाकार की तरह रणबीर ने भी बुरा वक्त देखा। ‘बॉम्बे वेलवेट’ और ‘जग्गा जासूस’ जैसी फिल्मों पर उन्होंने सालों मेहनत की, लेकिन वो बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिरीं।
मीडिया ने उन्हें ‘बीता हुआ कल’ कहना शुरू कर दिया, लेकिन रणबीर विचलित नहीं हुए। वो अक्सर कहते हैं कि “मैं अपनी सफलता को सिर पर नहीं चढ़ने देता और असफलता को दिल से नहीं लगाता।”
इसी दौरान आई ‘तमाशा’, जिसने भले ही करोड़ों न कमाए हों, लेकिन आज वो फिल्म एक ‘कल्ट’ बन चुकी है और हर वो इंसान उससे खुद को जोड़ पाता है जो समाज की भेड़चाल में फंसा हुआ है।
रणबीर की वापसी: संजू से एनिमल तक का ‘विस्फोटक’ सफर
2018 में ‘संजू’ के लिए रणबीर ने अपनी पूरी कद-काठी बदल ली। लोगों को समझ नहीं आ रहा था कि वो रणबीर को देख रहे हैं या संजय दत्त को।
इसके बाद एक लंबा ब्रेक आया, लेकिन 2023 में ‘एनिमल’ के साथ उन्होंने सारी हदें तोड़ दीं। रणविजय सिंह के किरदार में जो गुस्सा, जो पागलपन और जो ‘टॉक्सिक’ तेवर रणबीर ने दिखाए,
उसने सिनेमाघरों में आग लगा दी। यह फिल्म उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई, जिसने उन्हें ग्लोबल लेवल पर एक ‘मेगास्टार’ बना दिया।
रणबीर की एक्टिंग का ‘मैजिक’
रणबीर की सबसे बड़ी ताकत उनकी आंखें हैं। वो बिना डायलॉग के सिर्फ अपनी नज़रों से दर्द, प्यार और बेचैनी बयां कर देते हैं। डायरेक्टर्स कहते हैं कि वो एक ‘स्विच’ की तरह हैं—
कैमरा ऑन होते ही वो पूरी तरह बदल जाते हैं। वो अपनी स्क्रीन इमेज को लेकर असुरक्षित नहीं हैं; वो पर्दे पर रोने, हारने या ‘मैसी’ दिखने से नहीं डरते, इसीलिए उनके किरदार असली लगते हैं।
बिज़नेस और स्टार्टअप की दुनिया
रणबीर सिर्फ एक एक्टर नहीं, बल्कि एक स्मार्ट इन्वेस्टर भी हैं।
ARKS: 2025 में उन्होंने अपना फैशन और लाइफस्टाइल ब्रांड लॉन्च किया, जो ‘क्वाइट लग्जरी’ जूतों और कपड़ों के लिए जाना जाता है।
मुंबई सिटी FC: वो फुटबॉल के दीवाने हैं और इस टीम के को-ओनर हैं।
Gabit: उन्होंने हेल्थ-टेक स्टार्टअप में भारी निवेश किया है।
ई-स्पोर्ट्स: 2026 में उन्होंने गेमिंग इंडस्ट्री में भी कदम रख दिया है।
पर्सनल लाइफ
रणबीर की निजी ज़िंदगी हमेशा से ही अखबारों की हेडलाइन रही है। उनके शुरुआती करियर में उनकी ‘कैसानोवा’ इमेज ने खूब सुर्खियां बटोरीं।
दीपिका पादुकोण और कैटरीना कैफ के साथ उनके रिश्तों की चर्चा हर गली-नुक्कड़ पर होती थी। लेकिन वक्त के साथ रणबीर ने खुद को बदला।
2022 में उन्होंने अपनी लॉन्ग-टाइम गर्लफ्रेंड आलिया भट्ट से एक सादे समारोह में शादी की। आज वो एक फॅमिली मैन हैं।
अपनी बेटी राहा के साथ बिताए गए वक्त को दुनिया की सबसे बड़ी दौलत मानते हैं। आलिया और रणबीर की जोड़ी को बॉलीवुड की सबसे ‘पावरफुल’ जोड़ी माना जाता है।
फिल्मफेयर अवॉर्ड्स
बेस्ट डेब्यू (2008): फिल्म सावरिया के लिए।
बेस्ट एक्टर – क्रिटिक्स (2010): वेक अप सिड, अजब प्रेम की गजब कहानी और रॉकेट सिंह के लिए (तीनों फिल्मों के लिए एक साथ)।
बेस्ट एक्टर (2012): फिल्म रॉकस्टार के लिए।
बेस्ट एक्टर – क्रिटिक्स (2012): रॉकस्टार के लिए ही।
बेस्ट एक्टर (2013): फिल्म बर्फी! के लिए।
बेस्ट एक्टर (2019): फिल्म संजू के लिए।
बेस्ट एक्टर (2024): फिल्म एनिमल के लिए।
IIFA अवॉर्ड्स – कुल 7 जीत
दुनिया भर में होने वाले IIFA में भी रणबीर का जलवा
बेस्ट डेब्यू (2008): सावरिया
बेस्ट एक्टर (2012): रॉकस्टार
बेस्ट एक्टर (2013): बर्फी!
हॉट्स्ट पेयर: रॉकस्टार (नरगिस के साथ) और ये जवानी है दीवानी (दीपिका के साथ)।
विशेष सम्मान (2019): ‘पिछले 20 साल के सर्वश्रेष्ठ अभिनेता’ (बर्फी! के लिए)।
अन्य बड़े सम्मान
जी सिने अवॉर्ड्स (Zee Cine): लगभग 7 बार जीत (संजू, रॉकस्टार और बर्फी जैसी फिल्मों के लिए)।
स्क्रीन अवॉर्ड्स (Screen Awards): 4 जीत।
लोकमत स्टाइलिश अवॉर्ड्स (2024): ‘महाराष्ट्रीयन ऑफ द ईयर’।
CNN-IBN इंडियन ऑफ द ईयर: मनोरंजन के क्षेत्र में शानदार काम के लिए।
नेटवर्थ
2021 ₹300 करोड़
2022 ₹320 करोड़
2023 में ₹335 करोड़
2024 में ₹340 करोड़
2025 तक लगभग ₹345 करोड़
विवाद
रिश्तों में ‘धोखा’ और ‘Casanova’ इमेज: दीपिका पादुकोण और कैटरीना कैफ के साथ उनके हाई-प्रोफाइल ब्रेकअप्स ने बहुत शोर मचाया।
दीपिका ने नेशनल टीवी पर रणबीर की वफादारी (Infidelity) पर सवाल उठाकर उनकी इमेज एक ‘प्लेबॉय’ की बना दी थी।
‘बीफ’ कमेंट और मंदिर में पाबंदी: एक पुराने इंटरव्यू में “मुझे बीफ पसंद है” कहने की वजह से ‘ब्रह्मास्त्र’ के दौरान भारी विरोध हुआ और उन्हें उज्जैन के महाकाल मंदिर में घुसने नहीं दिया गया।
‘एनिमल’ और टॉक्सिक मर्दानगी: फिल्म Animal में उनके किरदार को ‘महिला विरोधी’ और ‘हिंसक’ बताया गया, जिस पर पूरे देश में बहस छिड़ गई थी।
महादेव बेटिंग ऐप घोटाला: सट्टेबाजी ऐप के प्रमोशन के चक्कर में उन्हें ED (प्रवर्तन निदेशालय) के दफ्तर के चक्कर काटने पड़े, जिससे उनकी साख पर सवाल उठे।
आलिया पर ‘Phailoed’ कमेंट: अपनी प्रेग्नेंट पत्नी के बढ़ते वजन का मज़ाक उड़ाने पर उन्हें सोशल मीडिया पर काफी ‘बॉडी शेमिंग’ के आरोप झेलने पड़े।
वेपिंग (Vaping) कानूनी नोटिस: हाल ही में (2025) एक शो में बिना वॉर्निंग ई-सिगरेट पीने के सीन को लेकर उन पर कानूनी शिकायत दर्ज हुई है।
बॉलीवुड के साथियों के साथ बॉन्ड
अयान मुखर्जी: ‘सोल ब्रदर्स’
रणबीर और फिल्ममेकर अयान मुखर्जी की दोस्ती बॉलीवुड की सबसे मशहूर जोड़ियों में से एक है। ये सिर्फ डायरेक्टर और एक्टर नहीं हैं, बल्कि सगे भाइयों जैसा रिश्ता रखते हैं।
वेक अप सिड से शुरू हुआ यह सफर ब्रह्मास्त्र तक एक अटूट बंधन बन चुका है। रणबीर अक्सर कहते हैं कि अयान उनकी ज़िंदगी के हर छोटे-बड़े फैसले का हिस्सा होते हैं।
संडे फुटबॉल गैंग
रणबीर को फुटबॉल का जुनून है। हर रविवार वो अभिषेक बच्चन, आदित्य रॉय कपूर, अर्जुन कपूर और वरुण धवन के साथ मुंबई के मैदानों में पसीना बहाते नज़र आते हैं।
यह उनका ‘बॉयज़ गैंग’ है जहाँ फिल्मों से हटकर सिर्फ खेल और मस्ती की बात होती है।
रणवीर सिंह: एक ‘हेल्दी’ मुकाबला
मीडिया अक्सर रणबीर और रणवीर सिंह को कट्टर दुश्मन दिखाता है, लेकिन असलियत इसके उलट है। दोनों एक-दूसरे के काम की बहुत इज़्ज़त करते हैं।
यहाँ तक कि रणबीर और आलिया, रणवीर और दीपिका के साथ मिलकर अक्सर डिनर और ट्रिप्स पर भी जाते हैं। 2026 में ये दोनों ही बॉक्स ऑफिस के सबसे बड़े खिलाड़ी माने जा रहे हैं।
विक्की कौशल: नया भाईचारा
फिल्म संजू में ‘कमली और संजू’ की जोड़ी ने जो जादू बिखेरा, वही बॉन्ड असल ज़िंदगी में भी है। विक्की कौशल के साथ उनका तालमेल बहुत ही सहज है।
अब 2026 में दोनों संजय लीला भंसाली की फिल्म लव एंड वॉर में फिर से धमाका करने के लिए तैयार हैं।
एक्स-गर्लफ्रेंड्स के साथ मैच्योरिटी
रणबीर की एक खासियत यह है कि वो अपने पास्ट (भूतकाल) को काम के बीच नहीं आने देते।
ब्रेकअप के बाद भी दीपिका पादुकोण के साथ ये जवानी है दीवानी और तमाशा जैसी बेहतरीन फिल्में करना उनकी मैच्योरिटी का सबूत है। आज दीपिका और रणबीर एक-दूसरे के बहुत अच्छे दोस्त हैं।
बड़ों का सम्मान (Khans & Seniors)
शाहरुख खान रणबीर को अपने छोटे भाई की तरह मानते हैं और अक्सर उन्हें सलाह देते हैं।
वहीं आमिर खान ने कई बार सार्वजनिक रूप से कहा है कि वो रणबीर की एक्टिंग के बहुत बड़े फैन हैं।
रणबीर हमेशा सीनियर्स के सामने बहुत विनम्र रहते हैं, जो उन्हें फिल्म इंडस्ट्री का पसंदीदा बनाता है।
कुछ अनसुने किस्से और आदतें
नंबर 8 का ‘टशन’: रणबीर नंबर 8 को अपना लकी नंबर मानते हैं। उनकी हर कार का नंबर 8 होता है।
यहाँ तक कि आलिया की फुटबॉल जर्सी और उनकी शादी की थीम्स में भी ‘8’ का ज़िक्र ज़रूर आता है।
फुटबॉल का जुनून: अगर रणबीर एक्टर न होते, तो पक्का एक फुटबॉलर होते। वो ‘मुंबई सिटी FC’ के मालिक हैं।
हर संडे अपने दोस्तों (आदित्य रॉय कपूर, अभिषेक बच्चन) के साथ फुटबॉल खेलना कभी नहीं भूलते।
खानदान के पहले ग्रेजुएट: कपूर खानदान में पढ़ाई को लेकर हमेशा से थोड़ी ढील रही है, लेकिन रणबीर ने बाकायदा कॉलेज और एक्टिंग स्कूल की डिग्री ली।
जब उनके 10वीं में 54% आए थे, तो उनकी दादी (कृष्णा राज कपूर) इतनी खुश थीं कि उन्होंने पूरे खानदान को दावत दी थी!
सीक्रेट इंस्टाग्राम: रणबीर भले ही कहें कि वो सोशल मीडिया पर नहीं हैं, लेकिन वो एक ‘फर्जी’ आईडी से सब पर नज़र रखते हैं।
उन्हें पता होता है कि कौन उनके बारे में क्या मीम बना रहा है।
मैप्स और ट्रैवल: उन्हें नक्शों का इतना शौक है कि वो घंटों बैठकर मैप्स देख सकते हैं।
उन्हें दुनिया के रास्तों और जगहों की इतनी जानकारी है कि आप उन्हें ‘चलता-फिरता एटलस’ कह सकते हैं।
विजन
2026 और उसके बाद का समय रणबीर के लिए ‘लिगेसी बिल्डिंग’ का समय है।
रामायण: वो नितेश तिवारी की महाकाव्य फिल्म ‘रामायण’ में भगवान राम का किरदार निभा रहे हैं, जिसके लिए उन्होंने अपनी डाइट और लाइफस्टाइल में बहुत कड़े बदलाव किए हैं।
डायरेक्शन की चाहत: रणबीर हमेशा से कहते आए हैं कि उनके अंदर एक डायरेक्टर छुपा है।
उन्होंने अपना एक राइटर्स रूम बनाया है और उम्मीद है कि जल्द ही वो ‘RK फिल्म्स’ के बैनर तले अपनी पहली फिल्म डायरेक्ट करेंगे।
ग्लोबल सिनेमा: ‘एनिमल’ की सफलता के बाद, उनकी नज़र अब ऐसे सिनेमा पर है जो सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में भारतीय कहानी का डंका बजाए।
By- Snigdha
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