Saturday, February 14, 2026

नेपाल: नया विवाद, नई करेंसी, नेपाल के 100 रुपये के नोट ने फिर छेड़ दिया सीमा विवाद

नेपाल के सेंट्रल बैंक ने 100 रुपये का नया नोट जारी किया है, लेकिन इसके साथ एक पुराना विवाद फिर से उभर आया है।

नए नोट पर छपे नक्शे में नेपाल ने लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा को अपने भूभाग में शामिल दिखाया है।

ये वही क्षेत्र हैं जिन्हें भारत दशकों से उत्तराखंड का हिस्सा मानता है। ऐसे में काठमांडू का यह कदम दोनों देशों के बीच संबंधों में नई तल्खी ला सकता है।

नक्शे में बदलाव क्यों किया गया?

नेपाली अधिकारियों के मुताबिक, पहले भी 100 रुपये के नोट पर नेपाल का नक्शा रहता था, लेकिन इस बार इसे 2020 में जारी किए गए राजनीतिक मानचित्र के आधार पर बदला गया है।

उस मानचित्र में तीनों इलाके नेपाल की सीमा में दिखाए गए थे।

अन्य मूल्यवर्ग के नोटों में नक्शा नहीं दिया जाता, इसलिए इस बदलाव को फिलहाल केवल 100 रुपये के नोट तक सीमित रखा गया है।

नए नोट की डिज़ाइन में क्या खास है?

नेपाल: नए नोट के सामने वाले हिस्से में बाईं ओर माउंट एवरेस्ट की तस्वीर और दाईं ओर नेपाल के राष्ट्रीय फूल का वॉटरमार्क दिया गया है।

बीच में हल्के हरे रंग की पृष्ठभूमि में नेपाल का ‘विस्तारित नक्शा’ प्रिंट किया गया है।

इसके साथ अशोक स्तंभ की छवि भी है, जिसमें बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी का उल्लेख शामिल है।

पीछे की तरफ एक सींग वाला गैंडा नजर आता है, जो नेपाल की पहचान का महत्वपूर्ण प्रतीक है।

विवाद की जड़ 2020 का राजनीतिक नक्शा

विवाद की शुरुआत साल 2020 में हुई थी जब नेपाल की तत्कालीन सरकार ने नया राजनीतिक नक्शा जारी कर तीनों इलाकों—लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा—को नेपाल का हिस्सा बताया था।

नेपाल की संसद ने भी इस नक्शे को मंजूरी दे दी थी।

भारत ने इस दावे को तथ्यहीन बताते हुए साफ कहा था कि यह ऐतिहासिक दस्तावेजों और प्रशासनिक सच्चाइयों से मेल नहीं खाता।

अब जब यही नक्शा करेंसी नोट पर छपा है, तो विवाद के फिर भड़कने की आशंका बढ़ गई है।

भारत–नेपाल सीमा विवाद आखिर है क्या?

भारत और नेपाल के बीच लगभग 1,850 किलोमीटर लंबी खुली सीमा है, जो पांच भारतीय राज्यों से सटी हुई है।

दोनों देशों की सीमा का आधार 1816 की सुगाौली संधि को माना जाता है।

विवाद की जड़ महाकाली नदी की मुख्यधारा को लेकर है।

भारत जिस धारा को मुख्य मानता है, नेपाल उसे सहायक धारा बताता है।

इसी अलग–अलग व्याख्या ने सीमा रेखा में भ्रम और वर्षों पुरानी तनातनी को जन्म दिया है।

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Muskaan Gupta
Muskaan Guptahttps://reportbharathindi.com/
मुस्कान डिजिटल जर्नलिस्ट / कंटेंट क्रिएटर मुस्कान एक डिजिटल जर्नलिस्ट और कंटेंट क्रिएटर हैं, जो न्यूज़ और करंट अफेयर्स की रिपोर्टिंग में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 2 साल का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने राजनीति, सामाजिक मुद्दे, प्रशासन, क्राइम, धर्म, फैक्ट चेक और रिसर्च बेस्ड स्टोरीज़ पर लगातार काम किया है। मुस्कान ने जमीनी रिपोर्टिंग के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए प्रभावशाली कंटेंट तैयार किया है। उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव और अन्य राजनीतिक घटनाक्रमों की कवरेज की है और जनता की राय को प्राथमिकता देते हुए रिपोर्टिंग की है। वर्तमान में वह डिजिटल मीडिया के लिए न्यूज़ स्टोरीज़, वीडियो स्क्रिप्ट्स और विश्लेषणात्मक कंटेंट पर काम कर रही हैं। इसके साथ ही वे इंटरव्यू, फील्ड रिपोर्टिंग और सोशल मीडिया जर्नलिज़्म में भी दक्ष हैं। मुस्कान का फोकस तथ्यात्मक, प्रभावशाली और जनहित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने लाने पर रहता है।
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