नागपुर धर्मांतरण: महाराष्ट्र के नागपुर जिले में कथित जबरन धर्मांतरण, बंधक बनाकर प्रताड़ित करने और हत्या के प्रयास का एक गंभीर मामला सामने आने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।
पश्चिम बंगाल की एक महिला की शिकायत पर नागपुर ग्रामीण पुलिस ने अम्मा की दरगाह से जुड़े छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस अब इस पूरे प्रकरण की विशेष जांच कर रही है, जबकि तीन आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है और अन्य की तलाश जारी है।
उर्स कार्यक्रम के दौरान महिला को बनाया गया निशाना
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, पीड़िता पश्चिम बंगाल की रहने वाली है और पिछले कुछ वर्षों से नागपुर ग्रामीण क्षेत्र के पारशिवनी स्थित अम्मा की दरगाह में आयोजित उर्स कार्यक्रम में शामिल होने आती रही थी।
महिला का आरोप है कि इस वर्ष अप्रैल में आयोजित उर्स के दौरान उसे कथित तौर पर एक सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया गया।
शिकायत में कहा गया है कि 18 और 19 अप्रैल की रात उसे उसकी इच्छा के विरुद्ध दरगाह परिसर के एक कमरे में रोका गया।
इस दौरान उस पर अपना धर्म छोड़कर इस्लाम स्वीकार करने का दबाव बनाया गया।
महिला का आरोप है कि उससे जबरन धार्मिक प्रार्थना पढ़ने और विशेष पहनावा अपनाने के लिए कहा गया।
विरोध करने पर मारपीट और जान से मारने की कोशिश का आरोप
पीड़िता का कहना है कि जब उसने धर्म परिवर्तन के कथित दबाव का विरोध किया तो उसके साथ हिंसक व्यवहार किया गया।
शिकायत के मुताबिक, आरोपितों ने उसके साथ मारपीट की और विभिन्न वस्तुओं से हमला किया।
महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि उसका गला दबाकर हत्या करने की कोशिश की गई।
कथित तौर पर कई घंटों तक प्रताड़ना झेलने के बाद वह किसी तरह वहां से निकलने में सफल रही और पश्चिम बंगाल लौट गई।
अपने गृह राज्य पहुंचने के बाद उसने चिकित्सा उपचार कराया और पूरी घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी।
पश्चिम बंगाल में दर्ज हुई जीरो FIR
चूंकि घटना महाराष्ट्र के नागपुर जिले से जुड़ी थी, इसलिए सबसे पहले पश्चिम बंगाल के दमदम थाने में जीरो एफआईआर दर्ज की गई।
बाद में कानूनी प्रक्रिया के तहत मामला नागपुर ग्रामीण पुलिस को भेज दिया गया।
शिकायत मिलने के बाद कन्हान पुलिस ने जांच तेज करते हुए एक टीम को पश्चिम बंगाल भेजा,
जहां पीड़िता के बयान दर्ज किए गए और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि की गई।
तीन आरोपी गिरफ्तार, तीन की तलाश जारी
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दरगाह के मुख्य खादिम ताजी तनवीरुद्दीन, उसके बेटे ताजी मुस्ताफिजुद्दीन और एक अन्य आरोपी तेजस खोबरागड़े को गिरफ्तार कर लिया है।
वहीं दो महिलाओं समेत तीन अन्य आरोपित अभी भी फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपितों के खिलाफ हत्या के प्रयास, अवैध रूप से बंधक बनाने,
मारपीट और कथित जबरन धर्मांतरण से संबंधित गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
SIT कर रही मामले की जांच
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।
जांच के दौरान कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कई सवालों के घेरे में मामला
इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। एक ओर पीड़िता ने गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की सत्यता और परिस्थितियों की पड़ताल कर रही हैं।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ जारी है और फरार लोगों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमों को लगाया गया है।

