Friday, May 29, 2026

मथुरा में भंडारे के विवाद से खूनी संघर्ष, परिक्रमा मार्ग में गोलीबारी

मथुरा

पुरानी रंजिश भड़की, परिस्थिति बिगड़ी

महोली गांव में पार्षद प्रतिनिधि और स्थानीय निवासी चंद्रपाल के बीच लगभग छह महीने पहले गंभीर झड़प हुई थी। उस समय गांव के जिम्मेदार लोगों ने बीच में आकर मामला शांत कराया था, लेकिन विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ था।

28 मई को मोटरसाइकिल टकराने और परिक्रमा मार्ग पर भंडारा लगाने को लेकर दोनों पक्ष पुनः आमने-सामने आ गए। तीखी बहस धीरे-धीरे हिंसक संघर्ष में बदल गई और स्थिति नियंत्रण से बाहर निकल गई।

खुली गोलीबारी में छह घायल

सीसीटीवी फुटेज स्पष्ट दिखाता है कि कैसे दोनों पक्षों के लोग एक दूसरे पर निर्भीकता से गोलियां बरसा रहे हैं। यह दृश्य पूरी तरह हैरान करने वाला था और कानून-व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है।

इस गोलीबारी और हिंसक झड़प में कुल छह लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया। पुलिस सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण करके गोली चलाने वाले अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।

पुलिस की तत्काल कार्रवाई

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। एसएसपी श्लोक कुमार ने इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए तुरंत कार्रवाई की। पुलिस ने छह आरोपियों को तत्काल हिरासत में लेकर अवैध हथियार बरामद किए।

एसएसपी ने बताया कि गंभीर और कठोर धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया जा रहा है। हिरासत में लिए गए छह व्यक्तियों से गहन पूछताछ की जा रही है और उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई चल रही है।

पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई

इस बड़ी घटना के बाद एसएसपी ने थाना हाईवे के प्रभारी निरीक्षक शैलेंद्र कुमार को तत्काल लाइन हाजिर कर दिया। उनके स्थान पर निरीक्षक प्रशांत कपिल को नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है।

इसके साथ ही चौकी औद्योगिक क्षेत्र और पन्ना पोखर पर तैनात उपनिरीक्षक संदीप कुमार तथा आरक्षी आदर्श कुमार को प्रारंभिक रूप से दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया गया है। पुरानी रंजिश में पुलिस की भूमिका की भी विस्तृत जांच चल रही है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और जवाबदेही की मांग

सपा और कांग्रेस ने इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करके प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाए हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह विफल हो गई है।

एसएसपी श्लोक कुमार ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी पुलिसकर्मी का कोई दोष पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुरानी रंजिश को लेकर पुलिस की निष्क्रियता की भी जांच में शामिल किया गया है।

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Mudit
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लेखक भारतीय ज्ञान परंपरा के अध्येता हैं। वे पिछले एक दशक से सार्वजनिक विमर्श पर लेखन कर रहे हैं। समाज, राजनीति, विचारधारा, शिक्षा, धर्म और इतिहास पर रिसर्च बेस्ड विश्लेषण में वे पारंगत हैं। वे 'द पैम्फलेट' में दो वर्ष कार्य कर चुके हैं। उनके शोधपरक लेख अनेक मौकों पर राष्ट्रीय विमर्श की दिशा में परिवर्तनकारी सिद्ध हुए हैं।
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