Friday, July 3, 2026

Male Fertility: सिर्फ सिगरेट-तंबाकू नहीं, ये आदतें भी कर सकती हैं स्पर्म काउंट कम; पिता बनने में आ सकती है परेशानी

Male Fertility: आज के समय में पुरुषों में कम स्पर्म काउंट (Low Sperm Count) की समस्या तेजी से बढ़ रही है।

आमतौर पर लोग मानते हैं कि इसका सबसे बड़ा कारण सिर्फ सिगरेट या तंबाकू का सेवन है, लेकिन ऐसा नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, खराब लाइफस्टाइल, तनाव, मोटापा और कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी पुरुषों की प्रजनन क्षमता (Fertility) को प्रभावित कर सकती हैं।

यदि समय रहते इन कारणों पर ध्यान न दिया जाए, तो भविष्य में पिता बनने में कठिनाई हो सकती है।

क्या होता है लो स्पर्म काउंट?

पुरुष के वीर्य (Semen) में मौजूद स्पर्म की संख्या सामान्य से कम होने की स्थिति को लो स्पर्म काउंट या ओलिगोस्पर्मिया (Oligospermia) कहा जाता है।

हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यदि एक मिलीलीटर वीर्य में 1.5 करोड़ (15 मिलियन) से कम स्पर्म मौजूद हों, तो इसे सामान्य से कम माना जाता है।

वहीं, यदि वीर्य में स्पर्म बिल्कुल न हों, तो इस स्थिति को एजोस्पर्मिया (Azoospermia) कहा जाता है। ऐसी स्थिति में प्राकृतिक रूप से गर्भधारण की संभावना काफी कम हो सकती है।

क्या होता है लो स्पर्म काउंट?

पुरुष के वीर्य (Semen) में मौजूद स्पर्म की संख्या सामान्य से कम होने की स्थिति को लो स्पर्म काउंट या ओलिगोस्पर्मिया (Oligospermia) कहा जाता है।

हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यदि एक मिलीलीटर वीर्य में 1.5 करोड़ (15 मिलियन) से कम स्पर्म मौजूद हों, तो इसे सामान्य से कम माना जाता है। वहीं, यदि वीर्य में स्पर्म बिल्कुल न हों, तो इस स्थिति को एजोस्पर्मिया (Azoospermia) कहा जाता है। ऐसी स्थिति में प्राकृतिक रूप से गर्भधारण की संभावना काफी कम हो सकती है।

किन संकेतों से पहचानें समस्या?

लो स्पर्म काउंट का सबसे बड़ा संकेत यह है कि लंबे समय तक प्रयास करने के बावजूद गर्भधारण नहीं हो पाता। हालांकि कई पुरुषों में इसके कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते।

कुछ मामलों में निम्नलिखित समस्याएं भी देखने को मिल सकती हैं—

यौन इच्छा में कमी
इरेक्शन से जुड़ी परेशानी
अंडकोष (Testicles) में दर्द या सूजन
अंडकोष में गांठ महसूस होना
हार्मोन असंतुलन से जुड़ी अन्य समस्याएं

यदि ऐसे लक्षण लगातार बने रहें, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

सिर्फ धूम्रपान नहीं, ये कारण भी घटा सकते हैं स्पर्म काउंट

स्पर्म काउंट कम होने के पीछे सिर्फ सिगरेट या तंबाकू जिम्मेदार नहीं होते। कई अन्य कारण भी पुरुषों की प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं, जैसे—

मोटापा और बढ़ता वजन
लगातार मानसिक तनाव
जरूरत से ज्यादा शराब का सेवन
नशीले पदार्थों का इस्तेमाल
हार्मोनल असंतुलन
थायरॉयड संबंधी बीमारी
वैरिकोसील (Varicocele)
प्रजनन तंत्र से जुड़े संक्रमण
कुछ दवाओं का लंबे समय तक सेवन

इन सभी कारणों का असर स्पर्म की संख्या के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता पर भी पड़ सकता है।

कब करानी चाहिए डॉक्टर से जांच?

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बिना किसी गर्भनिरोधक के नियमित संबंध बनाने के बाद भी एक साल तक गर्भधारण न हो, तो पुरुष और महिला दोनों को डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

इसके अलावा, जिन पुरुषों को पहले कभी अंडकोष, प्रोस्टेट या यौन स्वास्थ्य से जुड़ी कोई समस्या रही हो, उन्हें जांच कराने में देरी नहीं करनी चाहिए। समय पर जांच से बीमारी का सही कारण पता लगाया जा सकता है और इलाज भी जल्दी शुरू हो सकता है।

क्या लो स्पर्म काउंट का इलाज संभव है?

लो स्पर्म काउंट का मतलब हमेशा बांझपन नहीं होता। आज चिकित्सा विज्ञान में कई ऐसे विकल्प उपलब्ध हैं, जिनकी मदद से इस समस्या का इलाज किया जा सकता है।

डॉक्टर जरूरत के अनुसार दवाएं, हार्मोन थेरेपी, लाइफस्टाइल में बदलाव या आधुनिक फर्टिलिटी ट्रीटमेंट की सलाह दे सकते हैं। सही समय पर उपचार शुरू होने से पिता बनने की संभावना बढ़ सकती है।

स्पर्म काउंट बेहतर रखने के लिए अपनाएं ये आदतें

पुरुष अपनी रोजमर्रा की कुछ अच्छी आदतों से स्पर्म की गुणवत्ता और संख्या दोनों को बेहतर बना सकते हैं।

संतुलित और पौष्टिक भोजन करें।
नियमित व्यायाम को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
वजन को नियंत्रित रखें।
तनाव कम करने की कोशिश करें।
पर्याप्त नींद लें।
धूम्रपान, तंबाकू और शराब से दूरी बनाएं।
किसी भी दवा का लंबे समय तक सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

डिस्क्लेमर
यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या, जांच या उपचार के लिए योग्य डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह लेना आवश्यक है।

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Karnika Pandey
Karnika Pandeyhttps://reportbharathindi.com/
“This is Karnika Pandey, a Senior Journalist with over 3 years of experience in the media industry. She covers politics, lifestyle, entertainment, and compelling life stories with clarity and depth. Known for sharp analysis and impactful storytelling, she brings credibility, balance, and a strong editorial voice to every piece she writes.”
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