मासूम के साथ हैवानियत: राजस्थान के कोटा शहर के सोगरिया इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है।
10 वर्षीय एक बच्चा 25 मई की दोपहर घर से खेलने के लिए निकला था, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा।
परिजनों ने पहले अपने स्तर पर उसकी तलाश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई।
CCTV फुटेज से मिला अहम सुराग
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
जांच के दौरान एक फुटेज में 16 वर्षीय किशोर बच्चे को अपने साथ ले जाता हुआ दिखाई दिया।
यह फुटेज पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सुराग साबित हुई और इसके आधार पर संदिग्ध किशोर को हिरासत में लिया गया।
पूछताछ में खुला राज
पुलिस की पूछताछ के दौरान किशोर ने अपराध से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य बताए।
जांच में सामने आया कि वह बच्चे को बहला-फुसलाकर सुनसान जंगल क्षेत्र की ओर ले गया था।
इसके बाद उसने बच्चे के साथ गंभीर अपराध किया और बाद में उसकी हत्या कर दी।
जंगल से बरामद हुआ शव
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने जंगल क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया। तलाश के दौरान बच्चे का शव बरामद किया गया।
शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, जबकि घटनास्थल से अन्य साक्ष्य भी जुटाए गए। पुलिस मामले के हर पहलू की गहन जांच कर रही है।
पॉक्सो और हत्या का मामला दर्ज
पुलिस ने आरोपी किशोर के खिलाफ हत्या और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
चूंकि आरोपी नाबालिग है, इसलिए उसे किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश करने के बाद किशोर गृह भेज दिया गया।
इलाके में शोक और आक्रोश
घटना के सामने आने के बाद पूरे सोगरिया क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है।
सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अभिभावकों, समाज और प्रशासन को मिलकर बच्चों की सुरक्षा के प्रति अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है,
ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

