जम्मू-कश्मीर में सेना की गाड़ी फिसली: जम्मू-कश्मीर के दुर्गम पहाड़ी इलाके में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है।
बर्फ से ढकी सड़क पर फिसलन के कारण भारतीय सेना की एक गाड़ी अनियंत्रित होकर करीब 400 फीट गहरी खाई में जा गिरी।
इस भीषण दुर्घटना में 10 वीर जवानों ने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए, जबकि 11 जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हादसे ने पूरे देश को शोक में डुबो दिया है।
कैसे हुआ हादसा
जम्मू-कश्मीर में सेना की गाड़ी फिसली: जानकारी के अनुसार, सेना की यह गाड़ी नियमित ड्यूटी पर तैनात जवानों को लेकर पहाड़ी मार्ग से गुजर रही थी।
क्षेत्र में लगातार बर्फबारी के कारण सड़क पर मोटी बर्फ जमी हुई थी। जैसे ही वाहन एक तीखे मोड़ पर पहुंचा, पहियों का संतुलन बिगड़ गया,
जिससे गाड़ी फिसलते हुए गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना अचानक था कि संभलने का कोई मौका ही नहीं मिला।
चुनौतीपूर्ण हालात में किया गया बचाव कार्य
हादसे की सूचना मिलते ही सेना, स्थानीय प्रशासन और आपदा राहत दल मौके पर पहुंचे। कड़ाके की ठंड, बर्फबारी और दुर्गम भूभाग के बावजूद राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया।
कई घंटों की मशक्कत के बाद घायल जवानों को खाई से बाहर निकाला गया और नजदीकी सैन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
गंभीर रूप से घायल जवानों की हालत पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है।
देश के शहीद जवानों को सलाम
जम्मू-कश्मीर में सेना की गाड़ी फिसली: इस हादसे में शहीद हुए 10 जवान देश की सुरक्षा में तैनात थे और कर्तव्य निभाते हुए वीरगति को प्राप्त हुए।
उनकी शहादत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि हमारी सीमाओं की रक्षा कितने कठिन और जोखिम भरे हालात में की जाती है।
पूरे सैन्य समुदाय में शोक की लहर है और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया गहरा शोक
हादसे पर प्रधानमंत्री और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने शहीद जवानों को नमन करते हुए कहा कि देश उनकी कुर्बानी को कभी नहीं भूलेगा।
साथ ही घायल जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया गया।
सेना की ओर से हादसे की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन परिस्थितियों में दुर्घटना हुई और भविष्य में ऐसे हादसों को कैसे रोका जा सकता है।
बर्फीले इलाकों में तैनाती के दौरान वाहनों की सुरक्षा और मौसम संबंधी सावधानियों को और मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि हमारे जवान सिर्फ सीमा पर ही नहीं, बल्कि हर दिन जान जोखिम में डालकर देश की सेवा करते हैं। उनकी शहादत और बलिदान के आगे पूरा देश नतमस्तक है।

