होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण बढ़ाने की तैयारी में ईरान
ईरान होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ऐसा कदम उठाने जा रहा है, जिसका असर वैश्विक तेल कारोबार और समुद्री व्यापार पर सीधे पड़ सकता है। ईरानी संसद आज इस रणनीतिक जलमार्ग के प्रबंधन को औपचारिक कानूनी दर्जा देने वाले बिल पर वोटिंग करेगी।
माना जा रहा है कि प्रस्ताव पारित होने के बाद ईरान होर्मुज स्ट्रेट पर अपने नियंत्रण को और मजबूत करने की कोशिश करेगा। इस कदम को समुद्री मार्गों, तेल टैंकरों और व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही पर ईरान की निर्णायक पकड़ से जोड़कर देखा जा रहा है।
ईरान और ओमान को ही संचालन का अधिकार बताने का दावा
ईरानी संसद के प्रेसीडिंग बोर्ड के सदस्य अलेद्दीन सलिमी ने कहा है कि सांसद होर्मुज स्ट्रेट के प्रबंधन को कानून का रूप देने पर अंतिम निर्णय के करीब पहुंच चुके हैं। उनके अनुसार इस जलमार्ग के संचालन का अधिकार केवल ईरान और ओमान के पास है।
सलिमी ने यह भी बताया कि इस मुद्दे पर ओमान के साथ बातचीत शुरू हो चुकी है। शुरुआती स्तर पर सकारात्मक संकेत मिलने की बात कही गई है। ईरान को उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच जल्द ही कोई औपचारिक व्यवस्था बन सकती है।
टोल और कानूनी नियंत्रण की दिशा में बड़ा कदम
होर्मुज स्ट्रेट पर प्रबंधन को कानूनी रूप देने की प्रक्रिया को ईरान की ओर से संभावित टोल व्यवस्था की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि संसद प्रस्ताव पारित करती है, तो ईरान इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर नए नियम लागू कर सकता है।
यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत अहम माना जाता है। तेल टैंकरों और व्यापारिक जहाजों की बड़ी आवाजाही इसी रास्ते से होती है। ऐसे में ईरान का कोई भी नया कानूनी कदम अंतरराष्ट्रीय बाजार और समुद्री सुरक्षा दोनों को प्रभावित कर सकता है।
ईरानी सेना ने पूर्ण नियंत्रण का दावा किया
ईरान के सैन्य मुख्यालय ने दावा किया है कि होर्मुज स्ट्रेट पर ईरानी सशस्त्र बल पूरी तरह नियंत्रण बनाए हुए हैं। ईरान का कहना है कि व्यावसायिक जहाजों और तेल टैंकरों को उन्हीं समुद्री मार्गों से गुजरना होगा, जिन्हें ईरान निर्धारित करेगा।
ईरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि जहाजों को इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी की नौसेना से अनुमति लेनी होगी। इस व्यवस्था के जरिए ईरान होर्मुज स्ट्रेट में प्रवेश और आवाजाही पर सीधा नियंत्रण स्थापित करना चाहता है।
सैन्य जहाजों को ईरान की चेतावनी
ईरानी सेना ने चेतावनी दी है कि यदि कोई सैन्य जहाज होर्मुज स्ट्रेट के प्रबंधन में हस्तक्षेप करने या समुद्री यातायात बाधित करने की कोशिश करता है, तो उसका जवाब दिया जाएगा। इस चेतावनी से क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
ईरान का रुख साफ है कि होर्मुज स्ट्रेट उसके क्षेत्रीय हितों और समुद्री अधिकारों से जुड़ा मुद्दा है। वह इस जलमार्ग के संचालन में बाहरी हस्तक्षेप स्वीकार करने के पक्ष में नहीं दिख रहा। यही कारण है कि सैन्य स्तर पर भी सख्त संदेश दिया गया है।
अमेरिका और ईरान के दावों में बड़ा अंतर
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और ईरान के दावे एक दूसरे से अलग हैं। ईरानी पक्ष का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नाकेबंदी हटाने का दावा किए जाने के बावजूद ईरानी जहाजों को अब भी इस मार्ग से गुजरने में कठिनाई हो रही है।
दूसरी ओर अमेरिकी नेतृत्व वाले जॉइंट मेरिटाइम इन्फोर्मेशन सेंटर ने अपने ताजा नोटिस में कहा है कि ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी अब भी लागू है। संगठन ने चेतावनी दी है कि नियमों और प्रतिबंधों का पालन न करने वाले जहाजों पर कार्रवाई हो सकती है।
जहाजों को रोकने तक की चेतावनी
जॉइंट मेरिटाइम इन्फोर्मेशन सेंटर ने साफ कहा है कि प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वाले जहाजों को रोका जा सकता है। उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है। इससे स्पष्ट है कि अमेरिका और उसके सहयोगी अभी ईरानी बंदरगाहों पर दबाव बनाए रखना चाहते हैं।
ईरान की संसद में आज होने वाली वोटिंग इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच बेहद अहम मानी जा रही है। यदि बिल पारित होता है, तो होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण, टोल व्यवस्था, समुद्री मार्गों और वैश्विक तेल व्यापार को लेकर नया विवाद खड़ा हो सकता है।

