Spice Storage Tips: बारिश का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है, लेकिन इस दौरान हवा में नमी काफी बढ़ जाती है। इसका असर घर की रसोई में रखे सामान पर भी पड़ता है।
खासकर मसाले नमी को जल्दी सोख लेते हैं। हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, जीरा और दूसरे मसालों में नमी आने से गुठलियां बनने लगती हैं।
कई बार मसालों की खुशबू और स्वाद भी कम हो जाता है। ज्यादा नमी होने पर उनमें फफूंद लगने का खतरा भी रहता है।
ऐसे में अक्सर लोग मसालों को खराब समझकर फेंक देते हैं। हालांकि, अगर मसालों में केवल हल्की नमी आई है और उनमें फफूंद या खराब गंध नहीं है, तो कुछ आसान तरीकों से उन्हें फिर से सूखा और इस्तेमाल लायक बनाया जा सकता है।
मसालों को धूप में सुखाएं
अगर मसाले में सिर्फ नमी आई है और उसका रंग, खुशबू और स्वाद सामान्य है, तो उसे सबसे पहले अच्छी तरह सुखाएं।
इसके लिए मसाले को एक साफ और सूखी प्लेट या ट्रे में पतली परत में फैला दें। इसके बाद इसे कुछ घंटों के लिए धूप में रख सकते हैं।
धूप मसाले में मौजूद अतिरिक्त नमी को कम करने में मदद करती है। हालांकि, मसाले को सुखाने के बाद पूरी तरह ठंडा होने दें और तभी उसे डिब्बे में भरें।
गर्म मसाले को तुरंत बंद डिब्बे में रखने से अंदर भाप बन सकती है, जिससे दोबारा नमी आने का खतरा रहता है।
धूप न निकले तो हल्की आंच का करें इस्तेमाल
मानसून में कई दिनों तक धूप नहीं निकलती। ऐसे समय में मसालों को बहुत हल्की आंच पर थोड़ी देर गर्म किया जा सकता है।
इसके लिए साफ और सूखी कड़ाही या पैन का इस्तेमाल करें। मसाले को लगातार चलाते रहें और तेज आंच से बचें।
मसालों को ज्यादा गर्म करने से उनका स्वाद, रंग और खुशबू प्रभावित हो सकती है। इसलिए केवल इतनी गर्मी दें कि अतिरिक्त नमी कम हो जाए।
इसके बाद मसाले को किसी प्लेट में निकालकर पूरी तरह ठंडा करें।
गुठलियां बन गई हैं तो ऐसे करें ठीक
बारिश के मौसम में पाउडर वाले मसालों में छोटी-बड़ी गुठलियां बनना आम बात है। अगर मसाला खराब नहीं हुआ है, तो पहले उसे अच्छी तरह सुखा लें। इसके बाद गुठलियों को हल्के हाथ से तोड़कर मिक्सर में पीस सकते हैं।
पीसने के बाद मसाले को छलनी से छान लें। इससे बड़े टुकड़े अलग हो जाएंगे और मसाला फिर से बारीक हो जाएगा।
ध्यान रखें कि यह तरीका केवल उसी मसाले के लिए अपनाएं जिसमें फफूंद, अजीब गंध या खराब होने के अन्य संकेत न हों।
फफूंद लगे मसाले को दोबारा इस्तेमाल न करें
मसालों को बचाने की कोशिश में सेहत से समझौता नहीं करना चाहिए। अगर किसी मसाले में फफूंद साफ दिखाई दे रही है,
उसका रंग असामान्य हो गया है या उसमें सीलन जैसी अजीब गंध आ रही है, तो उसे इस्तेमाल करने के बजाय फेंक देना बेहतर है।
सिर्फ ऊपर की परत हटाकर बाकी मसाले को इस्तेमाल करना भी सही तरीका नहीं माना जाता, क्योंकि खराबी अंदर तक फैल सकती है।
मसालों को नमी से बचाएं?
मसालों को सुखाने के बाद उन्हें सही तरीके से स्टोर करना भी बहुत जरूरी है। हमेशा पूरी तरह सूखे और साफ एयरटाइट डिब्बे का इस्तेमाल करें।
कांच या अच्छी गुणवत्ता वाले एयरटाइट कंटेनर में मसाले रखने से उन्हें नमी से बचाने में मदद मिल सकती है।
मसालों के डिब्बे को गैस चूल्हे, सिंक या ऐसी जगह पर न रखें जहां भाप और पानी आसानी से पहुंचता हो। रसोई में कोई सूखी और साफ जगह चुनें।
मसाला निकालते समय हमेशा सूखे चम्मच का इस्तेमाल करें और इस्तेमाल के तुरंत बाद डिब्बे का ढक्कन अच्छी तरह बंद कर दें।
बारिश के मौसम में थोड़ी सावधानी रखकर मसालों को लंबे समय तक ताजा और खुशबूदार रखा जा सकता है।
सबसे जरूरी बात यह है कि हल्की नमी वाले मसालों को समय रहते सुखा लें, लेकिन फफूंद या खराब गंध वाले मसालों को इस्तेमाल करने का जोखिम न लें।

